डीएवी खलारी में महात्मा हंसराज जयंती श्रद्धा से मनाई गई, शिक्षा और सेवा के आदर्शों को किया याद

डीएवी खलारी में महात्मा हंसराज जयंती श्रद्धा से मनाई गई, शिक्षा और सेवा के आदर्शों को किया याद

author Jitendra Giri
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#खलारी #हंसराज_जयंती : शिक्षकों ने महान विभूति को नमन कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

रांची के खलारी स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में महात्मा हंसराज जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। प्राचार्य डॉ. कमलेश कुमार एवं शिक्षकों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में शिक्षा और सेवा के आदर्शों पर चलने का संदेश दिया गया। सभी ने उनके विचारों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

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  • डीएवी पब्लिक स्कूल खलारी में महात्मा हंसराज जयंती कार्यक्रम आयोजित।
  • डॉ. कमलेश कुमार ने माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि।
  • शिक्षकों की सहभागिता, सामूहिक रूप से पुष्प अर्पण।
  • महात्मा हंसराज जी के आदर्शों पर चर्चा।
  • शिक्षा और सेवा के प्रति समर्पण का संकल्प लिया गया

रांची जिले के खलारी स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में महान शिक्षाविद, समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी महात्मा हंसराज की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षकों और कर्मचारियों ने भाग लिया।

माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ कार्यक्रम का आरंभ

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्राचार्य डॉ. कमलेश कुमार द्वारा महात्मा हंसराज के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इसके बाद उपस्थित शिक्षकों ने भी पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया।

शिक्षा की ज्योति का विस्तार

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. कमलेश कुमार ने डीएवी संस्थान की गौरवशाली परंपरा पर प्रकाश डाला।

डॉ. कमलेश कुमार ने कहा: “महात्मा हंसराज द्वारा 1886 में लगाए गए डीएवी रूपी वटवृक्ष की शाखाएं आज देश-विदेश में फैल चुकी हैं और हजारों संस्थानों के माध्यम से शिक्षा की ज्योति प्रज्ज्वलित कर रही हैं।”

उन्होंने कहा कि यह परंपरा शिक्षा के माध्यम से समाज को जागरूक और सशक्त बनाने का कार्य कर रही है।

प्रेरणादायक व्यक्तित्व पर प्रकाश

विद्यालय के संस्कृत शिक्षक उपेंद्र कुमार आर्य ने अपने संबोधन में महात्मा हंसराज जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने उन्हें त्याग, समर्पण और सेवा की प्रतिमूर्ति बताया।

उपेंद्र कुमार आर्य ने कहा: “हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर अपने विद्यालय और देश की ईमानदारी से सेवा करनी चाहिए।”

उन्होंने छात्रों और शिक्षकों से आग्रह किया कि वे इन महान विभूतियों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं।

महान विभूतियों के आदर्शों पर चलने का संकल्प

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित शिक्षकों और कर्मचारियों ने महात्मा हंसराज के आदर्शों पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया। इस अवसर पर विद्यालय में एक प्रेरणादायक वातावरण देखने को मिला।

शिक्षकों और कर्मचारियों की सहभागिता

इस कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे और उन्होंने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया।

न्यूज़ देखो: शिक्षा और संस्कार की विरासत को आगे बढ़ाने की जरूरत

डीएवी खलारी में आयोजित यह कार्यक्रम बताता है कि शिक्षा केवल ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि संस्कार और मूल्यों का भी आधार है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को प्रेरणा देते हैं और उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

महान आदर्शों से ही बनता है उज्जवल भविष्य

जब हम अपने महान नेताओं और शिक्षाविदों के आदर्शों को अपनाते हैं, तभी हम एक सशक्त और जिम्मेदार समाज का निर्माण कर सकते हैं। हमें अपने जीवन में शिक्षा, सेवा और समर्पण को स्थान देना चाहिए।

आइए, हम भी इन महान विभूतियों के मार्ग पर चलने का संकल्प लें और समाज के विकास में योगदान दें।
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Written by

खलारी, रांची

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