#पालकोट #धार्मिक_महोत्सव : अंबेराडीह में आयोजन—भक्ति, कलश यात्रा और भंडारा से सजा माहौल।
गुमला के पालकोट प्रखंड में संकट मोचन हनुमान महोत्सव की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई। 1151 महिलाओं ने शोभायात्रा में भाग लिया। वैदिक मंत्रों के साथ पूजा-अर्चना और कलश स्थापना की गई। पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है।
- अंबेराडीह में 12वां हनुमान महोत्सव शुरू।
- 1151 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा।
- वैदिक मंत्रों के साथ पूजा और कलश स्थापना।
- 24 घंटे का अखंड कीर्तन और भजन।
- हजारों श्रद्धालुओं ने महा भंडारा में भाग लिया।
गुमला जिले के पालकोट प्रखंड अंतर्गत अंबेराडीह गांव में श्री श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर परिसर में 12वां वार्षिक महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ शुरू हो गया। दो दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में पहले दिन भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें 1151 महिलाओं और युवतियों ने भाग लेकर पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।
यह आयोजन आयोजन समिति अंबेराडीह, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, मातृशक्ति और दुर्गावाहिनी के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
भव्य कलश यात्रा से हुई शुरुआत
शनिवार को महोत्सव के पहले दिन कलश शोभायात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर देवी गुड़ी मंदिर तक पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने परिक्रमा की।
इसके बाद यात्रा मरदा नदी तट पहुंची, जहां वैदिक विधि से पूजा-अर्चना की गई।
आचार्य दिनेश चन्द्र मिश्रा ने कहा: “विधिवत पूजा और मंत्रोच्चारण से ही धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण होता है।”
वैदिक विधि से कलश स्थापना
नदी से पवित्र जल भरने के बाद शोभायात्रा पुनः गुमला-सिमडेगा मुख्य मार्ग होते हुए मंदिर परिसर पहुंची। वहां पूजा मंडप की परिक्रमा कर विधिपूर्वक कलश स्थापना की गई।
विशेष पूजा और अनुष्ठान
मंदिर परिसर में भगवान हनुमान जी की विशेष पूजा, अभिषेक, हवन और महाआरती का आयोजन किया गया।
इस दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही।
अखंड कीर्तन से गूंजा माहौल
ढोलक और झाल की मधुर धुनों के बीच 24 घंटे का अखंड हरि कीर्तन और भजन कार्यक्रम भी शुरू हुआ, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
महा भंडारा में उमड़ी भीड़
आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए महा भंडारा का आयोजन किया गया। इसमें चना-गुड़, फल, शरबत, खीर-पूड़ी और खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया।
एक श्रद्धालु ने कहा: “ऐसे आयोजन में शामिल होकर मन को शांति मिलती है।”
हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन की सराहना की।
आयोजन समिति की भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष धरम सिंह और कार्यकारी अध्यक्ष महेश सिंह सहित कई सदस्यों की अहम भूमिका रही।
धरम सिंह ने कहा: “यह आयोजन समाज को जोड़ने और भक्ति का संदेश देने का माध्यम है।”
महेश सिंह ने कहा: “हम सभी मिलकर इस महोत्सव को सफल बनाने में जुटे हैं।”
क्षेत्र में उत्साह का माहौल
इस महोत्सव को लेकर पूरे अंबेराडीह और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।
सामाजिक एकता का संदेश
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है।



न्यूज़ देखो: आस्था से जुड़ता समाज
पालकोट का यह महोत्सव दिखाता है कि धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का माध्यम बनते हैं। ऐसे आयोजन सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था और एकता को अपनाएं
धार्मिक आयोजन हमें जोड़ते हैं।
परंपराओं को जीवित रखना जरूरी है।
भक्ति से समाज में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
आइए, हम भी ऐसे आयोजनों का हिस्सा बनें।
इस खबर को शेयर करें और भक्ति का संदेश फैलाएं।
अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।
