भीषण गर्मी में प्यासे लोगों को राहत देने आगे आए समाजसेवी मुकेश गुप्ता, निजी खर्च से सुधरवाए खराब चापाकल

भीषण गर्मी में प्यासे लोगों को राहत देने आगे आए समाजसेवी मुकेश गुप्ता, निजी खर्च से सुधरवाए खराब चापाकल

author News देखो Team
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#पलामू #जलसंकट : लोहरसी पंचायत में निजी पहल से लोगों को मिली पेयजल राहत।

पलामू जिले के पांकी प्रखंड अंतर्गत लोहरसी पंचायत में बढ़ते जल संकट के बीच समाजसेवी सह मुखिया प्रत्याशी मुकेश कुमार गुप्ता ने खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत अपने निजी खर्च से करवाई। कई दिनों से बंद पड़े चापाकलों के कारण ग्रामीणों को भीषण गर्मी में पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा था। इस पहल से ग्रामीणों को राहत मिली है और क्षेत्र में इसकी सराहना हो रही है।

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  • लोहरसी पंचायत में कई दिनों से खराब पड़े चापाकलों की निजी खर्च से कराई गई मरम्मत।
  • समाजसेवी मुकेश कुमार गुप्ता ने भीषण गर्मी में ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने की पहल की।
  • ग्रामीणों ने जल संकट के समय मदद के लिए मुकेश गुप्ता के प्रति जताया आभार।
  • चापाकल बंद रहने से लोगों को पीने के पानी के लिए हो रही थी भारी परेशानी।
  • मुकेश गुप्ता ने कहा — “समाज सेवा ही मेरा लक्ष्य है, यह कार्य लगातार जारी रहेगा।”
  • ग्रामीणों ने पंचायत में स्थायी जल व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी उठाई।

पलामू जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी और गिरते जलस्तर के बीच ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गंभीर रूप लेता जा रहा है। पांकी प्रखंड के लोहरसी पंचायत में भी हालात कुछ ऐसे ही बने हुए थे, जहां कई चापाकल खराब होने के कारण लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा था। ऐसे समय में समाजसेवी सह मुखिया प्रत्याशी मुकेश कुमार गुप्ता ने पहल करते हुए खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत अपने निजी खर्च से करवाई, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।

भीषण गर्मी में गहराया जल संकट

इन दिनों पलामू सहित आसपास के क्षेत्रों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। गांवों में जलस्तर नीचे जाने के कारण कई चापाकल बंद पड़ गए हैं। लोहरसी पंचायत के ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से पेयजल संकट के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ रहा था।

ग्रामीणों ने बताया कि सरकारी स्तर पर कई योजनाएं संचालित होने के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई जगहों पर जलमीनार बने जरूर हैं, लेकिन उनका लाभ आम लोगों तक सही तरीके से नहीं पहुंच रहा है।

निजी खर्च से करवाई चापाकलों की मरम्मत

इसी बीच समाजसेवी सह मुखिया प्रत्याशी मुकेश कुमार गुप्ता ने आगे बढ़कर पंचायत क्षेत्र में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत करवाने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने निजी खर्च से कई चापाकलों को दुरुस्त कराया ताकि लोगों को इस भीषण गर्मी में पीने का पानी उपलब्ध हो सके।

ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से बंद पड़े चापाकलों के कारण लोग परेशान थे, लेकिन मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद अब लोगों को राहत मिलने लगी है। गांव के कई मोहल्लों में फिर से पानी निकलने लगा है, जिससे लोगों के चेहरे पर खुशी दिखाई दे रही है।

ग्रामीणों ने जताया आभार

चापाकलों की मरम्मत के बाद ग्रामीणों ने समाजसेवी मुकेश कुमार गुप्ता के प्रति आभार व्यक्त किया। लोगों ने कहा कि जब जल संकट गंभीर रूप ले चुका था, तब निजी स्तर पर आगे आकर मदद करना सराहनीय कार्य है।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में अभी भी कई जगह पेयजल की समस्या बनी हुई है और आने वाले दिनों में यदि समय रहते स्थायी व्यवस्था नहीं की गई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। लोगों ने प्रशासन से भी क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।

समाज सेवा को बताया जीवन का लक्ष्य

समाजसेवी सह मुखिया प्रत्याशी मुकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि पानी हर व्यक्ति का मूल अधिकार है और भीषण गर्मी में लोगों को राहत पहुंचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

मुकेश कुमार गुप्ता ने कहा: “जल ही जीवन है। समाज सेवा हमारा लक्ष्य है और लोगों की सेवा के लिए मैं हमेशा आगे रहूंगा। किसी भी परिस्थिति में यह सेवा कार्य रुकने नहीं दिया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि पंचायत क्षेत्र को खुशहाल और सुविधायुक्त बनाने के लिए भविष्य में भी कई जनहित कार्य किए जाएंगे। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना आवश्यक है।

सरकारी योजनाओं पर भी उठे सवाल

ग्रामीणों ने इस दौरान जलापूर्ति योजनाओं को लेकर नाराजगी भी जताई। लोगों का कहना है कि कई योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं। जलमीनार और पाइपलाइन जैसी योजनाओं का लाभ हर गांव तक नहीं पहुंच पाया है।

ग्रामीणों ने कहा कि गर्मी शुरू होते ही हर वर्ष पानी की समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी काम नहीं हो पाता। लोगों ने पंचायत और प्रशासन से नियमित निगरानी और खराब चापाकलों की समय पर मरम्मत की मांग की है।

पंचायत में विकास को लेकर बढ़ी चर्चा

लोहरसी पंचायत में चापाकलों की मरम्मत के बाद विकास और जनसेवा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को इसी तरह लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए आगे आना चाहिए।

स्थानीय लोगों का मानना है कि पानी जैसी बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। भीषण गर्मी में पेयजल उपलब्ध कराना किसी राहत कार्य से कम नहीं है।

न्यूज़ देखो: जल संकट के बीच मानवीय पहल बनी राहत

भीषण गर्मी में जब ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है, ऐसे समय में निजी स्तर पर चापाकलों की मरम्मत करवाना निश्चित रूप से सराहनीय पहल है। यह खबर बताती है कि यदि इच्छाशक्ति हो तो स्थानीय स्तर पर भी लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। साथ ही यह सवाल भी खड़ा होता है कि आखिर हर साल जल संकट के बावजूद स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं बन पाती। अब जरूरत है कि प्रशासन भी इस दिशा में तेजी से ठोस कदम उठाए।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

पानी बचाएं, गांव बचाएं — जिम्मेदारी हम सबकी

गर्मी के इस कठिन समय में पानी का महत्व और भी बढ़ जाता है।
जरूरत है कि हर व्यक्ति जल संरक्षण को अपनी आदत बनाए और गांव-समाज की समस्याओं के समाधान में सक्रिय भागीदारी निभाए।
यदि किसी क्षेत्र में पेयजल संकट है, तो उसकी जानकारी प्रशासन तक जरूर पहुंचाएं।
सामाजिक सहयोग और जागरूकता से ही गांवों को बेहतर बनाया जा सकता है।

अपनी राय कमेंट में जरूर दें, खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने में अपनी भागीदारी निभाएं।

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