#सिमडेगा #पंचायतीराजदिवस : कॉलेज में व्याख्यान से छात्रों को स्थानीय शासन की मिली जानकारी।
सिमडेगा के संत जेवियर कॉलेज में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता ने पंचायती राज व्यवस्था के संवैधानिक और व्यावहारिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। छात्रों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने सवालों के माध्यम से विषय की गहराई को समझा। यह आयोजन युवाओं को लोकतंत्र के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।
- 24 अप्रैल 2026 को संत जेवियर कॉलेज, सिमडेगा में कार्यक्रम आयोजित।
- डॉ. रोशन शांतिनंदन टेटे रहे मुख्य वक्ता।
- पंचायती राज के संवैधानिक और व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तृत चर्चा।
- प्रो. अजय कुमार, रोशन गिद्ध, रेनी अलमा लकड़ा सहित कई शिक्षक उपस्थित।
- विद्यार्थियों ने प्रश्नोत्तर सत्र में सक्रिय भागीदारी निभाई।
सिमडेगा स्थित संत जेवियर कॉलेज में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर एक शैक्षणिक और जागरूकता से भरपूर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित इस व्याख्यान में छात्रों को स्थानीय स्वशासन की प्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विषय से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस आयोजन ने छात्रों के बीच लोकतांत्रिक व्यवस्था की समझ को और मजबूत किया।
मुख्य वक्ता ने बताया पंचायती राज का महत्व
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. रोशन शांतिनंदन टेटे, जो सिमडेगा कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष हैं, ने अपने व्याख्यान में पंचायती राज व्यवस्था के संवैधानिक, सैद्धांतिक और व्यावहारिक पक्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ. रोशन शांतिनंदन टेटे ने कहा: “पंचायती राज व्यवस्था लोकतंत्र की नींव है और इसमें युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।”
उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए युवाओं को आगे आना होगा, तभी सशक्त लोकतंत्र का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम की शुरुआत और संचालन
कार्यक्रम की शुरुआत प्रोफेसर अजय कुमार द्वारा मुख्य वक्ता के परिचय के साथ की गई। इसके बाद राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर रोशन गिद्ध ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि यह दिवस देश में स्थानीय स्वशासन की मजबूती और लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
सम्मान समारोह और सहभागिता
कार्यक्रम के दौरान IQAC समन्वयक प्रोफेसर रेनी अलमा लकड़ा ने मुख्य वक्ता डॉ. रोशन टेटे को बीरू गमछा और पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
इसके बाद विद्यार्थियों के साथ एक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पंचायती राज से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल पूछे।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ समापन
कार्यक्रम के अंत में राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ईशान तिरु ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस आयोजन ने छात्रों को न केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान किया, बल्कि उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी के लिए भी प्रेरित किया।

न्यूज़ देखो: मजबूत लोकतंत्र के लिए जरूरी जागरूक युवा
संत जेवियर कॉलेज का यह आयोजन बताता है कि शिक्षा संस्थान केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक जागरूकता का भी केंद्र बन रहे हैं। पंचायती राज जैसी व्यवस्थाओं को समझना युवाओं के लिए बेहद जरूरी है, ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बन सकें। अब सवाल यह है कि क्या ऐसे कार्यक्रम गांव-गांव तक पहुंच पाएंगे? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
लोकतंत्र को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी हमारी
लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब नागरिक जागरूक हों।
युवा ही देश का भविष्य हैं और उनकी भागीदारी सबसे जरूरी है।
ऐसे कार्यक्रम हमें अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराते हैं।
हमें भी समाज और शासन के प्रति सजग रहना चाहिए।
आइए, हम भी लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
इस खबर को शेयर करें और दूसरों को भी जागरूक करें।
अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं और सक्रिय नागरिक बनें।

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