
#बरवाडीह #लातेहार #पेयजलसंकट : जलमिनार खराब होने से भुईया टोली के लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत पोखरी कलां में कई दिनों से खराब पड़े जलमिनार के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। भुईया टोली के लोगों ने बताया कि जलमिनार से आसपास के कई घरों में पानी की आपूर्ति होती थी, लेकिन खराब होने के कारण अब लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
- पोखरी कलां बाजार के नीचे भुईया टोली में स्थित जलमिनार कई दिनों से खराब।
- जलमिनार से आसपास के कई घरों को मिलता था पेयजल।
- खराब होने से महिलाओं और बच्चों को दूर से पानी लाने की मजबूरी।
- ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को कई बार दी सूचना।
- जल्द मरम्मत नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड के पोखरी कलां बाजार के नीचे स्थित भुईया टोली में लगे जलमिनार के खराब हो जाने से स्थानीय लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। बताया जाता है कि संजू सोनी के घर के पास स्थापित यह जलमिनार पिछले कई दिनों से बंद पड़ा हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस जलमिनार से भुईया टोली सहित आसपास के कई घरों में रहने वाले लोगों को प्रतिदिन पीने का पानी उपलब्ध होता था। लेकिन जलमिनार खराब हो जाने के बाद लोगों की परेशानी काफी बढ़ गई है।
दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर ग्रामीण
स्थानीय लोगों ने बताया कि जलमिनार बंद होने के कारण अब उन्हें दूर-दूर से पानी लाकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं। गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ ही पानी की समस्या और भी गंभीर होती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें रोजाना पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
एक ग्रामीण ने बताया कि पहले जलमिनार से नियमित रूप से पानी मिल जाता था, जिससे पूरे मोहल्ले की जरूरतें आसानी से पूरी हो जाती थीं। लेकिन अब स्थिति काफी कठिन हो गई है।
कई बार दी गई सूचना, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का कहना है कि जलमिनार खराब होने की जानकारी कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों को दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक इसकी मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलमिनार को ठीक नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट और भी गंभीर हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द जलमिनार की मरम्मत कर इसे चालू कराया जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
आंदोलन की दी चेतावनी
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी जैसी बुनियादी सुविधा से लोगों को वंचित रखना उचित नहीं है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलमिनार को ठीक नहीं कराया गया तो वे प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने को भी बाध्य होंगे।
न्यूज़ देखो: बुनियादी सुविधाओं पर प्रशासन को देना होगा ध्यान
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता बेहद जरूरी है। यदि समय पर खराब जलमिनार या हैंडपंप की मरम्मत नहीं की जाती, तो लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में प्रशासन और संबंधित विभाग को तुरंत कार्रवाई कर समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
पानी है जीवन की सबसे बड़ी जरूरत
पानी जीवन की सबसे बुनियादी जरूरतों में से एक है। जब लोगों को पीने का पानी पाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाता है।
समय पर समाधान ही ऐसी समस्याओं को रोक सकता है। इसलिए जरूरी है कि समाज और प्रशासन मिलकर लोगों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में काम करें।






