
#हुसैनाबाद #पलामू #सारथीयोजना : निःशुल्क प्रशिक्षण से युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल।
पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड में मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत युवाओं और महिलाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। झारखंड कौशल विकास मिशन के अंतर्गत आयोजित इस प्रशिक्षण में विभिन्न रोजगारोन्मुखी कोर्स उपलब्ध हैं। प्रशिक्षण के साथ भोजन, आवास और प्रमाण पत्र की सुविधा दी जाएगी। इस पहल से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
- मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत हुसैनाबाद प्रखंड में कौशल प्रशिक्षण शुरू।
- असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन, सिलाई ऑपरेटर, सोलर तकनीशियन सहित कई कोर्स उपलब्ध।
- प्रशिक्षण अवधि 3 से 6 माह, न्यूनतम योग्यता 5वीं से 10वीं।
- प्रशिक्षुओं को निःशुल्क भोजन, हॉस्टल, ड्रेस और प्रमाण पत्र की सुविधा।
- प्रशिक्षण के बाद 100 प्रतिशत प्लेसमेंट का दावा।
पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड परिसर में मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत युवाओं और महिलाओं के लिए एक विशेष कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय युवाओं और महिलाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के योग्य बनाना है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शक्ति इंफोटेक के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न तकनीकी और व्यावसायिक कोर्स शामिल किए गए हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं ने भाग लिया और इसे अपने भविष्य के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया।
रोजगारोन्मुखी कोर्स की उपलब्धता
प्रशिक्षकों ने जानकारी दी कि योजना के तहत कई रोजगारोन्मुखी कोर्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनमें असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन, सिलाई मशीन ऑपरेटर, सोलर तकनीशियन और डेटा एंट्री ऑपरेटर जैसे कोर्स शामिल हैं।
इन कोर्सों की अवधि 3 से 6 माह रखी गई है, जिससे कम समय में प्रशिक्षण लेकर युवा रोजगार के क्षेत्र में कदम रख सकें। यह पहल खासकर उन युवाओं के लिए उपयोगी है, जो कम पढ़ाई के बावजूद रोजगार की तलाश में हैं।
न्यूनतम योग्यता और सुविधाएं
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 5वीं से 10वीं कक्षा तक निर्धारित की गई है, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
प्रशिक्षणार्थियों को कई सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं, जिनमें निःशुल्क प्रशिक्षण, पाठ्य सामग्री, ड्रेस, कंप्यूटर प्रशिक्षण और लाइब्रेरी सुविधा शामिल हैं।
इसके अलावा सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा, जिससे प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार पाने में मदद मिलेगी।
भोजन, हॉस्टल और ऑन-जॉब ट्रेनिंग
योजना के तहत प्रशिक्षणार्थियों को निःशुल्क भोजन और हॉस्टल की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभागियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसके साथ ही ऑन-जॉब ट्रेनिंग की व्यवस्था भी की गई है, जिससे प्रशिक्षण के दौरान ही व्यावहारिक अनुभव मिल सके।
एक प्रशिक्षक ने बताया: “हमारा उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार के लिए पूरी तरह तैयार करना है।”
100 प्रतिशत प्लेसमेंट का आश्वासन
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद 100 प्रतिशत प्लेसमेंट का दावा किया गया है। इससे युवाओं में उत्साह और विश्वास दोनों बढ़ा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पहल से क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
महिलाओं के लिए सुनहरा अवसर
यह योजना विशेष रूप से महिलाओं के लिए भी काफी लाभकारी साबित हो सकती है। सिलाई और अन्य तकनीकी कोर्स के माध्यम से महिलाएं घर बैठे भी रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकती हैं।
इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि समाज में उनकी भागीदारी भी बढ़ेगी।
न्यूज़ देखो: कौशल से आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम
हुसैनाबाद में मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत शुरू हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि इस योजना का सही क्रियान्वयन होता है, तो यह क्षेत्र में बेरोजगारी को कम करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। अब जरूरत है कि अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़ें और इसका लाभ उठाएं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अपने कौशल को पहचानें और आगे बढ़ें
हर व्यक्ति के अंदर कोई न कोई हुनर जरूर होता है, बस जरूरत है उसे पहचानने और निखारने की। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आपके भविष्य को बदल सकते हैं।
अगर आप या आपके आसपास कोई युवा रोजगार की तलाश में है, तो इस योजना का लाभ जरूर उठाएं।
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