#गुमला #विकास_समीक्षा : उपायुक्त ने तकनीकी विभागों को समयबद्ध कार्य निष्पादन का निर्देश दिया।
गुमला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में जिले के सभी तकनीकी विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क, सिंचाई, पेयजल, भवन निर्माण और विद्युत विभाग सहित कई योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने तथा गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न विभागों के अभियंता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
- उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में तकनीकी विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित।
- राष्ट्रीय राजमार्ग के 20 कार्य और 4 ब्रिज निर्माण कार्य प्रगति पर।
- PMGSY की 23 योजनाओं में 7 पूर्ण, 16 पर कार्य जारी।
- लघु सिंचाई विभाग की 30 योजनाओं में 29 का टेंडर पूरा।
- NREP अंतर्गत 27 आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य पूर्ण।
- उपायुक्त ने सभी लंबित योजनाओं को जल्द धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।
गुमला जिले में विकास योजनाओं को गति देने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने की। बैठक में जिले के विभिन्न तकनीकी विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए।
बैठक में विशेष प्रमंडल, लघु सिंचाई विभाग (MI), वाटर वेज, ग्रामीण कार्य विभाग (RWD), सड़क निर्माण विभाग (RCD), राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग (NH), जिला परिषद, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (PHED-जेजेएम), भवन निर्माण विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम (NREP) एवं विद्युत विभाग से संबंधित योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई।
राष्ट्रीय राजमार्ग और सड़क योजनाओं की समीक्षा
समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई। बताया गया कि जिले में वर्तमान में 20 सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर हैं, जबकि 4 पुल निर्माण परियोजनाओं पर भी कार्य जारी है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत कुल 23 योजनाओं की समीक्षा की गई, जिनमें से 7 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं जबकि 16 योजनाओं पर कार्य जारी है। इसके अतिरिक्त 11 योजनाएं निविदा प्रक्रिया में हैं।
उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कहा: “सभी लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।”
उन्होंने सड़कों की मरम्मत और रखरखाव कार्यों को भी प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
लघु सिंचाई और आंगनबाड़ी भवन निर्माण पर जोर
लघु सिंचाई विभाग (MI) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 के अंतर्गत स्वीकृत 30 योजनाओं में से 29 योजनाओं का टेंडर पूरा हो चुका है, जबकि एक योजना प्रक्रिया में है।
उपायुक्त ने सभी योजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही जिले में निर्माणाधीन 36 आंगनबाड़ी भवनों के कार्य में तेजी लाने को कहा।
NREP योजनाओं में प्रगति
राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम (NREP) के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि स्वीकृत 30 आंगनबाड़ी भवनों में से 27 भवन पूर्ण हो चुके हैं। जबकि तीन मामलों में विवाद के कारण कार्य लंबित है।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित विवादों का जल्द समाधान कर निर्माण कार्य पूरा कराया जाए।
वाटर वेज और पेयजल योजनाओं पर चर्चा
बैठक में वाटर वेज विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को नए DPR तैयार कर विभाग को भेजने का निर्देश दिया ताकि परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति मिल सके और कार्य तेजी से शुरू हो।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (PHED-जेजेएम) की योजनाओं को लेकर भी चर्चा हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
स्वास्थ्य भवन और आवास योजनाओं की समीक्षा
बैठक में BPHU एवं हेल्थ सब सेंटर (HSC) भवन निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि इस श्रेणी के अंतर्गत 12 निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर हैं।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य भवनों का निर्माण गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा सके।
इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना और वर्ष 2022–23 की विभिन्न लंबित योजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
विभागों को समन्वय के साथ काम करने का निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचना चाहिए और इसके लिए सभी विभागों को जवाबदेही के साथ काम करना होगा।
उपायुक्त ने कहा: “शिलान्यास किए गए कार्यों को जल्द धरातल पर उतारा जाए और किसी भी योजना में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
बैठक में सभी संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
न्यूज़ देखो: विकास योजनाओं की गति बढ़ाना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी
गुमला में आयोजित यह समीक्षा बैठक बताती है कि विकास योजनाओं की नियमित निगरानी कितनी जरूरी है। कई योजनाओं में प्रगति दिखाई दे रही है, लेकिन कुछ कार्य अब भी लंबित हैं, जिन्हें तेजी से पूरा करना आवश्यक है। सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी योजनाएं सीधे आम जनता के जीवन से जुड़ी होती हैं, इसलिए इनमें गुणवत्ता और समयसीमा दोनों बेहद महत्वपूर्ण हैं। अब देखना होगा कि विभागीय स्तर पर इन निर्देशों का पालन कितनी गंभीरता से किया जाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
विकास कार्यों में भागीदारी बढ़ाएं और जागरूक नागरिक बनें
किसी भी जिले का विकास तभी संभव है जब प्रशासन और जनता दोनों मिलकर जिम्मेदारी निभाएं। विकास योजनाओं की जानकारी रखना और उनके सही क्रियान्वयन पर नजर रखना हर जागरूक नागरिक का अधिकार और कर्तव्य है।
यदि आपके क्षेत्र में भी कोई विकास कार्य अधूरा है या समस्याएं बनी हुई हैं, तो अपनी आवाज उठाएं। इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें, अपनी राय कमेंट में दें और बेहतर समाज निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।

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