
#सतबरवा #पलामू #सामाजिक_घटना : संवाददाता के परिवार में माताजी के निधन पर आयोजित ब्रह्मभोज में विधायक हुए शामिल।
सतबरवा सिटी न्यूज के संवाददाता बनारसी पासवान की माताजी के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक फैल गया। रविवार 18 जनवरी 2026 को रांकी खुर्द में दिवंगत माताजी के लिए शोक सभा एवं ब्रह्मभोज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र सिंह ने भी शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित की। पत्रकार, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिकों ने भी परिवार के साथ दुख साझा किया।
- बनारसी पासवान की माताजी का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर।
- शोक सभा एवं ब्राह्मभोज का आयोजन रविवार 18 जनवरी को रांकी खुर्द में।
- विधायक रामचंद्र सिंह ने कार्यक्रम में शामिल होकर श्रद्धांजलि दी।
- सतबरवा थाना परिवार, प्रेस और मीडिया से जुड़े साथी भी मौजूद रहे।
- क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्त की।
सतबरवा सिटी न्यूज संवाददाता बनारसी पासवान की माताजी के निधन पर पूरे इलाके में गहरा शोक व्याप्त है। रांकी खुर्द स्थित आवास पर रविवार 18 जनवरी को आयोजित शोक सभा और ब्रह्मभोज में परिवारजन, पत्रकार साथियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने उपस्थित होकर दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की।
विधायक ने अर्पित की श्रद्धांजलि
ब्राह्मभोज में उपस्थित विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ होना आवश्यक है। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।
विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा: “इस दुख की घड़ी में मैं परिवार के साथ खड़ा हूँ और दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करता हूँ।”
मीडिया और सामाजिक संगठनों की उपस्थिति
कार्यक्रम में सतबरवा थाना परिवार, प्रेस और मीडिया से जुड़े साथी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और पतंजलि योग समिति के पदाधिकारी भी शामिल हुए। सभी ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और माताजी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
मीडिया प्रतिनिधि अजय कुमार ने कहा: “बनारसी पासवान परिवार के साथ है और हम सभी इस दुख की घड़ी में उनका सहारा बनेंगे।”
ब्राह्मभोज और सामाजिक सहयोग
शोक सभा के पश्चात आयोजित ब्राह्मभोज में सभी उपस्थित लोगों को भोजन कराया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल दिवंगत आत्मा की शांति सुनिश्चित करना था, बल्कि परिवार के प्रति सामाजिक सहयोग और एकजुटता का संदेश भी देना था।

न्यूज़ देखो: स्थानीय पत्रकारिता और सामाजिक संवेदना का उदाहरण
यह घटना दर्शाती है कि स्थानीय मीडिया के लोग न केवल सूचना का आदान-प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में सामाजिक और मानवीय मूल्यों को भी सशक्त करते हैं। जनप्रतिनिधियों और समाज के लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि दुख की घड़ी में एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सहानुभूति और सामाजिक एकता में योगदान दें
स्थानीय नागरिकों को चाहिए कि वे शोक और आपदा की घड़ी में एकजुट रहें और जरूरतमंद परिवारों का समर्थन करें। इस तरह की घटनाओं में संवेदनशील बने रहना समाज की जिम्मेदारी है। अपनी राय कमेंट करें, खबर को साझा करें और सामाजिक सहयोग का संदेश फैलाएँ।





