
#विश्रामपुर #वार्षिक_परिणाम : सेंट पॉल स्कूल में रिजल्ट वितरण—टॉपर्स को सम्मान और प्रोत्साहन।
पलामू जिले के रेहला स्थित सेंट पॉल कॉन्वेंट स्कूल में वार्षिक परीक्षाफल वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 947 छात्रों का 100 प्रतिशत परिणाम घोषित किया गया और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथियों ने छात्रों को पढ़ाई के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। विद्यालय प्रबंधन ने टॉपर्स और प्रथम श्रेणी के छात्रों के लिए विशेष सुविधाओं की घोषणा की।
- सेंट पॉल कॉन्वेंट स्कूल, रेहला में वार्षिक परिणाम घोषित।
- कुल 947 छात्र-छात्राएं, परिणाम 100 प्रतिशत।
- संतन कुमार और अनिका कुमारी बने विद्यालय टॉपर।
- टॉपर्स को किताबें और प्रथम श्रेणी छात्रों की फीस माफ।
- कार्यक्रम में कई अधिकारी और शिक्षक उपस्थित।
विश्रामपुर (पलामू) के रेहला स्थित सेंट पॉल कॉन्वेंट स्कूल में वार्षिक परीक्षा परिणाम एवं पुरस्कार वितरण समारोह बड़े ही उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं को उनका परीक्षाफल वितरित किया गया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रामाशीष पासवान (पुलिस अंचल निरीक्षक, पांडू), गुलशन बिरुआ (थाना प्रभारी, रेहला), विद्यालय के निदेशक सायमन मैथ्यू ऐश्ले, सचिव रीना और प्राचार्या मोनिका एक्का द्वारा संयुक्त रूप से माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना और दीप प्रज्वलन कर किया गया।
100 प्रतिशत रिजल्ट से बढ़ा विद्यालय का गौरव
विद्यालय के निदेशक सायमन मैथ्यू ऐश्ले ने बताया कि इस वर्ष कुल 947 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए और सभी सफल रहे, जिससे विद्यालय का परिणाम 100 प्रतिशत रहा।
उन्होंने कहा: “यह उपलब्धि छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है।”
इस शानदार परिणाम ने विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को और मजबूती प्रदान की है।
टॉपर्स और मेधावी छात्रों का सम्मान
कार्यक्रम में जूनियर वर्ग में संतन कुमार और सीनियर वर्ग में अनिका कुमारी ने सर्वाधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय टॉपर का स्थान हासिल किया।
इसके बाद पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रत्येक कक्षा के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्तिपत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
विशेष सुविधाओं की घोषणा
विद्यालय प्रबंधन ने मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष घोषणा भी की। निदेशक सायमन मैथ्यू ऐश्ले ने बताया—
- दोनों टॉपर्स को नए सत्र की किताबें निःशुल्क दी जाएंगी।
- प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण सभी छात्रों की एक वर्ष की फीस माफ की जाएगी।
यह पहल छात्रों को और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।
मुख्य अतिथियों ने दिया मार्गदर्शन
मुख्य अतिथि रामाशीष पासवान ने अपने संबोधन में छात्रों को मोबाइल का सही उपयोग करने की सलाह दी—
रामाशीष पासवान ने कहा: “मोबाइल का उपयोग पढ़ाई के लिए करें और एजुकेशनल ऐप डाउनलोड करें, ताकि यह आपके विकास में सहायक बने।”
उन्होंने अभिभावकों को भी बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी।
वहीं थाना प्रभारी गुलशन बिरुआ ने छात्रों को मोबाइल से दूरी बनाए रखने और अनुशासन के साथ पढ़ाई करने की सलाह दी। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन के प्रयासों की भी सराहना की।
शिक्षकों और स्टाफ की रही सक्रिय भूमिका
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकों और स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर प्रीती चौरसिया (उप प्राचार्या), संजय तिवारी, नूतन कुजूर, जोसमिता लाकड़ा, मनीष गुप्ता, प्रतिमा कुमारी, गौतम कुमार, पूनम खलखो, भूषण मिंज, इबरार अंसारी, आबिद अली, अल्बन बरवा, अखिलेश कुमार, कृष्णकांत यादव, ज्योति कुजूर, असुंता कुजूर, दीपांजलि, अंजली कुमारी सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों में दिखा उत्साह
रिजल्ट वितरण के दौरान विद्यार्थियों में काफी उत्साह देखा गया। मेधावी छात्रों को सम्मानित होते देख अन्य छात्रों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।
यह कार्यक्रम न केवल परिणाम घोषित करने का अवसर था, बल्कि छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें नई ऊर्जा देने का भी माध्यम बना।
न्यूज़ देखो: शिक्षा में प्रोत्साहन से बढ़ती है गुणवत्ता
रेहला के सेंट पॉल स्कूल का यह आयोजन यह दर्शाता है कि जब शिक्षा के साथ प्रोत्साहन जोड़ा जाता है, तो परिणाम बेहतर होते हैं। फीस माफी और पुरस्कार जैसी पहल छात्रों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। अब यह देखना अहम होगा कि अन्य संस्थान भी इस मॉडल को अपनाते हैं या नहीं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मेहनत करें, आगे बढ़ें और लक्ष्य हासिल करें
हर सफलता के पीछे कड़ी मेहनत और समर्पण छिपा होता है।
छात्रों को चाहिए कि वे अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें और निरंतर प्रयास करते रहें।
अभिभावकों और शिक्षकों का सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
सही दिशा और प्रोत्साहन से हर छात्र सफलता हासिल कर सकता है।
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