
#लोहरदगा #लातेहार #नक्सल_विरोधी_अभियान : सुरक्षाबलों ने संयुक्त अभियान में दो माओवादियों को दबोचा।
लोहरदगा और लातेहार की सीमा पर चलाए गए नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त कार्रवाई में 10 लाख रुपये के इनामी भाकपा (माओवादी) जोनल कमांडर मृत्युंजय भूइयां उर्फ फ्रेश भूइयां सहित दो माओवादियों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से हथियार, गोला-बारूद, नकद राशि और संगठन से जुड़े कई दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी से नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
- 10 लाख के इनामी जोनल कमांडर मृत्युंजय भूइयां उर्फ फ्रेश भूइयां गिरफ्तार।
- साथ में 2 लाख के इनामी माओवादी सदस्य बबलू राम उर्फ रोहित उर्फ बबलू चंद्रवंशी भी पकड़ा गया।
- अभियान में जिला पुलिस और 32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त कार्रवाई।
- बरामदगी में AK-47 राइफल, जिंदा गोलियां, वायरलेस सेट, टैबलेट और करीब 1.5 लाख नकद।
- आरोपी मृत्युंजय भूइयां पर झारखंड और छत्तीसगढ़ में कुल 104 आपराधिक मामले दर्ज।
लोहरदगा और लातेहार की सीमा पर चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता मिली है। रविवार को चलाए गए विशेष अभियान में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के जोनल कमांडर मृत्युंजय भूइयां उर्फ फ्रेश भूइयां को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथ संगठन का एक अन्य सक्रिय सदस्य बबलू राम उर्फ रोहित उर्फ बबलू चंद्रवंशी भी पकड़ा गया।
सुरक्षाबलों के अनुसार यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही खुफिया निगरानी और सर्च अभियान का परिणाम है। गिरफ्तारी के दौरान दोनों माओवादियों के पास से आधुनिक हथियार, गोला-बारूद और संगठन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
नक्सल विरोधी अभियान के तहत चलाया गया विशेष ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार 32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की समवाय लातेहार जिले के महुआटांड़ और गारू प्रखंड के मारोमार, बंस्कर्चा, बारेसाढ़, तिसिया तथा नवाटोली क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियान के लिए तैनात है। इन इलाकों में लंबे समय से माओवादी गतिविधियों को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के एक अधिकारी ने बताया कि खुफिया सूत्रों से लगातार सूचना मिल रही थी कि प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन का जोनल कमांडर मृत्युंजय भूइयां अपने दस्ते के साथ नेतरहाट, महुआटांड़, बारेसाढ़, गारू और छिपादोहर क्षेत्र में सक्रिय है।
एक अधिकारी ने कहा: “विश्वस्त सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक लातेहार और 32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के कमांडेंट के निर्देशन में समन्वित कार्ययोजना तैयार कर विशेष अभियान चलाया गया।”
संयुक्त टीमों ने चलाया सर्च अभियान
सूचना के आधार पर जिला पुलिस और 32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल द्वारा संयुक्त विशेष प्रचालन चलाया गया। अभियान के दौरान बारेसाढ़, बंस्कर्चा, तिसिया और नवाटोली क्षेत्रों में संयुक्त टीमों को सर्च अभियान और निगरानी के लिए तैनात किया गया।
वहीं मारोमार समवाय की टीम को सहायक कमांडेंट पंकज कुमार चौहान के नेतृत्व में छिपादोहर थाना क्षेत्र के पहाड़ी और घने जंगलों में विशेष सर्च अभियान के लिए भेजा गया।
इसके अतिरिक्त कमांडेंट राजेश सिंह के नेतृत्व में वाहिनी की स्मॉल एक्शन टीम मारोमार में तैनात रही, जबकि उप-कमांडेंट (प्रचालन) दीपक कुमार मीना के साथ एफ समवाय बंस्कर्चा में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रखा गया।
आपूर्ति बाधित होने से गांव में पहुंचा माओवादी दस्ता
सुरक्षाबलों द्वारा लगातार चलाए गए सघन अभियान और एरिया डोमिनेशन के कारण माओवादी संगठन की दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हो गई थी। इसके कारण जोनल कमांडर मृत्युंजय भूइयां का दस्ता राशन और अन्य आवश्यक सामग्री जुटाने के लिए छिपादोहर थाना क्षेत्र के हरिणामाड़ गांव में पहुंचा।
इसी दौरान सुरक्षाबलों ने गुप्त सूचना के आधार पर गांव में छापेमारी की और प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के दोनों सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार माओवादियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों में पहला आरोपी मृत्युंजय भूइयां उर्फ फ्रेश भूइयां (उम्र लगभग 42 वर्ष) है। वह पिता बाबूलाल भूइयां, ग्राम नवाडीह, टोला चकलवा, थाना छिपादोहर, जिला लातेहार का निवासी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ लातेहार, पलामू, गढ़वा और छत्तीसगढ़ में कुल 104 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
दूसरा आरोपी बबलू राम उर्फ रोहित उर्फ बबलू चंद्रवंशी (उम्र लगभग 22 वर्ष) है। वह पिता स्वर्गीय बबन राम, ग्राम निरखपुर, थाना किंजर, जिला अरवल (बिहार) का रहने वाला है। उसके खिलाफ लातेहार, पलामू और गढ़वा जिलों में 15 आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं।
हथियार और नकदी समेत कई सामान बरामद
सुरक्षाबलों ने गिरफ्तार माओवादियों के पास से कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं। बरामदगी में एक AK-47 स्वचालित राइफल, एक मैगजीन, AK-47 की 6 जिंदा गोलियां, INSAS राइफल की 15 जिंदा गोलियां, एक Baofeng वायरलेस सेट, लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये नकद, तीन सैमसंग टैबलेट, चार अलग-अलग कंपनियों के सिम कार्ड, एक रेडियो, एक घड़ी और दो पॉकेट डायरी शामिल हैं।
इसके अलावा भाकपा (माओवादी) संगठन से जुड़े कोयल-शंख के तीन पर्चे, जोनल कमिटी का पर्चा और भड़काऊ भाषणों के ऑडियो-वीडियो वाले मेमोरी कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में मिल सकती हैं महत्वपूर्ण जानकारियां
पुलिस के अनुसार दोनों गिरफ्तार माओवादियों से गहन पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान संगठन के अन्य सदस्यों, ठिकानों और गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।
सुरक्षाबलों ने यह भी स्पष्ट किया है कि लोहरदगा-लातेहार सीमा क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
न्यूज़ देखो: नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका, लेकिन अभियान जारी रहना जरूरी
लोहरदगा और लातेहार की सीमा पर हुई यह कार्रवाई नक्सल विरोधी अभियान के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। 10 लाख के इनामी जोनल कमांडर की गिरफ्तारी से माओवादी संगठन की गतिविधियों पर निश्चित रूप से असर पड़ेगा।
हालांकि सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह भी जरूरी है कि इस सफलता के बाद अभियान की गति और तेज की जाए ताकि क्षेत्र में नक्सल नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा और विकास दोनों समान रूप से जरूरी हैं।
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नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास तभी संभव है जब प्रशासन और जनता दोनों मिलकर काम करें। स्थानीय लोगों की सतर्कता और समय पर दी गई सूचनाएं कई बार बड़ी घटनाओं को रोकने में मदद करती हैं।
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