बानो के सिकोरदा मंडली में 23वें वार्षिक युवासंघ सम्मेलन का आयोजन, युवाओं में दिखा उत्साह और आध्यात्मिक समर्पण

बानो के सिकोरदा मंडली में 23वें वार्षिक युवासंघ सम्मेलन का आयोजन, युवाओं में दिखा उत्साह और आध्यात्मिक समर्पण

author Shivnandan Baraik
5 Views Download E-Paper (0)
#बानो #युवासंघ_सम्मेलन : सिकोरदा मंडली में आयोजित सम्मेलन में युवाओं ने प्रभु आराधना में भाग लिया।

बानो पास्टोरेट के जीईएल चर्च सिकोरदा मंडली में 23वें वार्षिक युवासंघ सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। सम्मेलन में प्रभु यीशु मसीह के प्रेम, सेवा और मानवता के संदेश को युवाओं तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में प्रार्थना, आराधना और आध्यात्मिक संगति के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा दी गई। विभिन्न मंडलियों से आए चर्च पदाधिकारियों और धर्मगुरुओं की उपस्थिति में सम्मेलन श्रद्धा और उत्साह के माहौल में संपन्न हुआ।

Join WhatsApp
  • जीईएल चर्च सिकोरदा मंडली में 23वाँ वार्षिक युवासंघ सम्मेलन आयोजित हुआ।
  • सम्मेलन में बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
  • कार्यक्रम में प्रभु यीशु मसीह के प्रेम, सेवा और अनुशासन का संदेश दिया गया।
  • उम्बुलन तोपनो, पाद्री सी एस जड़िया, विकास एवं एमयान बुढ़ सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
  • आराधना, प्रार्थना और संगति के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक सोच की प्रेरणा मिली।
  • सम्मेलन में समाज में शांति, भाईचारा और मानवता का संदेश फैलाने पर बल दिया गया।

बानो पास्टोरेट अंतर्गत जीईएल चर्च सिकोरदा मंडली में आयोजित 23वें वार्षिक युवासंघ सम्मेलन का आयोजन श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लेकर प्रभु यीशु मसीह की आराधना और प्रार्थना में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को सेवा, प्रेम, अनुशासन और मानवता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान युवाओं में विशेष उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली। चर्च परिसर भक्तिमय माहौल से गूंजता रहा।

युवाओं को आध्यात्मिक मार्ग पर प्रेरित करने का प्रयास

सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को सही दिशा और सकारात्मक सोच की आवश्यकता है। प्रभु यीशु मसीह के बताए मार्ग पर चलकर समाज में प्रेम, भाईचारा और शांति स्थापित की जा सकती है। कार्यक्रम में युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने और सेवा भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।

सम्मेलन में शामिल युवाओं ने सामूहिक प्रार्थना, भजन और आराधना के माध्यम से अपने विश्वास और आध्यात्मिक समर्पण को व्यक्त किया। आयोजन में युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने पूरे वातावरण को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया।

प्रभु आराधना और संगति में दिखी आस्था

कार्यक्रम के दौरान प्रभु यीशु मसीह की आराधना और प्रार्थना की गई। धार्मिक गीतों और संगति के माध्यम से युवाओं को आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनने की प्रेरणा दी गई। चर्च के धर्मगुरुओं ने कहा कि ऐसे सम्मेलन युवाओं को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सम्मेलन में उपस्थित लोगों ने कहा कि आज के दौर में युवाओं को नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रखकर सकारात्मक और अनुशासित जीवन की ओर प्रेरित करना जरूरी है। इस प्रकार के आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

विभिन्न मंडलियों से पहुंचे चर्च पदाधिकारी

कार्यक्रम में बानो पास्टोरेट के विभिन्न मंडलियों से चर्च पदाधिकारी एवं धर्मगुरु शामिल हुए। मौके पर पेरिस/पास्टोरेट चेयरमैन उम्बुलन तोपनो, पाद्री सी एस जड़िया, कंडीदत्त विकास, प्रचारक एमयान बुढ़ सहित विभिन्न मंडलियों से आए पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

धर्मगुरुओं ने युवाओं को प्रभु के मार्ग पर चलने और समाज में मानवता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने सम्मेलन को सफल बनाने में सहयोग दिया।

चर्च पदाधिकारियों ने कहा: “युवाओं में सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक जागरूकता समाज के बेहतर भविष्य की नींव है।”

समाज में शांति और भाईचारे का दिया संदेश

सम्मेलन के दौरान समाज में शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश देने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह का जीवन सेवा और त्याग का प्रतीक है तथा युवाओं को उनके आदर्शों को अपनाना चाहिए।

कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि युवा समाज की सबसे बड़ी शक्ति हैं और यदि उन्हें सही मार्गदर्शन मिले तो वे समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। सम्मेलन में उपस्थित लोगों ने प्रभु यीशु से सभी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और समाज में शांति बनाए रखने की प्रार्थना की।

युवाओं में दिखी नई ऊर्जा और आत्मविश्वास

सम्मेलन में शामिल युवाओं ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन उन्हें मानसिक शांति और नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में मिले संदेशों से उन्हें जीवन में सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।

युवाओं ने चर्च प्रबंधन और आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सम्मेलन सामाजिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होते हैं। आयोजन के दौरान अनुशासन और सामूहिक सहभागिता की भी सराहना की गई।

न्यूज़ देखो: युवाओं को सही दिशा देने वाले आयोजन समाज के लिए जरूरी

बानो के सिकोरदा मंडली में आयोजित युवासंघ सम्मेलन यह दर्शाता है कि धार्मिक और सामाजिक आयोजन केवल परंपरा नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। आज के दौर में जब युवा कई सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, तब ऐसे कार्यक्रम उन्हें अनुशासन, सेवा और मानवता का मार्ग दिखाते हैं। चर्च और समाज की यह जिम्मेदारी है कि युवाओं को सकारात्मक मंच और सही मार्गदर्शन लगातार मिलता रहे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

युवा शक्ति से ही समाज में आएगा सकारात्मक बदलाव

युवा किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। यदि उन्हें सही दिशा, प्रेरणा और अवसर मिले तो वे समाज में शांति, भाईचारा और मानवता की नई मिसाल कायम कर सकते हैं। ऐसे आयोजन युवाओं को आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

बानो, सिमडेगा

🗣️ Join the Conversation!

What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

🔔

Notification Preferences

error: