#सिमडेगा #शैक्षिक_कार्यक्रम : संत जेवियर कॉलेज में सत्र—एक्सबीआरएल फाइलिंग पर छात्रों को दिया गया प्रशिक्षण।
सिमडेगा के संत जेवियर कॉलेज में बीकॉम छात्रों के लिए एक्सबीआरएल फाइलिंग पर सत्र आयोजित किया गया। इसमें कॉरपोरेट रिपोर्टिंग और वैधानिक अनुपालन की जानकारी दी गई। डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने तकनीकी पहलुओं को समझाया। सत्र में 32 छात्रों ने भाग लिया।
- बीकॉम 2023–27 बैच के 32 छात्र शामिल।
- एक्सबीआरएल फाइलिंग पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
- डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने सत्र का संचालन किया।
- ऑडियो-विजुअल माध्यम से प्रेजेंटेशन किया गया।
- MCA पोर्टल पर AOC-4 XBRL प्रक्रिया समझाई गई।
सिमडेगा के संत जेवियर कॉलेज में वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों को कॉरपोरेट वित्तीय रिपोर्टिंग की जानकारी देने के उद्देश्य से एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। यह सत्र बीकॉम 2023–27 बैच के छात्रों के लिए आयोजित किया गया, जिसमें एक्सबीआरएल फाइलिंग (AOC-4 XBRL) के विषय पर विस्तृत जानकारी दी गई।
सेमिनार हॉल में आयोजित यह सत्र सुबह 10:00 बजे से 10:50 बजे तक चला, जिसमें कुल 32 विद्यार्थियों ने भाग लेकर सक्रिय रुचि दिखाई।
व्यावहारिक ज्ञान पर रहा फोकस
इस सत्र का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कंपनी अधिनियम के अंतर्गत वित्तीय रिपोर्टिंग और वैधानिक अनुपालन की वास्तविक प्रक्रियाओं से परिचित कराना था।
डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने कहा: “आज के समय में डिजिटल अनुपालन की समझ बेहद जरूरी है।”
विशेषज्ञ द्वारा मार्गदर्शन
सत्र का संचालन वाणिज्य विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को एक्सबीआरएल फाइलिंग की तकनीकी जानकारी सरल तरीके से समझाई।
ऑडियो-विजुअल माध्यम से शिक्षण
विद्यार्थियों की समझ को बेहतर बनाने के लिए प्रोजेक्टर के माध्यम से ऑडियो-विजुअल तकनीक का उपयोग किया गया। इस दौरान “FileKaro with CA Nitin Bansal” यूट्यूब चैनल का वीडियो दिखाया गया।
इस वीडियो में MCA V3 पोर्टल पर AOC-4 XBRL फॉर्म भरने की पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से समझाई गई।
महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा
सत्र में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया, जैसे—
- एक्सबीआरएल फाइलिंग का अर्थ और आवश्यकता
- XML फाइल तैयार करने की प्रक्रिया
- डेटा वैलिडेशन के नियम
- नवीनतम संशोधन के अनुसार PDF संलग्न करने की अनिवार्यता
विद्यार्थियों को मिली स्पष्ट समझ
डॉ. गुप्ता ने वीडियो से पहले, दौरान और बाद में विस्तृत व्याख्या दी, जिससे छात्रों को जटिल तकनीकी विषय भी आसानी से समझ में आए।
एक छात्र ने कहा: “इस सत्र से हमें प्रैक्टिकल जानकारी मिली, जो भविष्य में काम आएगी।”
रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध
इस सत्र की रिकॉर्डिंग “akgeclass” यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध कराई गई है, जिससे छात्र भविष्य में भी इसे देख सकेंगे।
छात्रों के लिए उपयोगी पहल
यह सत्र छात्रों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ और उन्हें कॉरपोरेट लेखांकन के व्यावहारिक पहलुओं को समझने में मदद मिली।
आधुनिक शिक्षा की दिशा में कदम
इस प्रकार के सत्र यह दर्शाते हैं कि कॉलेज अब पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक और व्यावहारिक ज्ञान पर भी ध्यान दे रहे हैं।

न्यूज़ देखो: पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल ज्ञान जरूरी
सिमडेगा का यह सत्र दिखाता है कि आज के दौर में केवल किताबों की पढ़ाई पर्याप्त नहीं है। छात्रों को व्यावहारिक और तकनीकी ज्ञान देना भी उतना ही जरूरी है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सीखें और आगे बढ़ें
नई तकनीकों को सीखना समय की जरूरत है।
प्रैक्टिकल ज्ञान से ही करियर मजबूत बनता है।
जागरूक विद्यार्थी ही भविष्य में सफल होते हैं।
आइए, हम सीखने की इस प्रक्रिया को अपनाएं।
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