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आनंदपुर प्रखंड में आंगनबाड़ी सेविकाओं और माता समिति को मिशन वात्सल्य व आईसीडीएस सेवाओं का विशेष प्रशिक्षण

#आनंदपुर #पश्चिम_सिंहभूम #मिशन_वात्सल्य : लीड्स संस्था ने सेविकाओं को आंगनबाड़ी सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी।

पश्चिमी सिंहभूम के आनंदपुर प्रखंड कार्यालय भवन में लीड्स संस्था द्वारा आंगनबाड़ी सेविकाओं और माता समिति सदस्यों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में आईसीडीएस कार्यक्रम की छह प्रमुख सेवाओं और मिशन वात्सल्य योजना की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में 25 गांवों की प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य बाल संरक्षण और पोषण सेवाओं को मजबूत करना था।

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  • प्रशिक्षण का आयोजन लीड्स संस्था द्वारा आनंदपुर प्रखंड कार्यालय भवन में किया गया।
  • आईसीडीएस कार्यक्रम की छह प्रमुख सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
  • मिशन वात्सल्य योजना के उद्देश्यों और लाभों पर चर्चा।
  • परियोजना समन्वयक मनीष कुमार ने योजनाओं की पृष्ठभूमि बताई।
  • 25 गांवों की आंगनबाड़ी सेविकाएं और माता समिति सदस्य हुए शामिल।

पश्चिमी सिंहभूम जिले के आनंदपुर प्रखंड में आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं माता समिति के सदस्यों के लिए आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बाल विकास सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। कार्यक्रम का आयोजन प्रखंड कार्यालय भवन में लीड्स संस्था द्वारा किया गया, जिसमें 25 गांवों से आई सेविकाओं और समिति प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

आईसीडीएस कार्यक्रम की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

लीड्स संस्था के परियोजना समन्वयक मनीष कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि आईसीडीएस कार्यक्रम की शुरुआत 2 अक्टूबर 1975 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 106वीं जयंती के अवसर पर की गई थी। यह कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत संचालित देश का एक व्यापक और बहुआयामी कार्यक्रम है।

उन्होंने कहा:

“आईसीडीएस कार्यक्रम का उद्देश्य छह वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरी बालिकाओं को समेकित सेवाएं प्रदान करना है, ताकि प्रारंभिक बाल्यावस्था से ही उनका समुचित विकास सुनिश्चित हो सके।”

यह कार्यक्रम विशेष रूप से ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों और माताओं के लिए महत्वपूर्ण है, जहां संसाधनों की कमी के कारण पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं चुनौतीपूर्ण होती हैं।

आंगनबाड़ी की छह प्रमुख सेवाएं

प्रशिक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध छह प्रमुख सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। इनमें शामिल हैं—

  1. स्कूल पूर्व शिक्षा
  2. पूरक पोषाहार
  3. टीकाकरण
  4. स्वास्थ्य एवं पोषण शिक्षा
  5. रेफरल सेवाएं
  6. स्वास्थ्य जांच

परियोजना समन्वयक ने स्पष्ट किया कि ये सभी सेवाएं एकीकृत रूप से बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को ध्यान में रखकर प्रदान की जाती हैं। आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण वितरण का स्थान नहीं, बल्कि समुदाय आधारित बाल विकास का केंद्र है।

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मिशन वात्सल्य की रूपरेखा

प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में मिशन वात्सल्य योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा वर्ष 2009-10 से “मिशन वात्सल्य” नामक केंद्र प्रायोजित योजना संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य बाल संरक्षण और पुनर्वास सेवाओं को सुदृढ़ करना है।

इस योजना का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और खुशहाल बचपन सुनिश्चित करना है। योजना के अंतर्गत बच्चों को उनकी क्षमता विकसित करने के अवसर प्रदान करना, संवेदनशील और समर्थनकारी वातावरण तैयार करना तथा आवश्यकता पड़ने पर पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराना शामिल है।

प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता

कार्यक्रम में लीड्स संस्था के कार्यकर्ता गौतम नायक, बादल सिंह और मार्गेट होरो भी उपस्थित रहे। 25 गांवों की आंगनबाड़ी सेविकाएं और माता समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य प्रशिक्षण में शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और अनुभव साझा किए।

इस प्रकार का प्रशिक्षण स्थानीय स्तर पर सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में सहायक माना जा रहा है, क्योंकि इससे सेविकाओं को योजनाओं की स्पष्ट समझ मिलती है और वे समुदाय तक सही जानकारी पहुंचा पाती हैं।

न्यूज़ देखो: जमीनी स्तर पर जागरूकता से ही मजबूत होगा बाल संरक्षण तंत्र

आनंदपुर में आयोजित यह प्रशिक्षण बताता है कि योजनाओं की सफलता केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी कार्यकर्ताओं की समझ और सक्रियता पर निर्भर करती है। आंगनबाड़ी सेविकाएं और माता समिति सदस्य ही वह कड़ी हैं जो सरकार की योजनाओं को सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाती हैं। मिशन वात्सल्य और आईसीडीएस की जानकारी का विस्तार बाल संरक्षण व्यवस्था को और सुदृढ़ कर सकता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

स्वस्थ बचपन, सुरक्षित भविष्य

हर बच्चे को पोषण, शिक्षा और सुरक्षा मिलना उसका अधिकार है।
समाज और प्रशासन की साझी जिम्मेदारी है कि कोई भी बच्चा सेवाओं से वंचित न रहे।
जागरूक सेविकाएं और सक्रिय समुदाय ही बदलाव की नींव हैं।
आप भी अपने क्षेत्र की आंगनबाड़ी सेवाओं की जानकारी लें और जरूरतमंदों तक सूचना पहुंचाएं।
अपनी राय कमेंट में साझा करें और खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।

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Pramod Mishra

आनंदपुर, पश्चिम सिंहभूम

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