#बरवाडीह #पेयजल_संकट : खराब जलमिनार से ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत पोखरी कलां पंचायत के नीचे टोला में स्थित जलमिनार पिछले लगभग एक वर्ष से खराब पड़ा है। जलमिनार बंद होने से दर्जनों परिवारों को भीषण गर्मी में पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभाग को सूचना दी, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
- पोखरी कलां पंचायत के नीचे टोला में एक वर्ष से बंद पड़ा है जलमिनार।
- दर्जनों परिवारों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
- ग्रामीण दूर-दराज के चापाकल और जल स्रोतों पर हो रहे निर्भर।
- महिलाओं और बच्चों को पानी लाने में हो रही भारी परेशानी।
- कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई मरम्मत की पहल।
- ग्रामीणों ने बीडीओ रेशमा रेखा मिंज से जल्द समाधान की मांग की।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत पोखरी कलां पंचायत के नीचे टोला में पेयजल संकट गंभीर रूप लेता जा रहा है। यहां स्थित जलमिनार पिछले लगभग एक वर्ष से खराब पड़ा हुआ है, जिसके कारण आसपास के दर्जनों परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच जलमिनार बंद रहने से ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
ग्रामीणों के अनुसार यह जलमिनार कलाम अंसारी के घर के नजदीक तथा हेयात मियां के घर के पास स्थित है। पहले इसी जलमिनार के माध्यम से आसपास के लोगों को नियमित रूप से पानी की आपूर्ति होती थी, लेकिन खराब होने के बाद से स्थिति बेहद खराब हो गई है।
दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर ग्रामीण
जलमिनार खराब होने के कारण अब ग्रामीणों को पेयजल के लिए दूर स्थित चापाकलों और अन्य जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। खासकर गर्मी के मौसम में पानी की समस्या और अधिक गंभीर हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों को रोजाना कई बार दूर तक जाकर पानी लाना पड़ता है। इससे न सिर्फ समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि भीषण गर्मी में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पहले जलमिनार के चलते पूरे इलाके में पानी की सुविधा आसानी से उपलब्ध हो जाती थी, लेकिन अब लोगों को बुनियादी जरूरत पूरी करने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों ने बताया कि जलमिनार खराब होने की सूचना कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभाग को दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक मरम्मत को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
ग्रामीणों ने कहा: “एक साल से जलमिनार बंद पड़ा है, लेकिन अब तक इसे ठीक कराने की दिशा में कोई गंभीर कदम नहीं उठाया गया।”
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट और अधिक गंभीर हो सकता है। गर्मी बढ़ने के साथ पानी की मांग भी बढ़ रही है, जिससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
प्रशासन से लगाई गुहार
जल संकट से परेशान ग्रामीणों ने बरवाडीह प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमा रेखा मिंज से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों ने प्रशासन से खराब पड़े जलमिनार की शीघ्र मरम्मत कराकर नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल कराने की अपील की है।
ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा का लंबे समय तक बाधित रहना चिंता का विषय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करेगा।
गर्मी में बढ़ी परेशानी
गर्मी के मौसम में जल संकट का असर सबसे अधिक गरीब और ग्रामीण परिवारों पर पड़ता है। पानी के अभाव में घरेलू कामकाज के साथ-साथ दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार पानी भरने के लिए लंबी कतारें लगानी पड़ती हैं। इससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि सिर्फ मरम्मत ही नहीं, बल्कि जलमिनार की नियमित देखरेख और निगरानी की भी व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।
न्यूज़ देखो: पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा पर गंभीरता जरूरी
पोखरी कलां पंचायत के नीचे टोला में एक वर्ष से बंद पड़ा जलमिनार प्रशासनिक उदासीनता की ओर इशारा करता है। पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का प्रभावित होना सीधे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन पर असर डालता है। खासकर गर्मी के मौसम में ग्रामीणों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़े, यह चिंता का विषय है। अब जरूरत है कि प्रशासन त्वरित कार्रवाई करते हुए जलमिनार को दुरुस्त कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
पानी की हर बूंद जीवन के लिए जरूरी, समाधान में सबकी भागीदारी जरूरी
स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल हर नागरिक का मूल अधिकार है।
गांवों में जल संकट का समय पर समाधान प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
जागरूक नागरिक और संवेदनशील व्यवस्था मिलकर ही बेहतर भविष्य बना सकते हैं।
आइए अपने क्षेत्र की समस्याओं को मजबूती से उठाएं और समाधान की दिशा में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
पानी बचाने और जल स्रोतों की सुरक्षा का संकल्प लें।
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