Deoghar

नुक्कड़ नाटक के जरिए सड़क सुरक्षा का संदेश, देवघर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में दिखा जागरूकता का असर

#देवघर #सड़कसुरक्षामाह : हेलमेट, सीट बेल्ट और सुरक्षित गति को लेकर आमजन को किया गया जागरूक
  • सड़क सुरक्षा माह 2026 के बारहवें दिन देवघर जिले में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
  • डीसी नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देश और जिला परिवहन पदाधिकारी शैलेश प्रियदर्शी के नेतृत्व में आयोजन।
  • देवीपुर हाट, एम्स क्षेत्र और रजपुरा झुमराबाद जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में नुक्कड़ नाटक का मंचन।
  • नाटक के माध्यम से हेलमेट, सीट बेल्ट, नशे में ड्राइविंग और तेज गति के खतरों को दर्शाया गया।
  • आम लोगों से यातायात नियमों के पालन और सुरक्षित ड्राइविंग की अपील।

सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत देवघर जिले में जागरूकता अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। इसी क्रम में बारहवें दिन भीड़भाड़ वाले इलाकों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति सचेत किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दुर्घटनाओं के कारणों को समझाना और नियमों के पालन के लिए प्रेरित करना रहा।

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देवघर जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और आम नागरिकों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत लगातार विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में बारहवें दिन जिले के प्रमुख और भीड़भाड़ वाले इलाकों में नुक्कड़ नाटक सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देशानुसार तथा जिला परिवहन पदाधिकारी शैलेश प्रियदर्शी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को सड़क दुर्घटनाओं के कारणों, उनके दुष्परिणामों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी देना रहा।

भीड़भाड़ वाले इलाकों में हुआ नुक्कड़ नाटक का मंचन

सड़क सुरक्षा को लेकर आयोजित इस जागरूकता अभियान के तहत देवीपुर हाट, एम्स क्षेत्र और रजपुरा झुमराबाद जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों का चयन किया गया। इन स्थानों पर बड़ी संख्या में राहगीर, वाहन चालक और स्थानीय लोग मौजूद रहते हैं, जिससे संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

कलाकारों ने सड़क सुरक्षा आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। नाटक की शैली सरल, प्रभावी और आम जनजीवन से जुड़ी हुई थी, जिससे दर्शक आसानी से उससे जुड़ सके।

हेलमेट और सीट बेल्ट की अहमियत पर विशेष जोर

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह दिखाया गया कि कैसे हेलमेट का उपयोग न करना और सीट बेल्ट नहीं बांधना जानलेवा साबित हो सकता है। कलाकारों ने दृश्य प्रस्तुति के जरिए समझाया कि एक छोटी सी लापरवाही किस तरह गंभीर दुर्घटना और जानमाल के नुकसान का कारण बन जाती है।

नाटक में यह भी बताया गया कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग न केवल कानूनन जरूरी है, बल्कि यह स्वयं की सुरक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।

नशे में ड्राइविंग और तेज गति के खतरे

कार्यक्रम के दौरान नशा कर वाहन चलाने और तेज गति से ड्राइविंग को सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बताया गया। नुक्कड़ नाटक में दिखाया गया कि नशे की हालत में वाहन चलाने से चालक का संतुलन और निर्णय क्षमता प्रभावित होती है, जिससे दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

तेज गति से वाहन चलाने को लेकर भी कलाकारों ने संदेश दिया कि सड़क पर जल्दबाजी अक्सर पछतावे में बदल जाती है। सुरक्षित गति अपनाकर न केवल अपनी, बल्कि दूसरों की जान भी बचाई जा सकती है।

“दुर्घटना कभी बताकर नहीं आती”

नुक्कड़ नाटक के संवादों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सड़क दुर्घटना कब और कैसे हो जाए, यह किसी को पता नहीं रहता, लेकिन सावधानी और नियमों के पालन से इसके जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

कलाकारों ने यह भी बताया कि यातायात नियम केवल दंड से बचने के लिए नहीं बने हैं, बल्कि हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हैं।

आम लोगों से नियमों के पालन की अपील

कार्यक्रम के अंत में जिला परिवहन विभाग की ओर से आम नागरिकों से अपील की गई कि वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट का नियमित उपयोग, नशे से दूरी और सुरक्षित गति को अपनी आदत बनाएं।

साथ ही यह भी कहा गया कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

लगातार जारी रहेगा जागरूकता अभियान

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे। नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैली, स्कूल-कॉलेजों में कार्यक्रम और वाहन चालकों के लिए विशेष अभियान चलाकर लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाया जाएगा।

न्यूज़ देखो: जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव

देवघर में नुक्कड़ नाटक के जरिए दिया गया यह संदेश बताता है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता है। नियमों का पालन और थोड़ी सी सावधानी कई जिंदगियां बचा सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सुरक्षित चलें, सुरक्षित पहुंचें

आप भी सड़क पर निकलते समय नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट जरूर लगाएं। इस खबर को साझा करें, लोगों को जागरूक करें और कमेंट में बताएं कि सड़क सुरक्षा को लेकर आपकी क्या राय है।

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Saroj Verma

दुमका/देवघर

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