#सिमडेगा #प्राकृतिक_आपदा : तेज आंधी में घर पर गिरा पेड़—परिवार को भारी नुकसान।
सिमडेगा जिले के बाघचटा पंचायत अंतर्गत लटाखमहन बर टोली में तेज आंधी-तूफान के कारण एक बड़ा हादसा हो गया। दाऊद केरकेट्टा के पक्के मकान पर आम का विशाल पेड़ गिरने से घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना में घर का सामान नष्ट हो गया और एक बच्चे को चोट आई है। प्रशासन को सूचना दे दी गई है और राहत की उम्मीद जताई जा रही है।
- 27 अप्रैल 2026, दोपहर 3:30 बजे आंधी-तूफान से हादसा।
- लटाखमहन बर टोली (बाघचटा पंचायत) में बड़ा नुकसान।
- दाऊद केरकेट्टा का पक्का मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त।
- विशाल आम का पेड़ छत पर गिरने से घर का सामान बर्बाद।
- दानिएल केरकेट्टा घायल, इलाज के बाद हालत स्थिर।
सिमडेगा जिले के बाघचटा पंचायत अंतर्गत लटाखमहन बर टोली में सोमवार को आए तेज आंधी-तूफान ने एक परिवार को भारी नुकसान पहुंचाया। दोपहर करीब 3:30 बजे अचानक मौसम बिगड़ने के बाद तेज हवाओं के साथ आए तूफान में एक विशाल आम का पेड़ सीधे एक पक्के मकान पर गिर गया, जिससे घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
पेड़ गिरने से मकान हुआ तबाह
जानकारी के अनुसार, यह मकान दाऊद केरकेट्टा का है। आंधी के दौरान उनके घर की छत पर एक बड़ा आम का पेड़ गिर गया, जिससे छत का चदर टूटकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घर के अंदर रखा दैनिक उपयोग का सामान भी पूरी तरह नष्ट हो गया।
ग्रामीणों के अनुसार, यह घटना इतनी अचानक हुई कि परिवार को संभलने का मौका भी नहीं मिला।
एक बच्चा घायल, कराया गया इलाज
इस हादसे में मरियम केरकेट्टा के बेटे दानिएल केरकेट्टा को चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के तहत उसे सूई, दवा आदि दी गई।
परिजनों ने बताया कि फिलहाल उसकी हालत स्थिर है, लेकिन घटना के बाद परिवार में दहशत का माहौल बना हुआ है।
जनप्रतिनिधियों ने ली घटना की जानकारी
घटना की सूचना मिलते ही ग्राम पंचायत बाघचटा की मुखिया श्रीमती एलिजाबेथ बागे मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों को घटना की जानकारी दी।
मुखिया ने कहा:
“घटना की सूचना मिलते ही हमने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी और अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा पंचायत सचिव को फोन के माध्यम से सूचित किया है।”
प्रशासन से राहत की उम्मीद
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना में परिवार को काफी नुकसान हुआ है, ऐसे में प्रशासन की ओर से जल्द राहत और मुआवजा दिया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पीड़ित परिवार को आपदा राहत के तहत सहायता प्रदान की जाए, ताकि वे दोबारा अपने जीवन को पटरी पर ला सकें।
मौसम के बदलते मिजाज से बढ़ी चिंता
हाल के दिनों में अचानक आंधी-तूफान की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में नुकसान की आशंका बनी रहती है। ऐसे में लोगों ने प्रशासन से समय-समय पर सतर्कता और सुरक्षा उपायों की जानकारी देने की भी मांग की है।
न्यूज़ देखो: प्राकृतिक आपदा में त्वरित राहत जरूरी
लटाखमहन की यह घटना दिखाती है कि प्राकृतिक आपदाएं कितनी अचानक और नुकसानदेह हो सकती हैं। एक पल में पूरा घर तबाह हो गया और परिवार को भारी संकट का सामना करना पड़ा। अब जरूरी है कि प्रशासन तेजी से राहत कार्य सुनिश्चित करे और पीड़ित परिवार को सहायता प्रदान करे। साथ ही ऐसे क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन को और मजबूत करने की आवश्यकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संकट के समय साथ बनें, मदद का हाथ बढ़ाएं
प्राकृतिक आपदाएं किसी को भी प्रभावित कर सकती हैं, ऐसे समय में इंसानियत ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
जरूरी है कि हम सभी मिलकर जरूरतमंदों की मदद करें और उनके साथ खड़े रहें।
यदि आपके आसपास भी कोई पीड़ित परिवार है, तो उनकी सहायता के लिए आगे आएं और प्रशासन तक उनकी आवाज पहुंचाएं।
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