#बानो #छात्र_चुनाव : लोकतांत्रिक प्रक्रिया से विद्यार्थियों में नेतृत्व और जिम्मेदारी का विकास।
सिमडेगा जिले के बानो स्थित विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर उच्च विद्यालय, लचरागढ़ में छात्र प्रतिनिधियों के चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। किशोर भारती और कन्या भारती के विभिन्न पदों के लिए छात्रों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। इस आयोजन ने विद्यालय परिसर में अनुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया। आगामी 4 मई को मतदान के माध्यम से प्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा, जो विद्यार्थियों को व्यावहारिक लोकतंत्र का अनुभव देगा।
- लचरागढ़ विद्यालय में छात्र चुनाव हेतु नामांकन प्रक्रिया संपन्न।
- किशोर भारती एवं कन्या भारती के कई पदों के लिए छात्रों ने भरा पर्चा।
- अध्यक्ष, मंत्री, सेनापति समेत कई पदों के लिए दिखा उत्साह।
- 4 मई 2026 को बैलेट पेपर से होगा मतदान।
- प्रधानाचार्य राजेन्द्र साहु ने छात्रों को दी प्रेरणा और शुभकामनाएं।
बानो प्रखंड के विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर उच्च विद्यालय, लचरागढ़ में बुधवार को एक अनुकरणीय लोकतांत्रिक प्रक्रिया का आयोजन हुआ, जहां विद्यार्थियों ने जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ छात्र प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए नामांकन किया। विद्यालय परिसर में इस दौरान उत्साह और ऊर्जा का माहौल देखने को मिला। किशोर भारती और कन्या भारती के विभिन्न पदों के लिए विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
विभिन्न दलों के मार्गदर्शन में हुई प्रक्रिया
विद्यालय के एकलव्य दल, आरुणि दल, भरत दल और शिवाजी दल के प्रमुखों के मार्गदर्शन में यह पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। छात्रों ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मंत्री, सह-मंत्री, सेनापति और सह-सेनापति जैसे पदों के लिए नामांकन पत्र भरे। हर प्रतिभागी में नेतृत्व क्षमता और सेवा भावना साफ झलक रही थी।
किशोर भारती के प्रत्याशी
किशोर भारती के अंतर्गत विभिन्न पदों के लिए कई छात्रों ने नामांकन किया।
सेनापति पद के लिए गुलशन महतो, महेन्द्र सिंह, आयुष बड़ाईक और सुभाष सिंह मैदान में हैं।
सह-सेनापति के लिए प्रशान्त अग्रवाल, अर्जुन सिंह, सौरभ साहु और शिबा बड़ाईक उम्मीदवार बने हैं।
मंत्री पद के लिए सौरभ बड़ाईक, विवेक चीक बड़ाईक, संजीव कुमार और कुणाल अग्रवाल ने नामांकन किया।
सह-मंत्री पद पर आदित्य सिंह, मनीष महतो, रघुनाथ सिंह, पवन राम बड़ाईक, राजकुमार मिस्त्री, रितेश प्रधान, मयंक महतो और निशान्त राम शामिल हैं।
अध्यक्ष पद के लिए मनीष महतो, पवन राम और निशान्त नायक चुनावी मैदान में हैं, जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए खिलेश्वर महतो, श्रवण साहू, प्रियांशु प्रताप सिंह और मनीष साहु ने पर्चा दाखिल किया है।
कन्या भारती के प्रत्याशी
कन्या भारती के तहत भी छात्राओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
सेनापति पद के लिए साक्षी कुमारी, रेखा कुमारी, रीता कुमारी और पूजा कुमारी ने नामांकन किया।
सह-सेनापति पद पर रेशमा कुमारी, सरस्वती कुमारी, शिल्पा सिंह और अंकिता कुमारी मैदान में हैं।
मंत्री पद के लिए प्रतिमा कुमारी, कृति कुमारी, उषा रानी सिंह और हीना कुमारी ने दावेदारी पेश की।
सह-मंत्री पद पर दीप्ति अग्रवाल, अंकिता कुमारी, लक्ष्मी प्रिया सोनी, सौम्या कुमारी, दीपिका कुमारी, अंजली मिंज, वर्षा कुमारी और अनुष्का कुमारी शामिल हैं।
अध्यक्ष पद के लिए अंकिता कुमारी, सौम्या कुमारी, अंजली कुमारी और अनुष्का कुमारी उम्मीदवार हैं, जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए खुशबू कुमारी, अंजु कुमारी, शिवानी कुमारी और वरुणी कुमारी ने नामांकन किया।
लोकतंत्र की सीख दे रहा विद्यालय
यह आयोजन केवल चुनाव प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त माध्यम भी है। इस प्रक्रिया के जरिए छात्र-छात्राएं यह सीख रहे हैं कि नेतृत्व का अर्थ केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण भी है।
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि आगामी 4 मई 2026 को बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान कराया जाएगा, जिसमें सभी विद्यार्थी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इससे उन्हें लोकतंत्र की वास्तविक और व्यावहारिक समझ मिलेगी।
प्रधानाचार्य का संदेश
प्रधानाचार्य राजेन्द्र साहु ने कहा: “वास्तविक विजय पद प्राप्त करने में नहीं, बल्कि विश्वास अर्जित करने में निहित है। विद्यार्थियों को इस अवसर को सीखने और आत्मविकास के रूप में अपनाना चाहिए।”
उन्होंने सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रक्रिया उन्हें एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करेगी।
विद्यालय के आचार्यगण ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

न्यूज़ देखो: विद्यालयों में लोकतंत्र की मजबूत नींव
विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर का यह प्रयास दर्शाता है कि यदि बचपन से ही लोकतांत्रिक मूल्यों की शिक्षा दी जाए, तो समाज को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक मिल सकते हैं। यह पहल न केवल छात्रों में नेतृत्व क्षमता विकसित करती है, बल्कि उन्हें अपने अधिकार और कर्तव्यों के प्रति भी सजग बनाती है। ऐसे प्रयोग शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव की नींव रखते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक बनें, नेतृत्व की राह चुनें
आज के ये छोटे-छोटे कदम ही कल बड़े बदलाव का आधार बनते हैं। विद्यार्थियों में लोकतंत्र की समझ और जिम्मेदारी का भाव विकसित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
अगर आप भी मानते हैं कि शिक्षा के साथ संस्कार और नेतृत्व जरूरी है, तो इस पहल को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएं।
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