#गुमला #टीबी_अभियान : मंडल कारा में आयुष्मान शिविर—टीबी जांच और स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर।
गुमला के मंडल कारा में 100 दिवसीय टीबी मुक्त अभियान के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। बंदियों की टीबी स्क्रीनिंग और एक्स-रे जांच की गई। साथ ही अन्य स्वास्थ्य जांच और जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया गया। प्रशासन ने टीबी मुक्त गुमला बनाने की दिशा में पहल तेज की है।
- मंडल कारा में टीबी स्क्रीनिंग और एक्स-रे जांच।
- 100 दिवसीय टीबी मुक्त अभियान के तहत शिविर।
- बंदियों और कर्मियों की स्वास्थ्य जांच।
- डॉ. के.के. मिश्रा ने दी जागरूकता जानकारी।
- प्रशासन का लक्ष्य टीबी मुक्त गुमला।
गुमला जिले में टीबी मुक्त अभियान को गति देने के उद्देश्य से मंडल कारा में विशेष आयुष्मान आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में बंदियों के स्वास्थ्य की व्यापक जांच की गई और उन्हें टीबी जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक किया गया।
यह पहल जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मंडल कारा को उच्च जोखिम क्षेत्र मानकर जांच
स्वास्थ्य विभाग ने मंडल कारा को उच्च जोखिम क्षेत्र मानते हुए सभी बंदियों की क्रमवार जांच की। शिविर में पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से मौके पर ही टीबी स्क्रीनिंग की गई।
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. के.के. मिश्रा ने कहा: “टीबी की समय पर पहचान से ही इसका प्रभावी इलाज संभव है।”
व्यापक स्वास्थ्य जांच की सुविधा
शिविर के दौरान बंदियों और कारा कर्मियों की कई प्रकार की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें ब्लड प्रेशर, शुगर, हीमोग्लोबिन, एचआईवी और बलगम जांच शामिल रही।
इससे बंदियों के समग्र स्वास्थ्य का आकलन किया गया।
जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
शिविर के साथ-साथ यक्ष्मा जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें बंदियों को टीबी के लक्षण, संक्रमण के कारण और उपचार प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
डॉ. मिश्रा ने कहा: “टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है, यदि समय पर दवा ली जाए।”
अधिकारियों की मौजूदगी
इस कार्यक्रम में जेल अधीक्षक गोपाल चंद्र महतो, डॉ. क्रिस्टो मंगल बोदरा, विनय कुमार गुप्ता, सुधांशु भूषण मिश्रा, राजेश उरांव, सुब्रतो शाहा, उपेंद्र साहू तथा संस्था ‘रीच’ की राखी कुमारी सहित कई अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
जेल अधीक्षक ने की सराहना
जेल अधीक्षक गोपाल चंद्र महतो ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बंदियों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ती है।
टीबी मुक्त गुमला का लक्ष्य
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर गुमला को टीबी मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा
इस तरह के शिविरों के माध्यम से न केवल बीमारी की पहचान होती है, बल्कि लोगों को समय पर इलाज भी मिल पाता है।
न्यूज़ देखो: स्वास्थ्य जागरूकता से मिलेगी जीत
गुमला का यह अभियान दिखाता है कि यदि समय पर जांच और जागरूकता बढ़ाई जाए, तो टीबी जैसी बीमारी पर नियंत्रण संभव है। अब जरूरत है कि यह प्रयास लगातार जारी रहे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक बनें, स्वस्थ रहें
स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी पूंजी है।
समय पर जांच और इलाज जरूरी है।
टीबी जैसी बीमारी से डरें नहीं, इलाज कराएं।
आइए, हम स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दें।
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