#कुरडेग #हॉकी_गौरव : एशिया कप विजेता बेटियों का गांव में भव्य अभिनंदन हुआ।
जापान में आयोजित अंडर-18 महिला एशिया कप हॉकी में कांस्य पदक जीतकर लौटीं सिमडेगा की खिलाड़ी पुष्पा मांझी और संदीपा कुमारी का कुरडेग प्रखंड के आसनबेड़ा गांव में भव्य स्वागत किया गया। गोंडवाना आदिवासी कल्याण एवं विकास मंच के तत्वावधान में आयोजित समारोह में खिलाड़ियों को आदिवासी परंपरा के अनुसार सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में खेल जगत से जुड़े पदाधिकारियों, ग्रामीणों और युवाओं ने उनकी उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण बताया।
- अंडर-18 महिला एशिया कप हॉकी 2026 में कांस्य पदक जीतकर लौटीं पुष्पा मांझी और संदीपा कुमारी का सम्मान हुआ।
- आसनबेड़ा गांव में आदिवासी परंपरा और मोटरसाइकिल रैली के साथ खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया गया।
- गोंडवाना आदिवासी कल्याण एवं विकास मंच के तत्वावधान में सम्मान समारोह आयोजित हुआ।
- खिलाड़ियों के साथ कोच तारिणी कुमारी और हॉकी झारखंड के उपाध्यक्ष मनोज कोनबेगी को भी सम्मानित किया गया।
- पुष्पा मांझी को कुरडेग प्रखंड की पहली महिला अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी बताया गया।
- ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने खिलाड़ियों की सफलता को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।
जापान में आयोजित अंडर-18 महिला एशिया कप हॉकी प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली सिमडेगा की बेटियां पुष्पा मांझी और संदीपा कुमारी लगातार सम्मान प्राप्त कर रही हैं। दिल्ली, रांची और सिमडेगा जिला मुख्यालय में सम्मानित होने के बाद अब उनके अपने गांव में भी भव्य अभिनंदन किया गया। कुरडेग प्रखंड के हेठमा पंचायत अंतर्गत आसनबेड़ा गांव में आयोजित कार्यक्रम में दोनों खिलाड़ियों का पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया गया। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
गांव की बेटियों के स्वागत में उमड़ा जनसैलाब
गोंडवाना आदिवासी कल्याण एवं विकास मंच के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, खेल प्रेमी और युवा शामिल हुए। खिलाड़ियों के गांव पहुंचते ही युवाओं ने मोटरसाइकिल रैली निकालकर उनका स्वागत किया और पूरे उत्साह के साथ उन्हें खेल मैदान तक लेकर पहुंचे।
यह वही मैदान है जहां से पुष्पा मांझी ने अपने हॉकी जीवन की शुरुआत की थी। वर्षों पहले जिस मैदान में उन्होंने सपने देखे थे, उसी मैदान में आज उन्हें अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। यह दृश्य ग्रामीणों और खेल प्रेमियों के लिए भावुक और गौरवपूर्ण क्षण बन गया।
आदिवासी परंपरा के साथ हुआ सम्मान
सम्मान समारोह के दौरान पुष्पा मांझी, संदीपा कुमारी, उनकी प्रशिक्षक तारिणी कुमारी तथा हॉकी झारखंड के उपाध्यक्ष मनोज कोनबेगी का पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के साथ अभिनंदन किया गया।
अतिथियों को अंगवस्त्र, बुके और पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजनकर्ताओं ने कहा कि यह सम्मान केवल खिलाड़ियों का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की खेल संस्कृति और संघर्षशील युवाओं का सम्मान है।
ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक उत्साह के साथ खिलाड़ियों का अभिनंदन कर उनकी उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।
क्षेत्र की पहली महिला अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी बनीं पुष्पा मांझी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हॉकी झारखंड के उपाध्यक्ष मनोज कोनबेगी ने खिलाड़ियों की उपलब्धि की सराहना की।
मनोज कोनबेगी ने कहा: “पुष्पा मांझी कुरडेग प्रखंड की पहली महिला अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अंडर-18 एशिया कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।”
उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश के बावजूद सिमडेगा के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। यह पूरे झारखंड के लिए गर्व की बात है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनीं पुष्पा और संदीपा
समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि पुष्पा मांझी और संदीपा कुमारी की सफलता यह साबित करती है कि मेहनत, लगन और समर्पण के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने न केवल अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे सिमडेगा और झारखंड को राष्ट्रीय गौरव दिलाया है। उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।
विशेष रूप से ग्रामीण युवाओं को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने खेलों में भागीदारी बढ़ाने और अनुशासित जीवन अपनाने का संदेश दिया।
कोच और खेल संरक्षकों की भूमिका भी सराही गई
कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली प्रशिक्षक तारिणी कुमारी को भी सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि किसी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके कोच की मेहनत और मार्गदर्शन का बड़ा योगदान होता है।
हॉकी झारखंड के उपाध्यक्ष मनोज कोनबेगी की भूमिका की भी सराहना की गई, जिन्होंने लगातार ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का कार्य किया है।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि इसी तरह खेल प्रतिभाओं को अवसर और संसाधन मिलते रहे तो आने वाले वर्षों में सिमडेगा देश को और अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी देगा।
खेल संस्कृति को मिल रही नई पहचान
सिमडेगा को लंबे समय से हॉकी की नर्सरी के रूप में जाना जाता रहा है। यहां से कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकल चुके हैं। पुष्पा मांझी और संदीपा कुमारी की उपलब्धि ने इस पहचान को और मजबूत किया है।
ग्रामीणों ने कहा कि गांवों में खेल मैदानों और प्रशिक्षण सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाए ताकि अधिक से अधिक बच्चे खेलों में अपना भविष्य बना सकें।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, खेल प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे और खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
न्यूज़ देखो: गांव की मिट्टी से निकली प्रतिभाओं ने बढ़ाया देश का मान
पुष्पा मांझी और संदीपा कुमारी की सफलता यह दिखाती है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती। ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी देश का नाम रोशन कर सकती हैं। आसनबेड़ा गांव में हुआ यह सम्मान समारोह केवल एक स्वागत कार्यक्रम नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण और उपलब्धि का उत्सव है। अब जरूरत है कि ऐसी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए खेल सुविधाओं को और मजबूत किया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बेटियों की सफलता से प्रेरित होकर खेलों को दें नई उड़ान
हर गांव में प्रतिभा है, जरूरत केवल उसे पहचानने और आगे बढ़ाने की है।
पुष्पा और संदीपा की उपलब्धि बताती है कि सपने बड़े हों तो सीमित संसाधन भी बाधा नहीं बनते।
अपने बच्चों को खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ें।
स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करें और उनके संघर्ष की कहानियों को आगे बढ़ाएं।
अगर आपको भी इन बेटियों की उपलब्धि पर गर्व है, तो इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें, अपनी शुभकामनाएं कमेंट में लिखें और क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं का हौसला बढ़ाने में भागीदार बनें।

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