
#घाघरा #फाइलेरिया_उन्मूलन : बीडीओ और चिकित्सा प्रभारी ने दवा सेवन कर अभियान का शुभारंभ किया।
गुमला जिले के घाघरा प्रखंड में हाथीपांव उन्मूलन के लिए विशेष दवा खाओ अभियान शुरू किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बीडीओ दिनेश कुमार और चिकित्सा प्रभारी डॉ. अरविंद कुशल एक्का ने स्वयं दवा खाकर शुभारंभ किया। अभियान के तहत घर-घर दवा वितरण कर पात्र लोगों को सुरक्षित खुराक दी जाएगी। इसका उद्देश्य फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम सुनिश्चित करना है।
- घाघरा प्रखंड में हाथीपांव उन्मूलन हेतु विशेष अभियान की शुरुआत।
- बीडीओ दिनेश कुमार और डॉ. अरविंद कुशल एक्का ने दवा खाकर किया शुभारंभ।
- स्वास्थ्य कर्मियों को घर-घर जाकर दवा खिलाने का निर्देश।
- गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी को दवा।
- फाइलेरिया से बचाव के लिए समय पर दवा सेवन पर जोर।
गुमला जिले के घाघरा प्रखंड में हाथीपांव (फाइलेरिया) जैसी गंभीर और दीर्घकालिक बीमारी के उन्मूलन के लिए विशेष ‘दवा खाओ अभियान’ की औपचारिक शुरुआत की गई। मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस अभियान का शुभारंभ किया गया। अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति में यह संदेश दिया गया कि समय पर दवा का सेवन ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
अधिकारियों ने दवा खाकर दिया भरोसे का संदेश
अभियान के शुभारंभ अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी दिनेश कुमार और प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुशल एक्का ने स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन किया।
बीडीओ दिनेश कुमार ने कहा:
“हाथीपांव शरीर को दिव्यांग बना देता है। इससे बचने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करें और खाली पेट दवा न खाएं।”
उनके इस कदम का उद्देश्य आम जनता में विश्वास जगाना और यह स्पष्ट करना था कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित और आवश्यक है।
डॉ. अरविंद कुशल एक्का ने बताया:
“फाइलेरिया के लक्षण कई वर्षों बाद दिखाई देते हैं। इसलिए बचाव ही इसका सबसे प्रभावी इलाज है।”
उन्होंने कहा कि यदि समय पर दवा का सेवन किया जाए तो इस बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम
कार्यक्रम में अस्पताल के विभिन्न पदाधिकारी, बड़ी संख्या में सहिया, आंगनबाड़ी सेविकाएं और स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे। चिकित्सा पदाधिकारी ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि वे क्षेत्र के प्रत्येक घर तक पहुंचें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा सेवन से वंचित न रह जाए।
अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मी लोगों को अपनी उपस्थिति में दवा खिलाएंगे, ताकि दवा का सही सेवन सुनिश्चित हो सके। गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को इस खुराक से अलग रखा जाएगा।
हाथीपांव क्या है और क्यों जरूरी है बचाव
हाथीपांव, जिसे फाइलेरिया कहा जाता है, एक ऐसी बीमारी है जो शरीर के अंगों में असामान्य सूजन उत्पन्न करती है। यह बीमारी लंबे समय तक बिना लक्षण के शरीर में रह सकती है और बाद में गंभीर रूप ले सकती है। एक बार यह बीमारी विकसित हो जाए तो इसका स्थायी इलाज संभव नहीं होता, इसलिए समय पर रोकथाम ही एकमात्र उपाय है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान इसी उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है कि प्रखंड क्षेत्र में इस बीमारी की श्रृंखला को तोड़ा जा सके और आने वाले वर्षों में इसे पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
जनजागरूकता पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों से बचें और स्वास्थ्य विभाग की टीम का सहयोग करें। दवा का सेवन भोजन के बाद करने की सलाह दी गई। साथ ही लोगों को यह भी बताया गया कि हल्के दुष्प्रभाव सामान्य हो सकते हैं, जो कुछ समय बाद स्वतः समाप्त हो जाते हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे केवल दवा वितरण तक सीमित न रहें, बल्कि लोगों को बीमारी के लक्षण, कारण और बचाव के तरीकों के बारे में भी जानकारी दें।
न्यूज़ देखो: बीमारी के खिलाफ सामूहिक प्रयास की जरूरत
फाइलेरिया जैसी बीमारी केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से समाप्त हो सकती है। घाघरा प्रखंड में शुरू हुआ यह अभियान तभी सफल होगा जब हर नागरिक जिम्मेदारी से दवा का सेवन करेगा। अधिकारियों का स्वयं दवा खाकर संदेश देना सकारात्मक पहल है, जो भरोसा बढ़ाता है। अब देखना यह होगा कि अभियान के दौरान शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित हो पाता है या नहीं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वस्थ समाज के लिए एक कदम आगे
हाथीपांव से बचाव आपके हाथ में है।
स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करें और दवा अवश्य लें।
अपने परिवार और पड़ोसियों को भी जागरूक करें।
अफवाहों पर नहीं, सही जानकारी पर भरोसा करें।
सजग नागरिक बनें, अभियान को सफल बनाएं। अपनी राय कमेंट करें, खबर को साझा करें और स्वस्थ घाघरा के निर्माण में भागीदारी निभाएं।







