
#दुमका #प्रशासनिक_बैठक : राजस्व और प्रमाण पत्र मामलों में देरी पर उपायुक्त ने दिखाई सख्ती।
दुमका में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में राजस्व, आपदा प्रबंधन और प्रमाण पत्र मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन और कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जाति प्रमाण पत्र में लापरवाही पर संबंधित कर्मियों का वेतन रोकने का आदेश भी दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित।
- भूमि सीमांकन के मामलों को 90 दिनों में निष्पादित करने का निर्देश।
- जाति प्रमाण पत्र में लापरवाही पर कर्मियों का वेतन रोकने का आदेश।
- प्राकृतिक आपदा, दाखिल-खारिज और जमीन हस्तांतरण की समीक्षा।
- पीएम किसान योजना के लाभ समय पर देने पर जोर।
- जमीन से छेड़छाड़ पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी।
दुमका जिला प्रशासन ने राजस्व और प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा और आम लोगों को बेहतर सेवा उपलब्ध कराना था।
लंबित मामलों को जल्द निपटाने का निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने भूमि सीमांकन से जुड़े मामलों पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि सभी आवेदनों का निष्पादन 90 दिनों के भीतर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा: “लोगों को समय पर सेवा देना प्रशासन की जिम्मेदारी है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
लापरवाही पर वेतन रोकने का निर्देश
समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि जाति प्रमाण पत्र बनाने में लापरवाही बरती जा रही है। इस पर सख्त कार्रवाई करते हुए उपायुक्त ने शिकारीपाड़ा के राजस्व कर्मियों और मसलिया के सीआई का वेतन रोकने का निर्देश दिया।
यह कदम प्रशासन की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है।
विभिन्न योजनाओं और कार्यों की समीक्षा
बैठक में प्राकृतिक आपदा प्रबंधन, दाखिल-खारिज, जमीन हस्तांतरण और पीएम किसान योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इन सभी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
जमीन से छेड़छाड़ पर सख्त चेतावनी
उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि जमीन से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा: “आम लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए, प्रशासन उनकी सेवा के लिए है।”
आम जनता को राहत देने पर जोर
बैठक में बार-बार इस बात पर जोर दिया गया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आम जनता को राहत पहुंचाना है।
उपायुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें और यह सुनिश्चित करें कि लोगों को समय पर सेवाएं मिलें।
न्यूज़ देखो: जवाबदेही तय करने की पहल, क्या सुधरेगी व्यवस्था
दुमका में राजस्व और प्रमाण पत्र मामलों को लेकर प्रशासन की सख्ती यह दर्शाती है कि अब लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। वेतन रोकने जैसे कदम अधिकारियों को जवाबदेह बनाने की दिशा में अहम हैं। हालांकि, यह भी जरूरी है कि इन निर्देशों का पालन जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से हो, ताकि आम जनता को वास्तविक राहत मिल सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जिम्मेदारी निभाएं, व्यवस्था को बेहतर बनाएं
एक बेहतर प्रशासन तभी संभव है जब हर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभाए और जनता के हित को प्राथमिकता दे।
साथ ही नागरिकों की जागरूकता भी व्यवस्था को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
यदि आपको किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो उसे संबंधित विभाग तक जरूर पहुंचाएं।
आपकी आवाज बदलाव की शुरुआत बन सकती है।
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