पांच महीने बाद तिगवाल गांव में लौटी बिजली, नया ट्रांसफार्मर लगते ही ग्रामीणों के चेहरे खिले

पांच महीने बाद तिगवाल गांव में लौटी बिजली, नया ट्रांसफार्मर लगते ही ग्रामीणों के चेहरे खिले

author News देखो Team
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#चैनपुर #बिजली_सुविधा : पांच महीने बाद ट्रांसफार्मर लगने से तिगवाल गांव में बहाल हुई बिजली।

गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत तिगवाल गांव में लगभग पांच महीने से बाधित बिजली आपूर्ति आखिरकार बहाल हो गई। मालम पंचायत में 25 केवी का नया ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाने के बाद ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से अंधेरे और परेशानी झेल रहे ग्रामीणों ने ट्रांसफार्मर लगने पर खुशी जताई। उद्घाटन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी रही।

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  • तिगवाल गांव में 25 केवी का नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया।
  • करीब 5 महीने से बिजली संकट से परेशान थे ग्रामीण।
  • बिजली बहाल होने से बच्चों की पढ़ाई और खेती कार्य में राहत मिली।
  • उद्घाटन में मेरी लकड़ा, गुंजनमराथा केरकेट्टा, अनीता एक्का समेत कई लोग मौजूद रहे।
  • ग्रामीणों की लगातार मांग और जनप्रतिनिधियों के प्रयास के बाद मिला समाधान।
  • बिजली विभाग से भविष्य में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग उठी।

गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत मालम पंचायत के तिगवाल गांव में गुरुवार का दिन ग्रामीणों के लिए राहत और खुशी लेकर आया। लगभग पांच महीनों से बिजली संकट झेल रहे गांव में आखिरकार नया 25 केवी ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया, जिसके बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति फिर से सुचारू हो गई। लंबे समय तक अंधेरे में जीवन गुजारने वाले ग्रामीणों के चेहरों पर बिजली लौटने की खुशी साफ दिखाई दी।

गुरुवार को विधिवत रूप से ट्रांसफार्मर का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। गांव में बिजली बहाल होते ही लोगों ने राहत की सांस ली और एक-दूसरे को बधाई दी।

पांच महीने से बिजली संकट से जूझ रहा था गांव

ग्रामीणों के अनुसार तिगवाल गांव में लगा पुराना ट्रांसफार्मर तकनीकी खराबी या जल जाने के कारण लंबे समय से खराब पड़ा था। इसके बाद गांव की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई थी। लगातार शिकायतों और मांगों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

बिजली नहीं रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। शाम होते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता था। इसके अलावा खेती-बाड़ी और दैनिक कार्यों में भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

गर्मी के मौसम में बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी थीं। ग्रामीणों ने बताया कि मोबाइल चार्जिंग, पानी की व्यवस्था और अन्य जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे थे।

जनप्रतिनिधियों के प्रयास से मिला समाधान

लगातार मांग और जनप्रतिनिधियों की पहल के बाद विभाग द्वारा गांव में नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराया गया। गुरुवार को 25 केवी क्षमता वाला ट्रांसफार्मर स्थापित कर बिजली आपूर्ति बहाल की गई।

उद्घाटन कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा, मुखिया गुंजनमराथा केरकेट्टा, पंचायत समिति सदस्य अनीता एक्का, वार्ड सदस्य समीरशबनम मिंज सहित गांव के कई लोग उपस्थित रहे।

जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने कहा: “ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिकता है और जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।”

बच्चों की पढ़ाई और खेती को मिलेगी राहत

ग्रामीणों ने कहा कि बिजली बहाल होने से अब बच्चों की पढ़ाई नियमित रूप से हो सकेगी। परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही थी।

इसके अलावा किसानों को भी खेती-बाड़ी के कार्यों में राहत मिलने की उम्मीद है। लोगों का कहना है कि बिजली की कमी के कारण कई जरूरी काम प्रभावित हो रहे थे।

मुखिया गुंजनमराथा केरकेट्टा ने कहा: “भविष्य में ऐसी समस्याओं का त्वरित निष्पादन किया जाना चाहिए ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े।”

ग्रामीणों में खुशी का माहौल

ट्रांसफार्मर लगने के बाद गांव में उत्साह का माहौल देखा गया। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे इंतजार के बाद उन्हें राहत मिली है।

लोगों का कहना है कि गांवों में बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का सुचारू रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा असर शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर पर पड़ता है।

स्थायी समाधान की उठी मांग

ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि भविष्य में ट्रांसफार्मर खराब होने या बिजली बाधित होने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लोगों ने कहा कि लंबे समय तक बिजली बाधित रहने से ग्रामीण जीवन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है।

साथ ही गांवों में बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने और नियमित निगरानी की भी मांग की गई है।

न्यूज़ देखो: गांवों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचना ही असली विकास

तिगवाल गांव में पांच महीने बाद बिजली बहाल होना यह दिखाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई चुनौतियां मौजूद हैं। बिजली केवल रोशनी नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और बेहतर जीवन का आधार है। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के प्रयास से समस्या का समाधान होना सकारात्मक संकेत है, लेकिन जरूरी है कि ऐसी समस्याओं का स्थायी समाधान भी सुनिश्चित किया जाए। विकास तभी सार्थक होगा जब गांवों तक मूलभूत सुविधाएं बिना रुकावट पहुंचें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक बनें और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं

गांवों की समस्याओं का समाधान तभी संभव है जब लोग संगठित होकर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाएं। बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाएं हर नागरिक का अधिकार हैं।

अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सजग रहें और सकारात्मक बदलाव के लिए आगे आएं। इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें, अपनी राय कमेंट में दें और जनहित से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता फैलाएं।

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