रांची: पूर्व तस्कर की सूचना से खुली अफीम तस्करी की परतें, दो धरे गए तुपुदाना से

रांची: पूर्व तस्कर की सूचना से खुली अफीम तस्करी की परतें, दो धरे गए तुपुदाना से

author News देखो Team
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#रांची #तुपुदाना: SSP चंदन कुमार सिन्हा के निर्देश पर एक्शन, खूंटी के दो तस्कर अफीम के साथ गिरफ्तार
  • तुपुदाना में अफीम बेचने की फिराक में थे दो तस्कर, रांची पुलिस ने धर दबोचा
  • करीब 1.7 किलो अफीम बरामद, खूंटी जिले के निवासी हैं आरोपी
  • पूर्व तस्कर की सूचना पर पुलिस को मिली बड़ी सफलता
  • दोनों आरोपी अपनी ही जमीन पर करते थे अफीम की खेती
  • अफीम से बनता है ब्राउन शुगर जैसे खतरनाक नशा, पुलिस ने जांच तेज की

तुपुदाना में ग्राहक का इंतजार कर रहे थे तस्कर, मौके पर पहुंची पुलिस

रांची जिले के तुपुदाना ओपी क्षेत्र अंतर्गत वास्तु विहार के पास उस समय हड़कंप मच गया, जब दो युवक एक बाइक पर बैठे हुए अफीम बेचने के इरादे से ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। गुप्त सूचना पर हटिया डीएसपी प्रमोद मिश्रा और तुपुदाना थाना पुलिस की टीम ने मौके पर छापेमारी की।

पुलिस को देखकर दोनों आरोपी बाइक छोड़कर भागने लगे, लेकिन स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया गया।

चंदन कुमार सिन्हा, डीआईजी सह एसएसपी, रांची ने बताया:
पूर्व तस्करों की काउंसलिंग के बाद हमें अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक नतीजे मिल रहे हैं। इसी सूचना तंत्र के आधार पर यह कार्रवाई हुई है।

1.7 किलो अफीम के साथ कैलाश मुंडा और सुगना मुंडा गिरफ्तार

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी की पहचान कैलाश मुंडा और सुगना मुंडा के रूप में हुई है। दोनों खूंटी जिले के निवासी हैं और पूछताछ में उन्होंने कुबूल किया कि वे अफीम अपने खेतों में ही तैयार करते हैं

अफीम को पहले गाड़ा (गाढ़ा रूप) में बदला जाता है और फिर इसे ब्राउन शुगर जैसे खतरनाक नशे में तब्दील किया जाता है, जो युवाओं के जीवन को बर्बाद करता है।

पुलिस को मिली सफलता, ऑपरेशन में तेजी की तैयारी

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब्त की गई अफीम को जांच के लिए भेज दिया है। अधिकारियों ने कहा है कि अब अफीम तस्करी में शामिल अन्य नेटवर्क की तलाश भी तेज कर दी गई है।

डीएसपी प्रमोद मिश्रा ने कहा:
यह गिरोह सीमावर्ती इलाकों से अफीम लाकर शहर में डिलीवरी देता है। जल्द ही इनके अन्य सहयोगियों को भी पकड़ लिया जाएगा।

पूर्व तस्कर ने निभाई अहम भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन की सबसे अहम बात यह रही कि एक पूर्व तस्कर ने खुद पुलिस को सूचना दी। रांची पुलिस के मुताबिक, नशे के खिलाफ चलाए जा रहे पुनर्वास और काउंसलिंग कार्यक्रमों के तहत कई पूर्व तस्कर अब सहयोगी की भूमिका में सामने आ रहे हैं।

न्यूज़ देखो: जब बदलता है इरादा, तो अपराध भी बदलता है दिशा

यह घटना सिर्फ एक पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि समाज में बदलाव का संकेत है। रांची पुलिस का प्रयास कि पूर्व तस्कर अब अपराध रोकने में मददगार बनें, एक नई सोच और व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम है।

‘न्यूज़ देखो’ ऐसे हर साहसिक कदम को सलाम करता है जो युवाओं को नशे की दलदल से बाहर लाने के लिए संघर्षरत है।

अफीम की खेती से गिरफ्तारी तक: बदलाव की बयार जरूरी

यह घटना साबित करती है कि नशा न सिर्फ व्यक्तिगत बल्कि सामाजिक बीमारी है। हमें सिर्फ कानून पर नहीं, जन जागरूकता और पुनर्वास पर भी ध्यान देना होगा।

अगर समाज और सिस्टम साथ मिलें, तो अपराध भी शर्मिंदा होगा।

न्यूज़ देखो अपील करता है – “नशे को ना कहें, और बदलाव की राह में साथ चलें।”

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