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मल्लाहटोली घघुआ विद्यालय में शिक्षक अभिभावक बैठक संपन्न, बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया गया जोर

#विश्रामपुर #शिक्षा_संवाद : शिक्षक अभिभावक बैठक में बच्चों की शिक्षा, संस्कार और सुरक्षा पर हुई विस्तृत चर्चा।

पलामू जिले के विश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत राजकीय कृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय मल्लाहटोली घघुआ में शिक्षक अभिभावक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में बच्चों की पढ़ाई, व्यवहार, स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार ने अभिभावकों को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य में उनकी भूमिका समझाई। बैठक का उद्देश्य विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।

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  • राजकीय कृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय मल्लाहटोली घघुआ में शिक्षक अभिभावक बैठक आयोजित।
  • प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार ने अभिभावकों को किया संबोधित।
  • बच्चों को ठंड से बचाकर, साफ-सुथरा विद्यालय भेजने पर दिया गया जोर।
  • शिक्षा के साथ संस्कार और व्यवहारिक ज्ञान पर चर्चा।
  • शिक्षक, विद्यालय प्रबंधन समिति और सैकड़ों अभिभावक रहे उपस्थित।

पलामू जिले के विश्रामपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत गुरहा कला पंचायत के घघुआ मल्लाहटोली स्थित राजकीय कृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय में मंगलवार को शिक्षक अभिभावक बैठक का सफल आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालय और अभिभावकों के बीच संवाद को मजबूत करना तथा बच्चों के शैक्षणिक, मानसिक और नैतिक विकास को लेकर साझा जिम्मेदारी तय करना था।

बैठक में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार ने उपस्थित अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों का भविष्य मजबूत बनाने में माता-पिता और शिक्षक दोनों की समान भूमिका होती है। उन्होंने विशेष रूप से मौजूदा ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर और साफ-सुथरा रखकर विद्यालय भेजने की अपील की।

बच्चों की जड़ें मजबूत करने में अभिभावकों की भूमिका

प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार ने अभिभावकों को समझाते हुए कहा कि बच्चों की जड़ें जितनी मजबूत होंगी, उनका भविष्य उतना ही उज्ज्वल होगा। उन्होंने कहा:

सुरेश कुमार ने कहा: “बच्चों की पहली पाठशाला उनका घर होता है। माता-पिता जैसा व्यवहार बच्चों को देंगे, वही संस्कार और मूल्य वे जीवन में अपनाएंगे। इसलिए बच्चों से मधुर व्यवहार और सकारात्मक वातावरण देना बेहद जरूरी है।”

उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय में बच्चे प्रतिदिन लगभग 6 घंटे रहते हैं, जहां उन्हें पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान भी दिया जाता है। इसके विपरीत बच्चे 18 घंटे अभिभावकों के साथ बिताते हैं, ऐसे में घर का वातावरण और माता-पिता का व्यवहार बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाता है।

शिक्षा के साथ व्यवहारिक ज्ञान पर जोर

प्रधानाध्यापक ने कहा कि विद्यालय में केवल किताबों तक सीमित शिक्षा नहीं दी जाती, बल्कि बच्चों को जीवन से जुड़े व्यवहारिक ज्ञान, अनुशासन, समय का महत्व और सामाजिक जिम्मेदारियों की समझ भी दी जाती है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे भी घर पर बच्चों को अच्छे संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों की सीख दें।

उन्होंने कहा कि यदि विद्यालय और अभिभावक मिलकर बच्चों के विकास के लिए कार्य करें, तो निश्चित रूप से बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा। बैठक में बच्चों की नियमित उपस्थिति, गृहकार्य, स्वच्छता और स्वास्थ्य पर भी विशेष चर्चा की गई।

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शिक्षकों और प्रबंधन समिति की सक्रिय भागीदारी

बैठक में विद्यालय के शिक्षक रविन्द्र तिवारी, बच्चू कुमार, सुनील कुमार सिंह और शिक्षिका सुमन कुमारी ने भी अपने विचार रखे। शिक्षकों ने बच्चों की पढ़ाई में आने वाली समस्याओं, उनकी रुचि और सीखने की प्रक्रिया पर अभिभावकों से संवाद किया।

विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रदीप चौधरी ने भी अभिभावकों से अपील की कि वे विद्यालय के विकास और बच्चों की शिक्षा में सहयोग करें। समिति के सदस्य रविरंजन चौधरी, रीता देवी, सरिता देवी और अनिता देवी ने भी बैठक में सक्रिय भागीदारी निभाई।

अभिभावकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया

बैठक में उपस्थित अभिभावकों ने विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की बैठकें बच्चों की समस्याओं को समझने और समाधान निकालने में मददगार होती हैं। कई अभिभावकों ने सुझाव भी दिए कि भविष्य में इस तरह की बैठकों का नियमित आयोजन किया जाए।

विद्यालय परिसर में सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थी और अभिभावक मौजूद रहे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि समुदाय शिक्षा को लेकर गंभीर और जागरूक है।

शिक्षा और सहयोग से बनेगा उज्ज्वल भविष्य

बैठक के दौरान यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा, संस्कार और सहयोग तीनों का संतुलन आवश्यक है। विद्यालय प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

न्यूज़ देखो: शिक्षा में संवाद की मजबूत पहल

मल्लाहटोली घघुआ विद्यालय की यह शिक्षक अभिभावक बैठक बताती है कि जब विद्यालय और अभिभावक मिलकर संवाद करते हैं, तो बच्चों के विकास की दिशा और मजबूत होती है। इस तरह की पहल न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाती है, बल्कि समाज में जागरूकता भी लाती है। अब जरूरत है कि ऐसी बैठकों को नियमित रूप से आयोजित किया जाए।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

बच्चों का भविष्य, हम सबकी जिम्मेदारी

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Ram Niwas Tiwary

बिश्रामपुर, पलामू

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