#गढ़वा #नदी_संरक्षण : जनसहभागिता और प्रशासनिक सहयोग से सरस्वतिया नदी पुनर्जीवन अभियान जारी।
गढ़वा और मेराल में सरस्वतिया नदी के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए चलाया जा रहा “आपन सरस्वतिया” अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। गढ़वा शहर में अभियान के 11वें दिन और मेराल में 5वें दिन नदी की सफाई तथा डी-सिल्टिंग का कार्य किया गया। प्रशासन, सामाजिक संगठनों, व्यवसायियों और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी से नदी के प्राकृतिक स्वरूप को पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने इसे जनआंदोलन बताते हुए लोगों से अभियान में सहयोग की अपील की है।
- “आपन सरस्वतिया” अभियान के तहत गढ़वा में लगातार 11वें दिन सफाई कार्य जारी रहा।
- मेराल क्षेत्र में अभियान के 5वें दिन भी नदी की सफाई और डी-सिल्टिंग की गई।
- नवादा क्षेत्र में गाद, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाया गया।
- बबलू पटवा और अनु दुबे के सहयोग से जेसीबी मशीन उपलब्ध कराई गई।
- प्रभारी बीडीओ सह अंचलाधिकारी यशवंत नायक के नेतृत्व में मेराल में अभियान चलाया गया।
- एसडीएम संजय कुमार पांडे ने अभियान को जनआंदोलन बताते हुए लोगों का आभार जताया।
सरस्वतिया नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन के उद्देश्य से चलाया जा रहा “आपन सरस्वतिया” अभियान गढ़वा जिले में जनभागीदारी का एक सशक्त उदाहरण बनता जा रहा है। प्रशासनिक सहयोग और सामाजिक सहभागिता के साथ शुरू हुई यह पहल अब लगातार विस्तार ले रही है। बुधवार को गढ़वा शहर में अभियान के 11वें दिन और मेराल क्षेत्र में 5वें दिन भी नदी की सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य जारी रखा गया।
अभियान का उद्देश्य केवल नदी की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बहाल करना, उसके अस्तित्व को सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ जलधारा सुनिश्चित करना भी है।
गढ़वा के नवादा क्षेत्र में चला सफाई अभियान
गढ़वा शहर के नवादा क्षेत्र में बुधवार को नदी सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान नदी के भीतर और आसपास जमा गाद, प्लास्टिक, कचरा एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाने का कार्य किया गया।
नदी की सफाई को प्रभावी बनाने के लिए मशीनों की सहायता ली गई। अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में जमा गाद और अवरोधों को हटाकर नदी के बहाव क्षेत्र को साफ किया गया, जिससे जल प्रवाह को सुचारु बनाने में मदद मिल सके।
समाजसेवियों और व्यवसायियों ने बढ़ाया सहयोग
“आपन सरस्वतिया” अभियान की सफलता में स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
बुधवार के अभियान के लिए जेसीबी मशीन की व्यवस्था चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्य बबलू पटवा तथा पेट्रोल पंप संचालिका अनु दुबे के सहयोग से की गई। उनके इस योगदान की स्थानीय नागरिकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने सराहना की।
अभियान के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे और नदी संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
मेराल में पांचवें दिन भी जारी रही डी-सिल्टिंग
मेराल क्षेत्र में भी सरस्वतिया नदी को पुनर्जीवित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यहां अभियान के पांचवें दिन नदी की सफाई और डी-सिल्टिंग का कार्य जारी रखा गया।
प्रभारी बीडीओ सह अंचलाधिकारी यशवंत नायक के नेतृत्व में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों और ग्रामीणों ने अभियान में भागीदारी निभाई।
नदी क्षेत्र से गाद और अन्य अवरोधों को हटाने का कार्य लगातार किया जा रहा है, जिससे नदी के प्राकृतिक स्वरूप और प्रवाह को पुनर्स्थापित करने में सहायता मिल रही है।
जनआंदोलन का रूप ले रहा अभियान
अभियान को लेकर प्रशासन का मानना है कि यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनसहभागिता का एक प्रेरक उदाहरण बन चुका है।
अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार पांडे ने कहा: “आपन सरस्वतिया अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। गढ़वा और मेराल दोनों क्षेत्रों में लोगों का स्वस्फूर्त सहयोग यह दर्शाता है कि समाज अपनी प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति जागरूक हो रहा है।”
उन्होंने अभियान में सहयोग देने वाले सामाजिक संगठनों, व्यवसायियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
नदी संरक्षण के लिए जारी रहेगा अभियान
एसडीएम संजय कुमार पांडे ने स्पष्ट किया कि सरस्वतिया नदी की पूर्ण सफाई, डी-सिल्टिंग और अतिक्रमण मुक्ति तक यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
उन्होंने लोगों से अपील की कि नदी क्षेत्र में कचरा न फेंकें और स्वच्छता बनाए रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उनका कहना था कि प्राकृतिक जलस्रोतों का संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
सरस्वतिया नदी क्षेत्र के लोगों के लिए केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि पर्यावरण और जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में नदी संरक्षण के लिए चलाया जा रहा यह अभियान पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे अभियान लगातार जारी रहें और समाज का सहयोग मिलता रहे, तो स्थानीय नदियों और जलस्रोतों को पुनर्जीवित किया जा सकता है।
न्यूज़ देखो: जनभागीदारी से ही सफल होंगे नदी संरक्षण अभियान
सरस्वतिया नदी को बचाने के लिए चलाया जा रहा “आपन सरस्वतिया” अभियान यह साबित करता है कि प्रशासन और समाज मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं। वर्षों से उपेक्षित जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए केवल सरकारी योजनाएं पर्याप्त नहीं होतीं, बल्कि जनसहभागिता भी उतनी ही जरूरी होती है। गढ़वा और मेराल में लोगों का बढ़ता सहयोग इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है। अब जरूरत है कि यह पहल निरंतर जारी रहे और अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बने। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नदी बचेगी तो भविष्य सुरक्षित रहेगा
नदियां केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, पर्यावरण और जीवन का आधार हैं। यदि हम आज अपने जलस्रोतों को सुरक्षित रखने के लिए आगे नहीं आएंगे तो आने वाली पीढ़ियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
आइए हम सभी जल संरक्षण और स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी समझें तथा प्राकृतिक धरोहरों को बचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
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