
#लातेहार #टोल_वसूली : विधायक ने वसूली रोकने और स्थानीय लोगों को छूट देने की मांग की।
लातेहार–डाल्टेनगंज राष्ट्रीय राजमार्ग के अधूरे निर्माण के बावजूद दुबियाखाड़ टोल प्लाजा पर टोल वसूली किए जाने का मामला अब झारखंड विधानसभा में गूंज उठा है। मनिका विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामचंद्र सिंह ने सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि अधूरी सड़क पर टोल वसूली पूरी तरह अनुचित है और इससे स्थानीय लोगों को आर्थिक बोझ तथा यातायात संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
- मनिका विधायक रामचंद्र सिंह ने विधानसभा में दुबियाखाड़ टोल प्लाजा का मुद्दा उठाया।
- लातेहार–डाल्टेनगंज राष्ट्रीय राजमार्ग के अधूरे निर्माण के बावजूद टोल वसूली पर सवाल।
- विधायक ने टोल वसूली तत्काल बंद करने की मांग की।
- स्थानीय लोगों को 10–20 किमी दायरे में टोल शुल्क से छूट देने का प्रस्ताव।
- मुद्दा उठाए जाने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कांग्रेस नेताओं ने जताया आभार।
लातेहार–डाल्टेनगंज राष्ट्रीय राजमार्ग के अधूरे निर्माण के बावजूद दुबियाखाड़ टोल प्लाजा पर टोल वसूली शुरू किए जाने का मामला अब झारखंड विधानसभा तक पहुंच गया है। मनिका विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामचंद्र सिंह ने विधानसभा सत्र के दौरान इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
अधूरी सड़क पर टोल वसूली पर सवाल
विधायक रामचंद्र सिंह ने सदन में कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है, इसके बावजूद दुबियाखाड़ टोल प्लाजा पर लोगों से टोल टैक्स वसूला जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अधूरी सड़क पर टोल वसूली से क्षेत्र के लोगों को आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है और साथ ही यातायात से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
टोल वसूली बंद करने की मांग
विधायक ने सदन के माध्यम से सरकार से मांग की कि जब तक राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य पूरी तरह पूरा नहीं हो जाता, तब तक दुबियाखाड़ टोल प्लाजा पर टोल वसूली को तत्काल बंद किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि अधूरी सड़क पर टोल वसूली करना आम जनता के साथ अन्याय के समान है और इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों को छूट देने की भी मांग
विधायक रामचंद्र सिंह ने सरकार से यह भी मांग की कि बरवाडीह, मनिका और आसपास के प्रखंडों के स्थानीय लोगों को राहत देने के लिए टोल प्लाजा से 10 से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को टोल शुल्क से छूट दी जाए।
उनका कहना था कि स्थानीय लोग रोजमर्रा के कामों के लिए इस सड़क का उपयोग करते हैं, इसलिए उनसे बार-बार टोल वसूली करना उचित नहीं है।
विधायक को मिला स्थानीय नेताओं का समर्थन
विधानसभा में इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों और कांग्रेस नेताओं ने विधायक का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर, कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा जिला अध्यक्ष नसीम अंसारी, कांग्रेस प्रदेश प्रतिनिधि रविंद्र राम, सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश सिंह, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष प्रिंस प्रसाद गुप्ता, संजय यादव और राहुल गुप्ता समेत अन्य लोगों ने कहा कि विधायक ने क्षेत्र की जनता की आवाज को सदन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण काम किया है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मामले पर जल्द निर्णय लेकर स्थानीय लोगों को राहत देने का काम करेगी।
न्यूज़ देखो विश्लेषण: अधूरी परियोजनाओं पर वसूली से बढ़ती है जन नाराजगी
किसी भी सड़क परियोजना का उद्देश्य आम जनता को बेहतर और सुरक्षित यातायात सुविधा देना होता है। लेकिन यदि निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही टोल वसूली शुरू हो जाए, तो इससे लोगों में असंतोष और नाराजगी बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे मामलों में प्रशासन और सरकार को पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।
विकास के साथ न्याय भी जरूरी
सड़क और बुनियादी ढांचा विकास के लिए टोल व्यवस्था जरूरी हो सकती है, लेकिन यह तभी उचित मानी जाती है जब जनता को बेहतर सुविधा मिले। अधूरी परियोजनाओं के बीच वसूली शुरू होना विकास के उद्देश्य को कमजोर करता है, इसलिए जनहित को प्राथमिकता देना आवश्यक है।






