
#विश्रामपुर #पलामू #चोरी_की_वारदात : रात करीब दो बजे अज्ञात चोरों ने तीन घरों को बनाया निशाना।
पलामू जिले के विश्रामपुर प्रखंड के तोलरा गांव में बीती रात चोरी की बड़ी घटना सामने आई है। अज्ञात चोरों ने तीन घरों को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवरात की चोरी कर ली। घटना के बाद इलाके में लोगों में आक्रोश है। रेहला थाना और नौगढ़ा ओपी की पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है।
- तोलरा गांव में अज्ञात चोरों ने तीन घरों में चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
- सूर्यकांत तिवारी के घर से 71 हजार रुपये नगद और सोने के जेवरात की चोरी।
- एएसआई अनिल तिवारी के घर से 11 हजार रुपये, जेवरात और साड़ी चोरी।
- चोरों ने मुखिया रोहित तिवारी के घर का ताला तोड़ने की कोशिश, लेकिन असफल रहे।
- घटना की जांच में रेहला थाना और नौगढ़ा ओपी पुलिस जुटी, ग्रामीणों में आक्रोश।
पलामू जिले के विश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत तोलरा गांव में बीती रात चोरी की एक बड़ी घटना सामने आई है। अज्ञात चोरों ने रात के अंधेरे में तीन घरों को निशाना बनाते हुए नगद राशि और जेवरात की चोरी कर ली। घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी की मांग की है।
रात करीब दो बजे हुई चोरी
गृह मालिकों के अनुसार चोरी की यह घटना रात करीब दो बजे के आसपास हुई। चोरों ने गांव के अलग-अलग घरों को निशाना बनाते हुए सुनियोजित तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
सुबह जब लोगों को चोरी की जानकारी मिली तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी।
सूर्यकांत तिवारी के घर से नगद और जेवरात चोरी
जानकारी के अनुसार चोरों ने सबसे पहले सूर्यकांत तिवारी के घर को निशाना बनाया। उनके घर में मजदूरों को भुगतान करने के लिए 71 हजार रुपये नगद रखे गए थे।
चोरों ने यह राशि चोरी कर ली। इसके अलावा घर में रखे सोने की दो चेन, टॉप, पायल और अन्य महंगे जेवरात भी अपने साथ ले गए।
गृहस्वामी के अनुसार चोरों ने घर में रखे सामान को भी अस्त-व्यस्त कर दिया।
एएसआई अनिल तिवारी के घर भी हुई चोरी
चोरों ने इसके बाद गांव के ही एएसआई अनिल तिवारी के घर को निशाना बनाया। यहां से चोरों ने 11 हजार रुपये नगद, सोने के टॉप, बाली, पायल और एक साड़ी की चोरी कर ली।
दो घरों में चोरी की घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई है।
मुखिया के घर भी ताला तोड़ने की कोशिश
चोरों ने तोलरा पंचायत के मुखिया रोहित तिवारी के घर में भी चोरी का प्रयास किया। चोरों ने घर का ताला तोड़ने की कोशिश की, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो सके।
ग्रामीणों का मानना है कि किसी कारणवश चोर वहां से भाग गए, जिससे बड़ी घटना टल गई।
पहले भी हो चुकी हैं कई चोरी की घटनाएं
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि तोलरा गांव में इससे पहले भी कई बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। गांव के दर्जनों घरों में पहले भी चोरियां हुई हैं, लेकिन अब तक किसी भी मामले में चोरों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
इसी कारण लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसी घटनाएं लगातार होती रहेंगी।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलने के बाद रेहला थाना प्रभारी गुलशन बिरुआ और नौगढ़ा ओपी प्रभारी अनिल यादव मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस संदिग्ध लोगों पर नजर बनाए हुए है और सुबह से ही मामले की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने की चोरों की गिरफ्तारी की मांग
घटना के बाद तोलरा गांव के ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि गांव में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस घटना में शामिल चोरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।

न्यूज़ देखो: लगातार चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
तोलरा गांव में लगातार हो रही चोरी की घटनाएं ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। यदि समय रहते ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं होती है तो अपराधियों का मनोबल बढ़ सकता है।
प्रशासन के लिए जरूरी है कि इस घटना की गंभीरता से जांच कर जल्द से जल्द दोषियों को पकड़कर कड़ी कार्रवाई करे, ताकि लोगों का भरोसा कानून व्यवस्था पर बना रहे।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूकता और सतर्कता से ही रोकी जा सकती हैं ऐसी घटनाएं
ग्रामीण क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए सामूहिक सतर्कता बेहद जरूरी है। गांव के लोग मिलकर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
यदि समाज और प्रशासन मिलकर काम करें तो इस प्रकार की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
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