#खलारी #मजदूर_दिवस : एटक यूनियन ने झंडोत्तोलन कर श्रमिकों को किया सम्मानित।
रांची के खलारी स्थित डकरा क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर यूनाइटेड कोल वर्कर यूनियन (एटक) द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान झंडोत्तोलन, शहीदों को श्रद्धांजलि और मिठाई वितरण किया गया। कार्यक्रम में श्रमिक अधिकारों और वर्तमान चुनौतियों पर चर्चा हुई। ठेका मजदूरों की स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए आंदोलन की जरूरत पर बल दिया गया।
- डकरा क्षेत्रीय कार्यालय में मजदूर दिवस पर कार्यक्रम आयोजित।
- रमेश चौहान और जितेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से किया झंडोत्तोलन।
- शहीद बेदी पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि।
- मजदूरों के बीच मिठाई वितरण कर जताई एकजुटता।
- ठेका मजदूरों की स्थिति पर चिंता और आंदोलन की जरूरत पर जोर।
खलारी प्रखंड के डकरा क्षेत्रीय कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर यूनाइटेड कोल वर्कर यूनियन (एटक) द्वारा विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रमिकों और यूनियन से जुड़े पदाधिकारियों ने भाग लिया और मजदूर दिवस के महत्व को याद किया।
कार्यक्रम की शुरुआत झंडोत्तोलन के साथ हुई, जिसे क्षेत्रीय असंगठित सचिव रमेश चौहान (विधायक प्रतिनिधि) और यूनियन अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से संपन्न किया। इसके बाद शहीद बेदी पर पुष्प अर्पित कर श्रमिक आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने श्रमिक आंदोलन के इतिहास को याद करते हुए उन शहीदों को नमन किया, जिन्होंने मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। शहीद बेदी पर पुष्प अर्पित कर उनके बलिदान को स्मरण किया गया।
इसके बाद मजदूरों के बीच मिठाई वितरण किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल सौहार्दपूर्ण और उत्साहपूर्ण बना रहा।
1886 के आंदोलन की याद
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने वर्ष 1886 के ऐतिहासिक मजदूर आंदोलन की चर्चा करते हुए उसके महत्व को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन मजदूरों के अधिकारों और सम्मानजनक जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव था।
वक्ताओं ने कहा: “मजदूरों के संघर्ष और एकजुटता ने ही उन्हें 8 घंटे काम, 8 घंटे आराम और 8 घंटे मनोरंजन का अधिकार दिलाया।”
ठेका मजदूरों की स्थिति पर चिंता
कार्यक्रम में वर्तमान समय में मजदूरों, विशेषकर ठेका मजदूरों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि जो मजदूर अपने श्रम से कोयला उत्पादन में अहम योगदान दे रहे हैं, उन्हें आज भी कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है।
क्षेत्रीय अध्यक्ष कृष्णा चौहान ने कहा: “मजदूरों को उनका हक दिलाने के लिए हमें संगठित होकर मजबूत आंदोलन करना होगा।”
क्षेत्रीय सचिव प्रेम कुमार ने कहा: “ठेका मजदूरों को उचित वेतन और सुविधाएं नहीं मिलना बेहद चिंताजनक है, इसे बदलने की जरूरत है।”
मजदूर एकता पर दिया गया जोर
कार्यक्रम में सभी वक्ताओं ने मजदूरों की एकता और संगठन की मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में दिनेश भर, अशोक राम, शिव प्रसाद मुखिया, ललू कुमार, मनोज कुमार (चूरी), मनोज कुमार (डकरा), धीरेंद्र कुमार सुधांशु, भीष्म कुमार, सूरज शर्मा, संतोष प्रजापति, टेक लाल महतो, सत्या चौहान, गोवर्धन शर्मा, बसंत ठाकुर, प्रकाश कुमार महतो, क्यामुद्दीन अंसारी, नितेश वर्मा, धोनी कुमार चौहान, रोशन ठाकुर सहित कई लोग उपस्थित रहे।
सामूहिक भागीदारी से कार्यक्रम सफल
इस आयोजन में श्रमिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मजदूर अपने अधिकारों और एकता के प्रति जागरूक हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल मजदूर दिवस मनाना था, बल्कि श्रमिकों के बीच जागरूकता फैलाना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति सचेत करना भी था।
न्यूज़ देखो: श्रमिकों की आवाज और संघर्ष की कहानी
डकरा में आयोजित यह कार्यक्रम दर्शाता है कि मजदूर वर्ग आज भी अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत है। ठेका मजदूरों की स्थिति पर उठे सवाल प्रशासन और कंपनियों के लिए गंभीर चेतावनी हैं। यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो यह असंतोष बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
एकजुटता से ही मिलेगा अधिकार
मजदूर समाज की रीढ़ हैं, जिनके श्रम से विकास की नींव मजबूत होती है।
उनके अधिकारों की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
संगठित होकर ही हर चुनौती का सामना किया जा सकता है।
आज जरूरत है जागरूकता और एकता की, ताकि हर मजदूर को उसका हक मिल सके।
आइए, श्रमिकों के सम्मान और अधिकार के लिए आवाज उठाएं।
अपनी राय कमेंट करें, इस खबर को शेयर करें और मजदूरों के हक की लड़ाई को मजबूत बनाएं।

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