#लातेहार #कोर्ट_नोटिस : सिविल जज अदालत ने प्रतिवादी को सुनवाई में उपस्थित होने का निर्देश दिया।
लातेहार सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की अदालत से एक अहम नोटिस जारी किया गया है। ऑरिजिनल सूट संख्या 03/2021 के तहत प्रतिवादी सुमन देवी को अगली सुनवाई में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने 29 दिसंबर 2026 की तिथि तय करते हुए अनुपस्थिति पर एकतरफा निर्णय की चेतावनी दी है। इस नोटिस से संबंधित पक्षों में हलचल बढ़ गई है।
- लातेहार सिविल कोर्ट से जारी हुआ अहम नोटिस।
- ऑरिजिनल सूट संख्या 03/2021 के तहत कार्रवाई।
- सुमन देवी (पति सूरज सोनी) को हाजिर होने का निर्देश।
- अगली सुनवाई 29 दिसंबर 2026 सुबह 7:00 बजे निर्धारित।
- अनुपस्थिति पर एकतरफा फैसला लेने की चेतावनी।
लातेहार सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की अदालत ने एक महत्वपूर्ण मामले में सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस ऑरिजिनल सूट संख्या 03/2021 के अंतर्गत जारी किया गया है, जिसमें प्रतिवादी संख्या-05 सुमन देवी को अदालत में उपस्थित होने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
अदालत द्वारा जारी इस नोटिस के बाद संबंधित पक्षों में हलचल तेज हो गई है। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि निर्धारित तिथि पर अनुपस्थिति की स्थिति में मामले की सुनवाई एकतरफा करते हुए फैसला सुनाया जा सकता है।
प्रतिवादी को दिया गया स्पष्ट निर्देश
नोटिस के अनुसार, प्रतिवादी संख्या-05 सुमन देवी (पति–सूरज सोनी), निवासी ग्राम चेनपुर, थाना महुआडांड़, जिला लातेहार को आगामी सुनवाई में हर हाल में उपस्थित होना होगा।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अंतिम अवसर हो सकता है, इसलिए संबंधित पक्ष को गंभीरता से इस निर्देश का पालन करना चाहिए।
29 दिसंबर 2026 को होगी अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 29 दिसंबर 2026, सुबह 7:00 बजे का समय निर्धारित किया है। इस तारीख पर सभी पक्षों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोर्ट का यह रुख दर्शाता है कि वह मामले के त्वरित निपटारे के लिए गंभीर है और अनावश्यक देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अनुपस्थिति पर एकतरफा निर्णय की चेतावनी
नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यदि प्रतिवादी निर्धारित तिथि पर अदालत में उपस्थित नहीं होती हैं, तो न्यायालय मामले की सुनवाई एकतरफा करते हुए निर्णय ले सकता है।
अदालत के नोटिस में कहा गया: “निर्धारित तिथि पर अनुपस्थिति की स्थिति में वाद की सुनवाई एकतरफा की जा सकती है।”
यह चेतावनी इस बात का संकेत है कि अदालत अब मामले को लंबित रखने के पक्ष में नहीं है और जल्द निष्पादन चाहती है।
न्यायिक प्रक्रिया में तेजी का संकेत
इस तरह के सख्त निर्देश न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। इससे यह संदेश जाता है कि अदालतें अब समयबद्ध तरीके से मामलों के निपटारे पर जोर दे रही हैं।
साथ ही, यह भी स्पष्ट होता है कि न्यायालय अपने आदेशों के पालन को लेकर सख्त है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लेता है।
न्यूज़ देखो: समयबद्ध न्याय के लिए सख्ती जरूरी
लातेहार सिविल कोर्ट का यह कदम न्यायिक व्यवस्था में अनुशासन और समयबद्धता की आवश्यकता को दर्शाता है। लंबे समय से लंबित मामलों को निपटाने के लिए इस तरह की सख्ती जरूरी है। अब देखना होगा कि संबंधित पक्ष अदालत के निर्देशों का कितना पालन करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
कानून का सम्मान ही न्याय की पहली शर्त
न्यायालय के निर्देशों का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
समय पर अदालत में उपस्थित होना न्याय प्रक्रिया को मजबूत बनाता है।
लापरवाही से न केवल मामला प्रभावित होता है, बल्कि न्याय में देरी भी होती है।
इस खबर को दूसरों तक जरूर पहुंचाएं ताकि लोग जागरूक बनें।
अपनी राय कमेंट में साझा करें और कानून के प्रति जिम्मेदारी निभाएं।
सजग नागरिक बनें और न्याय व्यवस्था को मजबूत करें।

🗣️ Join the Conversation!
What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).