#दुमका #श्रावणी_मेला : श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर तैयारियों की समीक्षा की गई।
दुमका में राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव 2026 की तैयारियों को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई और समयबद्ध तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, पेयजल, स्वच्छता, विद्युत व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को मेला शुरू होने से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्देश दिया।
- अनुमंडल पदाधिकारी कौशल कुमार ने श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों की समीक्षा की।
- बासुकीनाथ धाम क्षेत्र में विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- पार्किंग, सुरक्षा, शौचालय और पेयजल व्यवस्था की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
- अतिक्रमण हटाने और कचरा प्रबंधन को लेकर संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
- आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन सेवाओं को सुदृढ़ रखने पर विशेष बल दिया गया।
- सभी विभागों को समय पर कार्य पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव 2026 को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में दुमका में आयोजित समीक्षा बैठक में मेला अवधि के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक का उद्देश्य मेला शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना और संभावित समस्याओं को समय रहते दूर करना था।
समीक्षा बैठक में तैयारियों का लिया गया जायजा
अनुमंडल पदाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मेला से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान मेला क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की तैयारियों की समीक्षा की गई।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जिन विभागों को निविदा संबंधी प्रक्रियाएं पूरी करनी हैं, वे बिना विलंब के सभी औपचारिकताएं पूरी करें ताकि मेला अवधि में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
अनुमंडल पदाधिकारी कौशल कुमार ने कहा: “श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभाग समयबद्ध तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें और आवश्यक तैयारियां शीघ्र पूर्ण करें।”
विद्युत सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता
बैठक में विद्युत विभाग को विशेष निर्देश दिए गए। मेला क्षेत्र, बासुकीनाथ मंदिर परिसर तथा आसपास के इलाकों में लगे विद्युत तारों, खंभों और अन्य संरचनाओं की व्यापक जांच करने को कहा गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए विद्युत सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। विभाग को निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
सुरक्षा एवं आधारभूत सुविधाओं पर फोकस
बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। इसके तहत निम्न बिंदुओं पर विशेष चर्चा हुई—
पार्किंग व्यवस्था
मेला अवधि में भारी संख्या में वाहनों के आगमन को देखते हुए पार्किंग स्थलों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
पुलिस एवं सुरक्षा प्रबंधन
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस सहायता केंद्र (ओपी) की स्थापना तथा संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी को लेकर चर्चा हुई।
पेयजल एवं शौचालय व्यवस्था
श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने तथा पर्याप्त संख्या में अस्थायी और स्थायी शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अतिक्रमण हटाने की तैयारी
मेला क्षेत्र में सुचारू आवागमन बनाए रखने के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को समय पर पूरा करने पर बल दिया गया।
स्वच्छता और कचरा प्रबंधन पर जोर
श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों को शिवगंगा क्षेत्र सहित पूरे मेला परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
कचरा संग्रहण, निस्तारण तथा स्वच्छता कर्मियों की पर्याप्त तैनाती को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए ताकि मेला क्षेत्र स्वच्छ और व्यवस्थित बना रहे।
आपदा प्रबंधन को लेकर तैयारी
बैठक में आपदा प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने पर बल दिया गया। चिकित्सा सहायता, अग्निशमन व्यवस्था और त्वरित राहत सेवाओं को तैयार रखने के निर्देश दिए गए ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
विभागों को समयबद्ध कार्य पूरा करने का निर्देश
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और मेला प्रारंभ होने से पहले अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निष्पादन सुनिश्चित करें। तैयारियों की नियमित समीक्षा की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।
न्यूज़ देखो: आस्था के महापर्व को व्यवस्थित बनाने की बड़ी चुनौती
श्रावणी मेला झारखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बासुकीनाथ धाम पहुंचते हैं, ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी कई गुना बढ़ जाती है। समीक्षा बैठक यह संकेत देती है कि प्रशासन व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर है, लेकिन असली परीक्षा मेला शुरू होने के बाद होगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कागजों पर बनी योजनाएं जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित और सुव्यवस्थित मेला हम सभी की जिम्मेदारी
श्रावणी मेला केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वच्छता, अनुशासन और सहयोग की भावना से ही लाखों श्रद्धालुओं के लिए बेहतर वातावरण बनाया जा सकता है।
यदि आप मेला में शामिल होने जा रहे हैं, तो सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, स्वच्छता बनाए रखें और प्रशासन का सहयोग करें। आपकी सजगता किसी बड़ी समस्या को टाल सकती है।
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