
#बरवाडीह #पेयजल_संकट : प्रधानमंत्री जल नल योजना की जल मीनार खराब, 30 से अधिक घरों के सामने गहराया पानी का संकट
- छिपादोहर पंचायत के बाजार टोला में पाँच महीनों से जल मीनार बंद।
- प्रधानमंत्री जल नल योजना के तहत स्थापित थी जल मीनार।
- मोटर जलने के कारण पूरी तरह ठप पड़ी है आपूर्ति।
- 30 से अधिक घरों के ग्रामीण प्रभावित।
- विभागीय अधिकारियों को सूचना के बावजूद मरम्मत नहीं।
बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत लातेहार जिले की छिपादोहर पंचायत के बाजार टोला में पेयजल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। दीपक प्रसाद के घर के समीप स्थित जल मीनार विगत पाँच महीनों से खराब पड़ी हुई है, जिससे इलाके के ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह जल मीनार प्रधानमंत्री जल नल योजना के तहत स्थापित की गई थी, जिससे बाजार टोला के 30 से अधिक घरों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति होती थी।
मोटर जलने से पूरी तरह ठप हुई जल आपूर्ति
ग्रामीणों के अनुसार जल मीनार की मोटर जल जाने के बाद से पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है। शुरुआत में लोगों को उम्मीद थी कि विभाग जल्द मरम्मत करा देगा, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। जल मीनार बंद होने से अब ग्रामीणों को दूर-दराज के जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी
पेयजल संकट का सबसे ज्यादा असर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। महिलाओं को रोजमर्रा के घरेलू कार्यों के साथ-साथ दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
विभागीय उदासीनता से बढ़ा आक्रोश
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या की जानकारी कई बार पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कनीय अभियंता और सहायक अभियंता, बरवाडीह को दी जा चुकी है। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति गहरी नाराजगी है और वे इसे साफ तौर पर विभागीय लापरवाही मान रहे हैं।
प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग
ग्रामीणों ने लातेहार जिला उपायुक्त, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं सहायक अभियंता से मांग की है कि इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए। उनका कहना है कि जल्द से जल्द जल मीनार की मरम्मत कराकर पानी की आपूर्ति बहाल की जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके।
न्यूज़ देखो: योजनाएं कागज पर, ज़मीनी हकीकत अलग
प्रधानमंत्री जल नल योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य हर घर तक पानी पहुंचाना है, लेकिन छिपादोहर बाजार टोला की स्थिति बताती है कि रखरखाव और निगरानी के अभाव में योजनाएं दम तोड़ देती हैं। समय पर मरम्मत न होना प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
पानी जीवन है, इसे नजरअंदाज न करें
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गंभीर सामाजिक मुद्दा बनता जा रहा है। यदि आपके क्षेत्र में भी ऐसी समस्या है, तो आवाज उठाएं, प्रशासन को जागरूक करें और खबर साझा करें, ताकि समाधान की राह खुले।





