#लातेहार #आधारभूत_विकास : उपायुक्त ने भूमि अधिग्रहण और लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर जोर दिया।
लातेहार समाहरणालय सभागार में उपायुक्त संदीप कुमार की अध्यक्षता में आधारभूत संरचना और भू अर्जन से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं के लंबित मामलों, एफआरए, एनओसी और मुआवजा भुगतान की स्थिति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, अंचल अधिकारी और कोल कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
- उपायुक्त संदीप कुमार ने आधारभूत संरचना परियोजनाओं की समीक्षा की।
- बनहर्दी, पीवीयूएनएल, एनटीपीसी और पथ निर्माण विभाग की परियोजनाओं पर हुई चर्चा।
- लंबित एफआरए, एनओसी और भूमि अधिग्रहण मामलों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश।
- अधिग्रहित जमीन के लंबित मुआवजा भुगतान में तेजी लाने पर जोर।
- सभी अंचल अधिकारियों को परियोजनाओं से जुड़े मामलों की नियमित मॉनिटरिंग का निर्देश।
- बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों और कोल कंपनियों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
लातेहार जिले में चल रही आधारभूत संरचना और औद्योगिक परियोजनाओं की प्रगति को लेकर जिला प्रशासन गंभीर नजर आ रहा है। इसी क्रम में उपायुक्त संदीप कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े लंबित मामलों और भू अर्जन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों से परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से भूमि अधिग्रहण, एफआरए, एनओसी और मुआवजा भुगतान से जुड़े मामलों में तेजी लाने पर जोर दिया।
विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा
समीक्षा बैठक में बनहर्दी परियोजना, कोल ब्लॉक पीवीयूएनएल, पथ निर्माण विभाग, एनएमएल एनटीपीसी सहित अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से पूछा कि परियोजनाओं में किस स्तर पर कार्य चल रहा है और किन कारणों से कुछ मामले लंबित हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई आवश्यक है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कई परियोजनाओं में जमीन अधिग्रहण और स्वीकृति से संबंधित मामलों के कारण कार्यों की गति प्रभावित हो रही है। उपायुक्त ने इन मामलों के शीघ्र समाधान पर जोर दिया।
एफआरए और एनओसी मामलों के निष्पादन का निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त संदीप कुमार ने एफआरए (Forest Rights Act) और एनओसी से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में दस्तावेजी प्रक्रिया लंबित है, उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं और स्थानीय हितों के बीच संतुलन बनाकर कार्य करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसलिए सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शिता और नियमों के तहत पूरा किया जाना चाहिए।
उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा: “लंबित मामलों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि विकास परियोजनाओं में अनावश्यक बाधा उत्पन्न न हो।”
लंबित मुआवजा भुगतान पर विशेष जोर
बैठक में विभिन्न परियोजनाओं के तहत अधिग्रहित जमीन के लंबित मुआवजा भुगतान की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन रैयतों का मुआवजा लंबित है, उन्हें जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि मुआवजा भुगतान में देरी होने से लोगों में असंतोष उत्पन्न होता है और परियोजनाओं पर भी असर पड़ता है। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता है कि पात्र लोगों को समय पर उनका अधिकार मिले।
बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि मुआवजा भुगतान से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा कर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
अंचल अधिकारियों को दी गई विशेष जिम्मेदारी
उपायुक्त ने बैठक में मौजूद सभी अंचल अधिकारियों से उनके-अपने क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने भूमि अधिग्रहण, राजस्व मामलों और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं की स्थिति पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अंचल स्तर पर लंबित मामलों की नियमित निगरानी की जाए और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
कई विभागों और कंपनियों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में प्रशासनिक और तकनीकी विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी, एलआरडीसी प्रभात कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी लातेहार दिनेश कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी उमेश मंडल, नगर पंचायत कार्यपालक पदाधिकारी राजीव रंजन, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. चंदन सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी शामिल थे।
इसके अलावा सभी अंचल अधिकारी, कोल कंपनियों के अधिकारी और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े प्रतिनिधि भी बैठक में उपस्थित रहे।
विकास परियोजनाओं की गति बढ़ाने पर प्रशासन का फोकस
लातेहार जिले में कई बड़ी औद्योगिक और आधारभूत संरचना परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। इन परियोजनाओं के जरिए क्षेत्र में रोजगार, सड़क, बिजली और अन्य सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद की जा रही है।
ऐसे में जिला प्रशासन अब इन परियोजनाओं से जुड़े लंबित मामलों को तेजी से निपटाने और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में सक्रिय नजर आ रहा है।
न्यूज़ देखो: विकास और जनहित के बीच संतुलन जरूरी
लातेहार में चल रही परियोजनाएं जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं, लेकिन इनके साथ जुड़े भूमि अधिग्रहण और मुआवजा जैसे मुद्दों का समय पर समाधान भी उतना ही जरूरी है। उपायुक्त द्वारा लंबित मामलों की समीक्षा और त्वरित निष्पादन के निर्देश यह संकेत देते हैं कि प्रशासन अब विकास कार्यों की गति बढ़ाने के साथ लोगों की समस्याओं पर भी ध्यान दे रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निर्देशों का असर जमीन पर कितनी तेजी से दिखाई देता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जिम्मेदार विकास से ही मजबूत होगा क्षेत्र और लोगों का विश्वास
विकास तभी सार्थक होता है जब उसमें आम लोगों के अधिकार और हित सुरक्षित रहें।
प्रशासन, कंपनियों और स्थानीय लोगों के बीच बेहतर समन्वय से ही क्षेत्र का संतुलित विकास संभव है।
अपने क्षेत्र के विकास कार्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर जागरूक रहें। अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और जिम्मेदार नागरिक के रूप में सकारात्मक भागीदारी निभाएं।

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