
#कोलेबिरा #स्वास्थ्य_सहयोग : कन्जोगा निवासी पार्वती देवी को बिगड़ी हालत में गुमला ले जाकर कराया गया उपचार।
सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड के कन्जोगा गांव में पार्वती देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों की सूचना पर समाजसेवी सह भाजपा नेता मुनेश्वर तिर्की ने उन्हें अपनी निजी कार से गुमला स्थित मिश्रा मेडिकल पहुंचाया। डॉ. सुगेंद्र सिंह ने उपचार किया, जिसके बाद उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
- कन्जोगा ग्राम निवासी पार्वती देवी की सुबह अचानक तबीयत बिगड़ी।
- सूचना पर मुनेश्वर तिर्की ने निजी वाहन से गुमला पहुंचाया।
- मिश्रा मेडिकल, पालकोट रोड में हुआ इलाज।
- डॉ. सुगेंद्र सिंह के उपचार से स्थिति में सुधार।
- मौके पर महेश सिंह सहित परिजन रहे मौजूद।
कोलेबिरा प्रखंड अंतर्गत कन्जोगा ग्राम में शुक्रवार सुबह उस समय चिंता का माहौल बन गया, जब तुलेम्बर सिंह की माता पार्वती देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों ने तत्काल स्थानीय स्तर पर मदद की कोशिश की, लेकिन स्थिति को देखते हुए बेहतर चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता महसूस हुई। ऐसे में समाजसेवी सह भाजपा नेता मुनेश्वर तिर्की को इसकी सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही त्वरित पहल
जानकारी मिलते ही मुनेश्वर तिर्की ने बिना किसी विलंब के मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। उन्होंने अपनी निजी कार से पार्वती देवी को तत्काल गुमला स्थित मिश्रा मेडिकल, पालकोट रोड पहुंचाया। ग्रामीण क्षेत्र से शहरी चिकित्सा केंद्र तक शीघ्र पहुंचाना एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
परिजनों के अनुसार, यदि समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। त्वरित निर्णय और सक्रिय सहयोग से समय की बचत हुई और मरीज को शीघ्र उपचार मिल सका।
मिश्रा मेडिकल में हुआ उपचार
गुमला के मिश्रा मेडिकल में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुगेंद्र सिंह ने पार्वती देवी की जांच कर आवश्यक उपचार शुरू किया। डॉक्टर द्वारा समय पर दी गई चिकित्सा से उनकी हालत में सुधार हुआ। फिलहाल चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को स्थिर बताया है और आवश्यक देखरेख जारी है।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि शुरुआती घबराहट के बाद जब डॉक्टरों ने स्थिति नियंत्रित होने की जानकारी दी, तब सभी ने राहत की सांस ली।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति
इस दौरान भाजपा नेता महेश सिंह सहित परिवार के अन्य सदस्य अस्पताल में मौजूद रहे। सभी ने पार्वती देवी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। परिजनों ने समाजसेवी सह भाजपा नेता मुनेश्वर तिर्की के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में मिला यह सहयोग उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधि और समाजसेवी यदि इसी प्रकार आम लोगों की समस्याओं में साथ खड़े हों, तो ग्रामीण समाज में भरोसा और मजबूत होता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की चुनौती
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर ध्यान आकर्षित करती है। कई गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद गंभीर स्थिति में मरीजों को जिला या अनुमंडल मुख्यालय ले जाना पड़ता है। ऐसे में समय पर वाहन और सहयोग की व्यवस्था जीवनरक्षक साबित होती है।
न्यूज़ देखो: मानवीय पहल से बना भरोसे का रिश्ता
कन्जोगा की यह घटना दिखाती है कि संकट की घड़ी में त्वरित निर्णय और संवेदनशीलता कितनी अहम होती है। जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से आम लोगों का भरोसा मजबूत होता है। हालांकि साथ ही यह सवाल भी उठता है कि ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचा कितना सुदृढ़ है और क्या हर जरूरतमंद को समय पर सुविधा मिल पा रही है? व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संकट की घड़ी में साथ खड़े होना ही सच्ची सेवा
समाज की मजबूती इसी में है कि हम एक-दूसरे के दुख-सुख में साथ खड़े रहें। छोटी-सी पहल भी किसी परिवार के लिए बड़ी राहत बन सकती है।
यदि आपके आसपास कोई बीमार या जरूरतमंद है, तो आगे बढ़कर सहयोग करें। जागरूक रहें, संवेदनशील बनें और सकारात्मक पहल को साझा करें। अपनी राय कमेंट करें और खबर को आगे बढ़ाकर समाज में सहयोग की भावना को मजबूत करें।







