#रायडीह #गुमला #सामूहिकदुष्कर्म : मेला से लौटते समय नाबालिग से गैंगरेप, पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी।
गुमला जिले के रायडीह थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता ने परिजनों के साथ थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। घटना मरदा मेला से लौटने के दौरान मरदा-नारोटोली मोड़ के पास आम बगीचे में हुई बताई जा रही है। मामले ने क्षेत्र में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
- रायडीह थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप।
- घटना मरदा मेला से लौटते समय मरदा-नारोटोली मोड़ के पास आम बगीचे में हुई।
- 8–10 युवकों द्वारा घेरकर पहले युवक से मारपीट, फिर नाबालिग को जबरन ले जाने का आरोप।
- पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, जांच शुरू।
- घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार, क्षेत्र में दहशत का माहौल।
गुमला जिले के रायडीह थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ थाना पहुंचकर लिखित आवेदन दिया, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि घटना शुक्रवार की रात की है, जब पीड़िता अपने एक पुरुष मित्र के साथ मरदा मेला घूमकर घर लौट रही थी।
मेला से लौटते समय हुई वारदात
पीड़िता के अनुसार, वह अपने मित्र के साथ मरदा मेला घूमने गई थी और देर रात दोनों घर लौट रहे थे। इसी दौरान मरदा-नारोटोली मोड़ के पास स्थित एक आम बगीचे के समीप 8 से 10 युवकों ने उन्हें अचानक घेर लिया। आरोप है कि युवकों ने पहले पीड़िता के साथ मौजूद युवक के साथ मारपीट की और उसे भयभीत कर दिया।
घटना की गंभीरता यहीं नहीं रुकी, बल्कि आरोपियों ने इसके बाद नाबालिग को जबरन पकड़कर कुछ दूर ले जाने का प्रयास किया। पीड़िता के मुताबिक, उसने लगातार आरोपियों से छोड़ देने की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी।
बारी-बारी से दुष्कर्म करने का आरोप
पीड़िता ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उसे जबरन अपने कब्जे में लेकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया। घटना के दौरान वह भयभीत और असहाय स्थिति में रही और लगातार विरोध करती रही। लेकिन आरोपियों ने उसकी एक नहीं सुनी और घटना को अंजाम देने के बाद सभी मौके से फरार हो गए।
यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध के रूप में सामने आई है, बल्कि इससे क्षेत्र में महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी उठ खड़े हुए हैं।
देर रात घर पहुंचकर परिजनों को दी जानकारी
घटना के बाद पीड़िता अपने मित्र के साथ किसी तरह देर रात घर पहुंची। मानसिक आघात और भय के कारण उसने तत्काल किसी को जानकारी नहीं दी, लेकिन अगले दिन सुबह उसने अपने परिजनों को पूरी घटना के बारे में बताया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग स्तब्ध रह गए और तुरंत न्याय की मांग को लेकर रायडीह थाना पहुंचे।
परिजनों ने पुलिस को लिखित आवेदन सौंपते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, जांच शुरू
पीड़िता के आवेदन के आधार पर रायडीह थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस द्वारा घटना स्थल और आसपास के क्षेत्रों में आरोपियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए छानबीन की जा रही है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, घटना स्थल मरदा-नारोटोली मोड़ के पास स्थित एक आम बगीचा बताया जा रहा है, जहां देर रात सुनसान माहौल का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया गया।
क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल
इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद रायडीह और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल व्याप्त है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मेलों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
साथ ही अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई है, खासकर किशोरियों की सुरक्षा को लेकर। लोगों ने प्रशासन से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
नाबालिग सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर से नाबालिगों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। विशेष रूप से मेलों और भीड़भाड़ वाले आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की कमी अपराधियों को अवसर प्रदान कर सकती है।
सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्ती और निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। साथ ही पीड़िता को समुचित चिकित्सकीय, कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने की भी अपील की गई है।
ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय और कठोर कार्रवाई ही समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत कर सकती है।
न्यूज़ देखो: नाबालिग सुरक्षा पर फिर खड़े हुए गंभीर सवाल
रायडीह की यह घटना न केवल एक आपराधिक वारदात है, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को भी उजागर करती है। मेलों और ग्रामीण आयोजनों में सुरक्षा प्रबंधन की मजबूती अब समय की मांग बन चुकी है। प्रशासन के लिए यह एक परीक्षा की घड़ी है कि आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और न्यायिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बेटियों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है
समाज की असली प्रगति तभी संभव है जब बेटियां सुरक्षित हों।
ऐसी घटनाएं हमें जागरूक, सतर्क और जिम्मेदार बनने का संदेश देती हैं।
आवश्यक है कि हम अपने आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
आइए, मिलकर सुरक्षित समाज के निर्माण का संकल्प लें और अपराध के खिलाफ आवाज उठाएं।
इस गंभीर खबर पर अपनी राय कमेंट करें, जागरूकता के लिए इसे साझा करें और सुरक्षा को लेकर संवाद को मजबूत बनाएं।






