#नईदिल्ली #राज्यसभाचुनाव : निर्वाचन आयोग ने 26 सीटों पर चुनाव कार्यक्रम जारी किया।
भारत निर्वाचन आयोग ने 12 राज्यों की राज्यसभा की 26 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा कर दी है। इन सीटों पर मतदान 18 जून 2026 को होगा, जबकि मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे से शुरू की जाएगी। जून और जुलाई 2026 में कई सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिसके बाद इन सीटों पर नए प्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए आयोग ने विशेष दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।
- निर्वाचन आयोग ने 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों पर चुनाव कार्यक्रम घोषित किया।
- 18 जून 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा।
- झारखंड, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों की सीटें शामिल।
- शिबू सोरेन की रिक्त सीट सहित कई दिग्गज नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
- चुनाव प्रक्रिया के लिए 1 जून को अधिसूचना जारी होगी, जबकि 8 जून नामांकन की अंतिम तिथि तय।
- आयोग ने मतदान में केवल अधिकृत वायलेट स्केच पेन के इस्तेमाल का निर्देश दिया।
भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा की रिक्त होने वाली सीटों पर चुनाव की प्रक्रिया शुरू करते हुए आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया है। जून और जुलाई 2026 में कई सांसदों का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है, जिसके चलते 12 राज्यों की कुल 26 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि संपूर्ण प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार 1 जून 2026 को अधिसूचना जारी होगी। इसके बाद 8 जून तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 11 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 18 जून को होगा और उसी दिन मतगणना भी कराई जाएगी।
किन राज्यों में होंगे चुनाव
राज्यसभा की जिन सीटों पर चुनाव होने जा रहे हैं उनमें आंध्र प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, कर्नाटक और मिजोरम सहित कुल 12 राज्यों की सीटें शामिल हैं।
इन सीटों पर कई बड़े नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। झारखंड की सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की रिक्त सीट भी शामिल है। वहीं कर्नाटक से पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का कार्यकाल भी समाप्त होने जा रहा है।
चुनाव कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा
निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तिथियों का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया है।
प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं
- अधिसूचना जारी होने की तिथि – 1 जून 2026
- नामांकन की अंतिम तिथि – 8 जून 2026
- नामांकन पत्रों की जांच – 9 जून 2026
- नाम वापसी की अंतिम तिथि – 11 जून 2026
- मतदान – 18 जून 2026
- मतगणना – 18 जून 2026 शाम 5 बजे
- चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने की तिथि – 20 जून 2026
निर्वाचन आयोग ने कहा है कि मतदान के दौरान केवल रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उपलब्ध कराए गए विशेष वायलेट स्केच पेन का ही उपयोग किया जाएगा। किसी अन्य पेन के उपयोग की अनुमति नहीं होगी।
कई दिग्गज नेताओं का कार्यकाल होगा समाप्त
इन चुनावों में कई वरिष्ठ और चर्चित नेताओं की सीटें दांव पर होंगी। जिन नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है उनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
आंध्र प्रदेश
- आयोध्या रामी रेड्डी अल्ला
- परिमल नथवानी
- पिल्ली सुभाषचंद्र बोस
- सना सतीश बाबू
गुजरात
- रामभाई हरजीभाई मोकारिया
- अमीन नरहरी हिराभाई
- गोहिल शक्तिसिंहजी हरिचंद्रसिंहजी
- रमिला बेचरभाई बारा
झारखंड
- दीपक प्रकाश
- शिबू सोरेन की रिक्त सीट
मध्य प्रदेश
- जॉर्ज कुरियन
- दिग्विजय सिंह
- सुमेर सिंह सोलंकी
कर्नाटक
- नारायणा कोरगप्पा
- इरन्ना कडाडी
- एच. डी. देवेगौड़ा
- मल्लिकार्जुन खड़गे
इनके अलावा राजस्थान, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम की सीटों पर भी चुनाव होंगे।
राजनीतिक दलों की बढ़ी सक्रियता
राज्यसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। विभिन्न राज्यों में संभावित उम्मीदवारों के नामों को लेकर मंथन शुरू हो गया है। कई दल सामाजिक समीकरण और आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार चयन की रणनीति बना रहे हैं।
झारखंड, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में यह चुनाव राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। खासकर झारखंड में शिबू सोरेन की रिक्त सीट को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ सकती है।
आयोग ने निष्पक्ष चुनाव का दिया भरोसा
निर्वाचन आयोग ने कहा है कि चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। मतदान और मतगणना के दौरान सभी नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। आयोग ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से भी चुनावी मर्यादा बनाए रखने की अपील की है।
निर्वाचन आयोग ने कहा: “राज्यसभा चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।”
न्यूज़ देखो: राज्यसभा चुनाव से बदलेगा कई राज्यों का राजनीतिक समीकरण
राज्यसभा चुनाव केवल सांसद चुनने की प्रक्रिया नहीं बल्कि राजनीतिक दलों की ताकत और रणनीति की भी बड़ी परीक्षा होती है। इस बार कई बड़े नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिससे राजनीतिक दलों के भीतर भी नई संभावनाएं और समीकरण बनेंगे। झारखंड समेत कई राज्यों में यह चुनाव भविष्य की राजनीति की दिशा तय कर सकता है। अब सबकी नजर उम्मीदवारों की घोषणा और राजनीतिक जोड़-तोड़ पर रहेगी।
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लोकतंत्र की मजबूती में हर चुनाव की भूमिका अहम
राज्यसभा चुनाव देश की संसदीय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन चुनावों के जरिए राज्यों की आवाज संसद तक पहुंचती है और नीतियों को नई दिशा मिलती है। जागरूक नागरिक के रूप में राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर रखना लोकतंत्र को मजबूत बनाता है।
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