
#खलारी #एशियन_चैंपियनशिप : फुकुओका में 6 किमी अंडर 20 टीम स्पर्धा में कांस्य जीतकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकी सोनम।
रांची जिले के खलारी प्रखंड की उभरती एथलेटिक्स खिलाड़ी सोनम कुमारी ने 21 फरवरी 2026 को जापान के फुकुओका में आयोजित 18वीं एशियन एथलेटिक्स क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया। अंडर 20 महिला 6 किलोमीटर टीम स्पर्धा में उनके प्रदर्शन ने खलारी पिपरवार क्षेत्र का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन कर दिया है।
- 21 फरवरी 2026 को फुकुओका, जापान में आयोजित 18वीं एशियन क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में उपलब्धि।
- सोनम कुमारी ने 6 किमी अंडर 20 महिला टीम स्पर्धा में भारत को कांस्य दिलाया।
- खलारी प्रखंड के अंबेडकर मैदान, राय बस्ती की निवासी हैं सोनम।
- प्रारंभिक प्रशिक्षण गणेश स्पोर्टिंग क्लब राय में, बाद में जेएसएसपीएस रांची में चयन।
- वर्तमान में साई सेंटर भोपाल में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं।
रांची जिले के खलारी प्रखंड अंतर्गत राय बस्ती की होनहार एथलेटिक्स खिलाड़ी सोनम कुमारी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए भारत को गौरवान्वित किया है। 21 फरवरी 2026 को फुकुओका, जापान में आयोजित 18वीं एशियन एथलेटिक्स क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में सोनम ने 6 किलोमीटर अंडर 20 महिला टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर न केवल देश का नाम रोशन किया, बल्कि खलारी पिपरवार कोलांचल क्षेत्र को भी नई पहचान दिलाई है।
फुकुओका में लहराया भारत का परचम
जापान के फुकुओका शहर में आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में एशिया के विभिन्न देशों के प्रतिभाशाली एथलीटों ने हिस्सा लिया। कड़े मुकाबले के बीच सोनम कुमारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम स्पर्धा में भारत को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
उनकी इस उपलब्धि से पूरे खलारी क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। स्थानीय लोग इसे क्षेत्र के खेल इतिहास का गौरवपूर्ण क्षण मान रहे हैं।
गांव की बेटी ने रचा इतिहास
सोनम कुमारी खलारी प्रखंड के अंबेडकर मैदान, राय बस्ती की निवासी हैं। उनके पिता लालधन महतो और माता प्रमिला देवी हैं। साधारण परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की उनकी कहानी संघर्ष, समर्पण और कड़ी मेहनत का उदाहरण है।
ग्रामीण परिवेश से निकलकर एशियन चैंपियनशिप में पदक जीतना न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि है।
गणेश स्पोर्टिंग क्लब से शुरू हुआ सफर
गणेश स्पोर्टिंग क्लब राय के संस्थापक सह सचिव गणेश कुमार महतो ने बताया कि सोनम की प्रतिभा को सबसे पहले गांव में संचालित क्लब में पहचाना गया। उन्हें प्रारंभिक स्तर पर निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
सत्र 2016–17 में झारखंड सरकार एवं सीसीएल द्वारा संचालित जेएसएसपीएस खेल अकादमी, रांची में उनका चयन हुआ, जहां उन्हें व्यवस्थित और पेशेवर प्रशिक्षण मिला। यह उनके करियर का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।
राज्य स्तर पर स्वर्ण से बनाई पहचान
सत्र 2020 में पलामू प्रमंडल के डालटनगंज स्टेडियम में आयोजित 11वीं झारखंड राज्य क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में सोनम कुमारी ने 2 किलोमीटर अंडर 14 बालिका वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
इस उपलब्धि के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की दिशा में लगातार मेहनत जारी रखी।

साई सेंटर भोपाल में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण
सत्र 2023–24 में खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित भारतीय खेल प्राधिकरण के साई सेंटर, भोपाल (मध्य प्रदेश) में सोनम का चयन हुआ। पिछले तीन वर्षों से उन्हें वहां छात्रावास, पौष्टिक भोजन, खेल किट और उच्च स्तरीय निशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।
वर्तमान में भी वह वहीं प्रशिक्षणरत हैं और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रही हैं। यह पेशेवर प्रशिक्षण उनके प्रदर्शन को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
प्रशिक्षकों ने दी शुभकामनाएं
एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने पर गणेश स्पोर्टिंग क्लब राय के प्रशिक्षक गणेश कुमार महतो और क्लब की एएफआई प्री-लेवल 1 कोच किरण कुमारी ने सोनम को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि सोनम की मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है और आने वाले समय में वह देश के लिए और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।
खलारी के खेल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय
सोनम कुमारी की यह उपलब्धि खलारी प्रखंड के खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। उनके प्रदर्शन ने यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती, बल्कि सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा जा सकता है।
स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों के लिए सोनम आज प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। उनकी सफलता ने यह संदेश दिया है कि ग्रामीण क्षेत्र से भी अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना संभव है।
न्यूज़ देखो: ग्रामीण प्रतिभा से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक का सफर
सोनम कुमारी की उपलब्धि केवल एक पदक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण प्रतिभा, सही प्रशिक्षण और निरंतर प्रयास की सफलता का प्रतीक है। स्थानीय क्लब से लेकर साई सेंटर तक का उनका सफर खेल संरचना की सकारात्मक भूमिका को भी दर्शाता है। यह जीत खलारी और पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
खेल में आगे बढ़ें और सपनों को दें उड़ान
सोनम की सफलता बताती है कि सपनों को साकार करने के लिए मेहनत और अनुशासन सबसे बड़ी ताकत है।
ग्रामीण क्षेत्रों के युवा भी सही दिशा और प्रशिक्षण से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकते हैं।
अपने बच्चों को खेल के लिए प्रोत्साहित करें और स्थानीय प्रतिभाओं को समर्थन दें।
खेल न केवल करियर बल्कि आत्मविश्वास और पहचान भी देता है।
सोनम कुमारी की इस उपलब्धि पर आप भी अपनी शुभकामनाएं कमेंट में जरूर दें।
खबर को अधिक से अधिक साझा करें और अपने क्षेत्र की प्रतिभाओं का हौसला बढ़ाएं।






