#रांची #पुलिस_प्रशिक्षण : थाना प्रभारियों को व्यवहार, कानून और तकनीकी प्रावधानों की दी जा रही जानकारी।
झारखंड में पुलिस थाना और ओपी प्रभारियों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। रांची स्थित अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय में आयोजित इस प्रशिक्षण में पुलिस व्यवहार, कानूनी प्रावधान और तकनीकी प्रक्रियाओं पर फोकस किया जा रहा है। नौ अलग-अलग सत्रों में आयोजित इस पहल का उद्देश्य पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
- नौ सत्रों में प्रशिक्षण, मई 2026 की अलग-अलग तिथियों पर आयोजन।
- थाना/ओपी प्रभारियों को कार्यकुशलता और व्यवहार पर प्रशिक्षण।
- BNSS, CCTNS, मीडिया SOPs जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल।
- उद्घाटन महानिदेशक तदाशा मिश्र द्वारा किया गया।
- कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दिए व्यावहारिक सुझाव।
झारखंड राज्य में पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सभी जिलों के थाना और ओपी प्रभारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम रांची स्थित अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय में आयोजित हो रहा है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के साथ-साथ जनता के प्रति उनके व्यवहार में सुधार लाना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई को बढ़ावा देना है।
नौ अलग-अलग सत्रों में होगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम को नौ अलग-अलग सत्रों में विभाजित किया गया है, जो 5, 7, 11, 14, 18, 21, 25, 28 और 29 मई 2026 को आयोजित किए जाएंगे।
राज्य की विधि-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इन सत्रों में विभिन्न जिलों के थाना और ओपी प्रभारियों को क्रमवार शामिल किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण के दौरान पुलिस व्यवस्था प्रभावित न हो।
महत्वपूर्ण विषयों पर दी जा रही जानकारी
प्रशिक्षण में पुलिस अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इनमें प्रमुख रूप से जनता के साथ व्यवहार, मीडिया ब्रीफिंग के SOPs, महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में BNSS के प्रावधान, सर्च और सीजर की प्रक्रिया, FSL टीम की भूमिका और अभियोजन से संबंधित मुद्दे शामिल हैं।
इसके अलावा CCTNS से जुड़े कैप्सूल कोर्स जैसे जनरल डायरी की ऑनलाइन एंट्री, BNSS के तहत समय-सीमा, जीरो FIR और ई-साक्ष्य जैसे आधुनिक प्रावधानों पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अधिकारियों ने कहा: “आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक और व्यवहार दोनों का संतुलन जरूरी है।”
उद्घाटन सत्र में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन 5 मई 2026 को अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय, रांची में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड की महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक तदाशा मिश्र द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक ए. विजयालक्ष्मी, अनूप बिरथरे, इन्द्रजीत माहथा, संजीव कुमार, कार्तिक एस., सुरेन्द्र झा, चौथे मनोज रतन, संध्या रानी मेहता, नौशाद आलम, चन्दन कुमार झा, प्रियदर्शी आलोक और अजय कुमार सिन्हा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
व्यावहारिक अनुभवों से मिला मार्गदर्शन
प्रशिक्षण के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए थाना प्रभारियों को व्यावहारिक सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार जमीनी स्तर पर चुनौतियों का सामना करते हुए बेहतर पुलिसिंग की जा सकती है।
इस पहल से पुलिस बल की कार्यक्षमता में सुधार आने और जनता के बीच विश्वास बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

न्यूज़ देखो: क्या बदलेगी पुलिसिंग की तस्वीर?
झारखंड में इस तरह का प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशिक्षण में सीखी गई बातें जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी ढंग से लागू होती हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बेहतर पुलिसिंग, सुरक्षित समाज
सुरक्षा सिर्फ कानून से नहीं, व्यवहार से भी आती है।
संवेदनशील पुलिस ही मजबूत समाज की नींव होती है।
हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह कानून का सम्मान करे।
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