#महुआड़ाड़ #महिला_सशक्तिकरण : मनरेगा और मेहनत के दम पर अंजू ने बदली परिवार की तस्वीर।
लातेहार जिले के महुआड़ाड़ प्रखंड की अंजू कुमारी आज संघर्ष, मेहनत और आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायी पहचान बन चुकी हैं। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने मनरेगा महिला मेट के रूप में काम करते हुए न केवल अपनी आय बढ़ाई, बल्कि दूरदृष्टि के साथ मशीन खरीदकर नया रोजगार भी शुरू किया। आम बागवानी और कृषि आधारित कार्यों से आय अर्जित कर अंजू अब ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से हालात बदले जा सकते हैं।
- महुआड़ाड़ की अंजू कुमारी बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल।
- मनरेगा महिला मेट के रूप में कार्य कर बढ़ाया आत्मविश्वास।
- आम बागवानी योजना से मिली आर्थिक मजबूती।
- 50 हजार रुपये से खरीदी मकई दाना निकालने वाली मशीन।
- दो महीनों में मशीन से करीब 20 हजार रुपये की अतिरिक्त आय।
- बेटियों को बेहतर शिक्षा दिलाने का सपना बना प्रेरणा।
लातेहार जिले के महुआड़ाड़ प्रखंड अंतर्गत चैनपुर पंचायत के सेमरबुड़नी गांव की रहने वाली अंजू कुमारी आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने मेहनत, दूरदृष्टि और आत्मविश्वास के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी सफलता की कहानी यह दर्शाती है कि यदि अवसर और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो कोई भी व्यक्ति अपने जीवन की दिशा बदल सकता है।
संघर्ष के बीच शुरू हुई आत्मनिर्भरता की यात्रा
अंजू कुमारी अपने पति आनंद प्रकाश बड़ाईक, ससुर और दो बेटियों के साथ साधारण जीवन व्यतीत कर रही थीं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार चलाना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनके मन में हमेशा अपने बच्चों और परिवार के बेहतर भविष्य का सपना था।
इसी दौरान लीड्स संस्था के सहयोग से उनका पंजीकरण मनरेगा महिला मेट के रूप में कराया गया। प्रशिक्षण मिलने के बाद उन्होंने मनरेगा योजनाओं की जानकारी हासिल की और काम की जिम्मेदारियां संभालनी शुरू कीं। इससे उनके अंदर आत्मविश्वास बढ़ा और आत्मनिर्भर बनने की राह मजबूत हुई।
आम बागवानी योजना से मिली नई पहचान
अंजू ने अपने नाम से एक एकड़ भूमि में आम बागवानी योजना शुरू की। खास बात यह रही कि उन्होंने केवल योजना का लाभ लेने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उसी योजना में महिला मेट के रूप में कार्य करते हुए अपनी जिम्मेदारी और मेहनत का परिचय भी दिया।
उनके कार्य से प्रभावित होकर उन्हें लगभग 50 हजार रुपये का भुगतान मिला। यह राशि उनके जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आई।
अंजू कुमारी ने साबित किया कि मेहनत के साथ सही सोच हो तो छोटी शुरुआत भी बड़ी सफलता में बदल सकती है।
दूरदृष्टि से शुरू किया नया रोजगार
जहां कई लोग इस राशि को सामान्य खर्चों में खर्च कर देते, वहीं अंजू ने समझदारी और दूरदृष्टि का परिचय देते हुए मकई के दाने निकालने वाली मशीन खरीद ली। इसके बाद उन्होंने गांव-गांव जाकर किसानों की मकई से दाने निकालने का काम शुरू किया।
उनकी मेहनत रंग लाई और मात्र दो महीनों में ही इस कार्य से लगभग 20 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हुई। इसके साथ ही आम बागान से भी करीब 15 हजार रुपये की कमाई हुई।
आज अंजू अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ गांव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दे रही हैं।
बेटियों की शिक्षा को बनाया सबसे बड़ा सपना
अंजू कुमारी का मानना है कि शिक्षा ही गरीबी और अभाव से बाहर निकलने का सबसे मजबूत माध्यम है। उनकी बड़ी बेटी वर्तमान में पहली कक्षा में पढ़ाई कर रही है और अंजू चाहती हैं कि उनकी दोनों बेटियां उच्च शिक्षा प्राप्त कर जीवन में नई ऊंचाइयों तक पहुंचें।
उन्होंने कहा कि वे अपनी बेटियों को हर हाल में अच्छी शिक्षा दिलाना चाहती हैं ताकि उनका भविष्य सुरक्षित और बेहतर बन सके।
संस्था ने बताया प्रेरणादायक उदाहरण
लीड्स संस्था के राज्य परियोजना समन्वयक रंजीत भेंगरा ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को योजनाओं से जोड़ना और उन्हें प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना संस्था की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि अंजू कुमारी जैसी महिलाएं समाज के लिए प्रेरणा हैं, जिन्होंने अवसर का सही उपयोग कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की है। आने वाले समय में ऐसी और महिलाओं को आगे लाने का प्रयास किया जाएगा।
ग्रामीण महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा
अंजू की कहानी अब केवल एक महिला की सफलता की कहानी नहीं रही, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास और सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुकी है। गांव की कई महिलाएं उनसे प्रेरित होकर स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं से जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
न्यूज़ देखो: आत्मनिर्भरता की राह गांवों से निकल रही है
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं यदि सही अवसर और मार्गदर्शन प्राप्त करें तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज की तस्वीर बदल सकती हैं। अंजू कुमारी की कहानी यह साबित करती है कि सरकारी योजनाओं और मेहनत का सही उपयोग जीवन को नई दिशा दे सकता है। ऐसी प्रेरणादायक कहानियां समाज में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगाती हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मेहनत और हौसले से हर सपना पूरा हो सकता है
संघर्ष चाहे जितना भी बड़ा हो, मेहनत और आत्मविश्वास से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है। महिलाएं यदि आत्मनिर्भर बनें तो पूरा परिवार मजबूत होता है और समाज आगे बढ़ता है।
अपने आसपास की प्रेरणादायक महिलाओं की कहानियों को सामने लाएं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।
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