#गिरिडीह #रेलवेसड़कमुद्दा : सलैया स्टेशन रोड आंदोलन के बाद सड़क निर्माण को लेकर जनदबाव और तेज हुआ।
गिरिडीह जिले के सलैया स्टेशन रोड की जर्जर स्थिति को लेकर चल रहे आंदोलन का असर अब दिखाई देने लगा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के लगातार आंदोलन के बीच कोडरमा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा यादव द्वारा रेलवे को सड़क निर्माण के लिए पत्र भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता राजेश सिन्हा ने न्यू गिरिडीह स्टेशन रोड की बदहाल स्थिति पर भी जल्द पहल नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। स्थानीय लोगों ने दोनों सड़क मार्गों को जल्द दुरुस्त करने की मांग उठाई है।
- सलैया स्टेशन रोड की खराब स्थिति को लेकर आंदोलन जारी।
- आंदोलन के बाद कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा यादव की पहल की चर्चा।
- रेलवे को सड़क निर्माण के लिए पत्र भेजे जाने की जानकारी।
- राजेश सिन्हा ने न्यू गिरिडीह स्टेशन रोड पर भी कार्रवाई की मांग उठाई।
- सड़क जर्जर होने से स्कूल बस, टोटो और निजी वाहन चालकों को परेशानी।
- मांग पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी।
गिरिडीह जिले के सलैया स्टेशन रोड की जर्जर हालत को लेकर पिछले कई महीनों से चल रहा जनआंदोलन अब असर दिखाने लगा है। सड़क की खराब स्थिति से परेशान स्थानीय लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सलैया संघर्ष समिति ने लगातार बैठक, पदयात्रा और जनसंपर्क अभियान चलाकर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। आंदोलन को स्थानीय मीडिया में भी व्यापक कवरेज मिलने के बाद अब जनप्रतिनिधियों और रेलवे प्रशासन की सक्रियता बढ़ती दिखाई दे रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता राजेश सिन्हा ने कहा कि सलैया स्टेशन रोड पिछले दो वर्षों से बेहद खराब स्थिति में है। यह सड़क स्कूल बस, ऑटो, टोटो, निजी वाहन और भारी वाहनों के आवागमन का प्रमुख मार्ग है, लेकिन इसके बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
आंदोलन के बाद रेलवे और जनप्रतिनिधियों की बढ़ी सक्रियता
आंदोलन के शुरुआती चरण के बाद रेलवे अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से बातचीत किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। बताया गया कि आंदोलन और जनआक्रोश की सूचना रेलवे प्रशासन तक पहले ही पहुंच चुकी थी।
इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश जलान और अन्य स्थानीय लोगों ने कोडरमा लोकसभा क्षेत्र की सांसद एवं केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा यादव से मुलाकात कर सड़क की समस्या से अवगत कराया। जानकारी के अनुसार सांसद द्वारा रेलवे को सड़क निर्माण के लिए पत्र भी भेजा गया है।
राजेश सिन्हा ने कहा: “यदि एक महीने के भीतर ठोस कार्य शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।”
न्यू गिरिडीह स्टेशन रोड पर भी उठी मांग
राजेश सिन्हा ने कहा कि जिस प्रकार सलैया स्टेशन रोड को लेकर पहल हुई है, उसी तरह न्यू गिरिडीह स्टेशन रोड की जर्जर स्थिति पर भी तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस सड़क की हालत भी बेहद खराब है और आम लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि को इस संबंध में जानकारी दी गई है। फोन पर भी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है।
ट्रेन ठहराव की मांग भी अब तक लंबित
राजेश सिन्हा ने यह भी कहा कि इससे पहले पचंबा क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता रेलवे मंत्री से मिलकर सलैया स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग उठा चुके हैं। उनका कहना है कि शहर से सटे इस स्टेशन पर ट्रेन रुकने से बड़ी संख्या में यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
हालांकि लगभग एक वर्ष बीत जाने के बावजूद इस मांग पर कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि उस समय भी सांसद स्तर की पहल के बाद ही रेलवे मंत्री से मुलाकात संभव हो पाई थी।
ग्रामीणों और संघर्ष समिति को दिया धन्यवाद
राजेश सिन्हा ने पचंबा, हांडाडीह और आसपास के ग्रामीणों को इस आंदोलन में सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सलैया संघर्ष समिति के सक्रिय होने के बाद क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि सड़क, रेलवे और जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर जनता को लगातार एकजुट होकर आवाज उठानी होगी, तभी प्रशासन और संबंधित विभाग गंभीरता से कार्रवाई करेंगे।
क्षेत्रीय विकास को लेकर बढ़ी उम्मीद
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि दोनों सड़क मार्गों का निर्माण हो जाता है तो हजारों लोगों को राहत मिलेगी। सड़क की खराब स्थिति के कारण रोजाना दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और वाहन चालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि रेलवे प्रशासन, सांसद और स्थानीय जनप्रतिनिधि सामूहिक प्रयास कर जल्द सड़क निर्माण का कार्य शुरू करवाएं।
न्यूज़ देखो: जनदबाव से ही प्रशासनिक सक्रियता संभव
सलैया स्टेशन रोड का मुद्दा यह दिखाता है कि लगातार जनआवाज और संगठित आंदोलन से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता बढ़ती है। सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं आम जनता के जीवन से सीधे जुड़ी होती हैं, इसलिए इन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। अब देखना होगा कि आश्वासनों के बाद जमीन पर काम कितनी तेजी से शुरू होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक जनता ही बदलाव की सबसे बड़ी ताकत
जब लोग अपने अधिकार और सुविधाओं के लिए एकजुट होकर आवाज उठाते हैं, तभी बदलाव की शुरुआत होती है।
सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन जैसी सुविधाएं हर नागरिक का अधिकार हैं।
अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाइए और सकारात्मक बदलाव की मुहिम में भागीदार बनिए।
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