
#विश्रामपुर #शिक्षा_विकास : रेहला स्थित संत तुलसीदास महाविद्यालय में स्नातक विज्ञान खंड निर्माण के लिए 28 फरवरी को होगा भूमिपूजन समारोह
पलामू जिले के विश्रामपुर नगर परिषद अंतर्गत रेहला स्थित संत तुलसीदास महाविद्यालय में स्नातक विज्ञान खंड के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। 28 फरवरी को प्रस्तावित भूमिपूजन समारोह में ग्रासिम इंडस्ट्रीज रेहला के यूनिट हेड और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
- 28 फरवरी (शनिवार) को होगा स्नातक विज्ञान खंड का भूमिपूजन।
- मुख्य अतिथि के रूप में हितेंद्र केशव अवस्थी, यूनिट हेड, ग्रासिम इंडस्ट्रीज रेहला।
- पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राम चन्द्र चन्द्रवंशी करेंगे कार्यक्रम की अध्यक्षता।
- प्राचार्य कृष्ण कान्त चौबे ने दी आधिकारिक जानकारी।
- आसपास के सैकड़ों गांवों के विद्यार्थियों को मिलेगा विज्ञान शिक्षा का लाभ।
पलामू जिले के विश्रामपुर नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत रेहला स्थित संत तुलसीदास महाविद्यालय में स्नातक विज्ञान खंड के निर्माण को लेकर 28 फरवरी को भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
शिक्षा विस्तार की दिशा में बड़ा कदम
महाविद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कान्त चौबे ने जानकारी देते हुए बताया कि स्नातक विज्ञान खंड की शुरुआत से क्षेत्र के विद्यार्थियों को अब विज्ञान विषयों की पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और आर्थिक संसाधनों की बचत होगी तथा स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी।
भूमिपूजन कार्यक्रम ग्रासिम इंडस्ट्रीज रेहला के यूनिट हेड हितेंद्र केशव अवस्थी एवं झारखंड सरकार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राम चन्द्र चन्द्रवंशी के करकमलों द्वारा संपन्न होगा।
“स्नातक विज्ञान खंड की स्थापना से महाविद्यालय में शिक्षा का दायरा बढ़ेगा और विद्यार्थियों को नई दिशा मिलेगी,” प्राचार्य कृष्ण कान्त चौबे ने कहा।
संत तुलसीदास के आदर्शों पर स्थापित संस्थान
महाविद्यालय का नाम महान संत तुलसीदास के नाम पर रखा गया है, जो रामभक्ति और रामचरितमानस के रचयिता के रूप में विश्वविख्यात हैं। उनके आदर्शों और संस्कारों को आत्मसात करते हुए इस शैक्षणिक संस्थान की स्थापना की गई थी।
आज यह महाविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि संस्कार और नैतिक मूल्यों के संवर्धन का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। आसपास के सैकड़ों गांवों के विद्यार्थी यहां अध्ययन कर देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी पहचान बना रहे हैं।
क्षेत्रीय विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
स्नातक विज्ञान खंड के शुरू होने से विज्ञान विषय में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को बड़ा लाभ मिलेगा। अब उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूरस्थ शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
स्थानीय स्तर पर विज्ञान संकाय उपलब्ध होने से छात्र-छात्राओं की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। इससे महाविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिष्ठा और मजबूत होगी।
सामाजिक और औद्योगिक सहयोग का उदाहरण
इस कार्यक्रम में ग्रासिम इंडस्ट्रीज रेहला के यूनिट हेड की भागीदारी यह दर्शाती है कि औद्योगिक संस्थान भी शिक्षा के विकास में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। उद्योग और शिक्षा के बीच सहयोग क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में सकारात्मक संकेत देता है।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राम चन्द्र चन्द्रवंशी की उपस्थिति कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना रही है। इससे क्षेत्रीय विकास और शैक्षणिक उन्नयन को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
भविष्य की संभावनाएं
स्नातक विज्ञान खंड के निर्माण के बाद महाविद्यालय में प्रयोगशाला, आधुनिक कक्षाएं और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल विश्रामपुर और रेहला क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।
न्यूज़ देखो: शिक्षा से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर
रेहला में स्नातक विज्ञान खंड का भूमिपूजन केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि क्षेत्रीय शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम है। स्थानीय स्तर पर विज्ञान शिक्षा की उपलब्धता से विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल होगा और क्षेत्र का बौद्धिक विकास तेज होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शिक्षा ही है उज्ज्वल भविष्य की कुंजी
अगर शिक्षा मजबूत होगी तो समाज भी सशक्त होगा।
अपने आसपास के शैक्षणिक प्रयासों को समर्थन दें।
विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।
क्षेत्र के विकास में शिक्षा की भूमिका को समझें और सहयोग करें।
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