
#सिमडेगा #कंबल_वितरण : कड़ाके की ठंड में विधवा वृद्ध असहाय परिवारों को राहत पहुंचाने की पहल।
सिमडेगा नगर परिषद क्षेत्र के नैगम टोली आजाद बस्ती में शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व झामुमो नगर अध्यक्ष अनस आलम ने किया, जिसमें विधवा, वृद्ध और असहाय गरीब परिवारों को कंबल वितरित किए गए। बढ़ती ठंड के कारण प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से यह पहल की गई। राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर स्थानीय लोगों ने आभार जताया।
- 24 जनवरी 2026 को नैगम टोली आजाद बस्ती में कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित।
- कार्यक्रम का नेतृत्व झामुमो नगर अध्यक्ष अनस आलम ने किया।
- विधवा, वृद्ध, बुजुर्ग और असहाय गरीब परिवारों को कंबल वितरित।
- ठंड से बचाव के लिए राज्य सरकार की सहायता योजना का लाभ पहुंचाया गया।
- स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार के प्रति आभार जताया।
- प्रफुल्लित डुंग डुंग, कामिल कुल्लू और जफरुल अंसारी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित।
सिमडेगा नगर परिषद क्षेत्र के नैगम टोली आजाद बस्ती में शनिवार को ठंड से राहत दिलाने के उद्देश्य से कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन झारखंड मुक्ति मोर्चा नगर इकाई के तत्वावधान में किया गया। कड़ाके की ठंड से सबसे अधिक प्रभावित विधवा, वृद्ध, बुजुर्ग और असहाय गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर कंबल दिए गए। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों की अच्छी खासी मौजूदगी रही और सरकार की पहल को सराहा गया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों को ठंड के मौसम में न्यूनतम राहत उपलब्ध कराना रहा।
कंबल वितरण कार्यक्रम का उद्देश्य
शीतलहर और लगातार गिरते तापमान के कारण गरीब और असहाय वर्ग के लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से विधवा महिलाएं, वृद्ध और मजदूर तबका इस मौसम में अधिक प्रभावित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा नगर इकाई द्वारा कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल के माध्यम से ठंड से बचाव के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा का संदेश भी दिया गया।
अनस आलम का संबोधन
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे झामुमो नगर अध्यक्ष अनस आलम ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अत्यधिक ठंड के कारण विधवा, वृद्ध और बुजुर्ग असहाय लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा:
अनस आलम ने कहा: “कड़ाके की ठंड में गरीब, विधवा और बुजुर्गों की तकलीफ बढ़ जाती है, ऐसे में सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए कंबल उनके लिए बड़ी राहत हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार गरीब, मजदूर, विधवा और असहाय वर्ग के लोगों के साथ खड़ी है। सरकार और प्रशासन मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सभी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे।
राज्य सरकार की योजनाओं का प्रभाव
कार्यक्रम के दौरान यह बात प्रमुखता से सामने आई कि राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाएं अब जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से दिखाई देने लगी हैं। अनस आलम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी जरूरतमंद सहायता से वंचित न रहे। कंबल वितरण इसी प्रयास का हिस्सा है, जिससे ठंड के मौसम में लोगों को राहत मिल सके।
लाभार्थियों की प्रतिक्रिया
कंबल प्राप्त करने वाले स्थानीय लोगों ने राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की। लोगों ने कहा कि जब से झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार बनी है, तब से गरीब और जरूरतमंदों को हर संभव सहायता मिल रही है। कई लाभार्थियों ने खुले तौर पर सरकार के प्रति धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। उनके अनुसार, इस तरह की सहायता ठंड के दिनों में उनके लिए बहुत बड़ा सहारा साबित होती है।
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख लोग
इस अवसर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मुख्य रूप से केंद्रीय समिति के सदस्य प्रफुल्लित डुंग डुंग, नगर कमेटी के कोषाध्यक्ष कामिल कुल्लू, नगर संगठन सचिव जफरुल अंसारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर इस सामाजिक कार्य को सफल बनाने में योगदान दिया।
सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल
कंबल वितरण कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि राजनीतिक संगठनों के माध्यम से भी समाज के कमजोर वर्गों तक राहत पहुंचाई जा सकती है। ठंड के मौसम में इस तरह की पहल न केवल शारीरिक राहत देती है, बल्कि लोगों के मन में सुरक्षा और विश्वास की भावना भी पैदा करती है। यह कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का एक उदाहरण बनकर सामने आया।
न्यूज़ देखो: ठंड में राहत और भरोसे की राजनीति
यह खबर बताती है कि सिमडेगा जैसे क्षेत्रों में सरकार की योजनाएं और राजनीतिक संगठनों की सक्रियता जमीनी स्तर पर असर दिखा रही है। कंबल वितरण जैसे कार्यक्रम यह दर्शाते हैं कि प्रशासन और संगठन मिलकर जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, यह भी आवश्यक है कि ऐसी सहायता नियमित और व्यापक स्तर पर जारी रहे। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अन्य बस्तियों तक भी इसी तरह की राहत पहुंचाई जाती है या नहीं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सामाजिक संवेदना से मजबूत होता समाज
कड़ाके की ठंड में एक कंबल किसी के लिए सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक बन जाता है। जब समाज और सरकार मिलकर जरूरतमंदों का हाथ थामते हैं, तब भरोसा और उम्मीद दोनों मजबूत होती हैं। ऐसे प्रयास यह सिखाते हैं कि मानवीय संवेदना ही किसी भी व्यवस्था की असली ताकत होती है।







