
#बरवाडीह #लातेहार #तरावीहनमाज : रमजान माह में इबादत के बाद हाफीज कारी नकीब साहब को सम्मानित किया गया।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड के पोखरी कलां जामा मस्जिद में रमजान माह के दौरान अदा की जा रही तरावीह की नमाज सोमवार रात मुकम्मल हो गई। इस अवसर पर मस्जिद परिसर में सादगीपूर्ण कार्यक्रम आयोजित कर हाफीज कारी नकीब साहब को सम्मानित किया गया। पूरे महीने बड़ी संख्या में रोजेदारों ने नमाज में भाग लिया। कार्यक्रम में इलाके की खुशहाली और भाईचारे के लिए विशेष दुआ भी की गई।
- पोखरी कलां जामा मस्जिद में रमजान के दौरान तरावीह नमाज मुकम्मल हुई।
- हाफीज कारी नकीब साहब को पगड़ी और माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
- पूरे रमजान माह में बड़ी संख्या में रोजेदारों और नमाजियों की सहभागिता।
- कार्यक्रम में मिलादखानी और विशेष दुआ का आयोजन किया गया।
- हाजी मुमताज अली, समसुल अंसारी, मंसूर आलम समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड स्थित पोखरी कलां जामा मस्जिद में पवित्र रमजान माह के दौरान अदा की जा रही तरावीह की नमाज सोमवार की रात मुकम्मल हो गई। पूरे महीने मस्जिद में बड़ी संख्या में रोजेदारों और नमाजियों ने शामिल होकर इबादत की और अल्लाह से रहमत व बरकत की दुआ मांगी।
तरावीह की आखिरी रात के मौके पर मस्जिद परिसर में एक सादगीपूर्ण लेकिन गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों और मस्जिद कमेटी के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
हाफीज कारी नकीब साहब का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान हाफीज कारी नकीब साहब को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उन्हें पगड़ी पहनाकर और माला भेंट कर सम्मान दिया गया।
पूरे रमजान माह के दौरान उन्होंने नियमित रूप से कुरआन शरीफ की तिलावत कराई और नमाजियों का मार्गदर्शन किया। उनकी सेवा और समर्पण की सभी ने सराहना की।
एक उपस्थित व्यक्ति ने कहा: “हाफीज कारी नकीब साहब ने पूरे रमजान में जिस समर्पण के साथ तरावीह की नमाज अदा कराई, वह काबिल-ए-तारीफ है।”
इस सम्मान समारोह ने पूरे कार्यक्रम को और भी खास बना दिया और लोगों ने तालियों के साथ उनका अभिनंदन किया।
मिलादखानी और विशेष दुआ का आयोजन
तरावीह की नमाज के समापन के अवसर पर मिलादखानी का भी आयोजन किया गया। इस दौरान धार्मिक वातावरण में लोगों ने अल्लाह की इबादत की और कुरआन की आयतों का पाठ किया गया।
इसके साथ ही विशेष दुआ का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र की खुशहाली, अमन-चैन और भाईचारे के लिए प्रार्थना की गई।
दुआ के दौरान कहा गया: “अल्लाह से दुआ है कि पूरे इलाके में शांति, भाईचारा और तरक्की कायम रहे।”
इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने एकजुट होकर समाज की भलाई और शांति के लिए दुआ मांगी।
बड़ी संख्या में शामिल हुए लोग
कार्यक्रम में मस्जिद कमेटी के सदस्य और स्थानीय गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इसमें हाजी मुमताज अली, अवामी सदर समसुल अंसारी, सफीक साहब, सैनूल अंसारी, मंसूर आलम, ऐनूल होदा, अफरोज आलम, इल्तज़ा अंसारी, शेर मोहम्मद साहब, रिजवानूल हक, ऐनामूल अंसारी, जाकिर हुसैन, लाडले हसन और दिलावर अंसारी सहित कई लोग शामिल हुए।
सभी ने मिलकर इस पवित्र अवसर को खास बनाया और धार्मिक एकता का संदेश दिया।
ईद को लेकर दिखी खुशी
तरावीह की नमाज के समापन के साथ ही लोगों में ईद को लेकर उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी और आने वाली ईद के त्योहार की शुभकामनाएं दीं।
लोगों ने कहा कि रमजान का महीना आत्मिक शांति, संयम और भाईचारे का संदेश देता है, जिसे हमें पूरे साल अपनाना चाहिए।

न्यूज़ देखो: इबादत के साथ समाज में भाईचारे का संदेश
पोखरी कलां जामा मस्जिद में तरावीह नमाज का समापन केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक भी है। इस तरह के कार्यक्रम समाज में आपसी सद्भाव को मजबूत करते हैं और लोगों को एकजुट रहने का संदेश देते हैं। आज के समय में ऐसे आयोजन समाज के लिए बेहद जरूरी हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
भाईचारा और एकता ही समाज की असली ताकत
रमजान का पवित्र महीना हमें संयम, सेवा और एकता का संदेश देता है। यह समय है जब हम अपने भीतर की अच्छाइयों को पहचानें और समाज के लिए सकारात्मक भूमिका निभाएं।
आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा दें, जरूरतमंदों की मदद करें और समाज को बेहतर बनाने में योगदान दें।
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