#बानो #आपदा_प्रशिक्षण : नगर भवन में आयोजन—सांप काटने और दुर्घटना में जीवन बचाने के तरीके सिखाए गए।
सिमडेगा के बानो में सर्पदंश और आपदा प्रबंधन पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षक तकनीकों की जानकारी दी। इसमें अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को आपात स्थिति में तैयार करना था।
- बानो में सर्पदंश और आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण आयोजित।
- डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार और BLS की जानकारी दी।
- संजीत शाह, सत्येंद्र श्रीवास्तव, विश्वजीत देवरी ने दिया प्रशिक्षण।
- कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों की भागीदारी।
- आपात स्थिति में त्वरित सहायता पर जोर।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड मुख्यालय स्थित नगर भवन में बुधवार को सर्पदंश एवं आपदा प्रबंधन को लेकर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रशिक्षण सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चला।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को आपात स्थिति में सही और त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित करना था, ताकि समय पर सही कदम उठाकर जान बचाई जा सके।
सर्पदंश और दुर्घटनाओं पर विशेष जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान सर्पदंश (सांप के काटने) की स्थिति में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, इस पर विस्तार से जानकारी दी गई।
डॉ. संजीत शाह ने कहा: “सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत सही प्राथमिक उपचार देना बेहद जरूरी है।”
इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्ति की सहायता करने के सही तरीकों पर भी प्रकाश डाला गया।
बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) का प्रशिक्षण
कार्यक्रम में बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) के तहत जीवन रक्षक तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया गया।
डॉ. सत्येंद्र श्रीवास्तव ने कहा: “BLS तकनीक के माध्यम से किसी भी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है, अगर सही समय पर सही कदम उठाया जाए।”
प्रशिक्षण में प्रायोगिक तौर पर भी कुछ तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जिससे प्रतिभागियों को बेहतर समझ मिल सकी।
विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दिया प्रशिक्षण
इस विशेष प्रशिक्षण को डॉ. संजीत शाह, डॉ. सत्येंद्र श्रीवास्तव और डॉ. विश्वजीत देवरी द्वारा संचालित किया गया।
डॉ. विश्वजीत देवरी ने कहा: “जागरूकता और प्रशिक्षण से ही आपदाओं में होने वाली मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।”
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में सर्किल इंस्पेक्टर एडुएल गेस्टेन बागे, जिला परिषद सदस्य बिरजो कंडुलना, प्रखंड प्रमुख सुधीर डांग, थाना प्रभारी श्याम नंदन सिंह, डॉ. दुलमु बुढ़िउली, पंकज प्रमाणिक, अभय कुमार, विश्वनाथ बड़ाईक, कृपा हेमरोम, सीता कुमारी, सोमवारी कैथवार, त्रिवेणी प्रसाद, नीतीश कुमार, विकास मघइया, अशोक कुमार राम, सतीश कुमार महतो, अजित कुमार, राजीव रंजन सिंह सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
एक अधिकारी ने कहा: “इस तरह के प्रशिक्षण से ग्रामीणों को आपात स्थिति में खुद और दूसरों की मदद करने का आत्मविश्वास मिलता है।”
ग्रामीणों में बढ़ी जागरूकता
प्रशिक्षण में शामिल ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे उन्हें जीवन रक्षक जानकारी मिली है।
एक ग्रामीण ने कहा: “अब हमें पता है कि आपात स्थिति में क्या करना है।”
आपदा प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह कार्यक्रम न केवल सर्पदंश जैसी घटनाओं से निपटने के लिए उपयोगी है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में भी मददगार साबित होगा।
जागरूकता से ही बचाव संभव
विशेषज्ञों ने बताया कि सही समय पर सही निर्णय ही जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करता है।
न्यूज़ देखो: जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
बानो का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दिखाता है कि आपदा से निपटने के लिए केवल संसाधन ही नहीं, बल्कि सही जानकारी भी जरूरी है। यदि ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित हों, तो कई जानें बचाई जा सकती हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सीखें और जीवन बचाएं
आपात स्थिति में घबराएं नहीं, समझदारी से काम लें।
प्राथमिक उपचार की जानकारी हर व्यक्ति को होनी चाहिए।
समय पर सही कदम उठाना जीवन बचा सकता है।
आइए, हम खुद भी जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें।
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