
#ऊंटारीरोड #मकरसंक्रांतिसुरक्षा : थाना प्रभारी संतोष गिरी ने दी शुभकामनाएं और जारी किए अहम सुरक्षा निर्देश।
पलामू जिले के ऊंटारी रोड में मकरसंक्रांति पर्व को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क है। थाना प्रभारी संतोष गिरी ने क्षेत्रवासियों को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए सुरक्षा से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पतंगबाजी के दौरान होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकना इन निर्देशों का मुख्य उद्देश्य है। पुलिस ने अभिभावकों, युवाओं और राहगीरों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
- थाना प्रभारी संतोष गिरी ने दी मकरसंक्रांति की शुभकामनाएं।
- पतंगबाजी के दौरान चाइनीज धागे पर पूर्ण प्रतिबंध की अपील।
- बच्चों को खुली छत पर पतंग न उड़ाने की सलाह।
- खुले मैदान को बताया सबसे सुरक्षित विकल्प।
- सड़क पर चलने वाले राहगीरों और दोपहिया चालकों को सतर्क रहने की चेतावनी।
मकरसंक्रांति का पर्व पूरे झारखंड सहित पलामू जिले में श्रद्धा, उल्लास और परंपरा के साथ मनाया जाता है। तिल-गुड़, दान-पुण्य और पतंगबाजी इस पर्व की पहचान है। इसी को देखते हुए ऊंटारी रोड थाना क्षेत्र में पुलिस प्रशासन ने पर्व को सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए विशेष अपील जारी की है। थाना प्रभारी संतोष गिरी ने स्पष्ट कहा कि खुशियां तभी सार्थक होंगी, जब पर्व के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो।
थाना प्रभारी का संदेश
ऊंटारी रोड थाना प्रभारी संतोष गिरी ने क्षेत्रवासियों को मकरसंक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सामाजिक सौहार्द और खुशियों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान अक्सर पतंगबाजी से जुड़ी दुर्घटनाओं की शिकायतें सामने आती हैं, जिनसे बचाव बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा:
संतोष गिरी ने कहा: “मकरसंक्रांति खुशी का पर्व है, इसे सुरक्षित तरीके से मनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।”
बच्चों की सुरक्षा को लेकर खास अपील
थाना प्रभारी ने विशेष रूप से अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि बच्चों को खुली छतों पर पतंग उड़ाने से रोकें, क्योंकि ऊंचाई से गिरने का खतरा बना रहता है। कई बार छतों पर सुरक्षा रेलिंग नहीं होती, जिससे जान का जोखिम बढ़ जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को अकेले पतंग उड़ाने न भेजें और उन्हें सुरक्षित स्थानों का चयन करने के लिए प्रेरित करें।
चाइनीज धागा बना सबसे बड़ा खतरा
संतोष गिरी ने पतंगबाजी में चाइनीज धागे के इस्तेमाल को बेहद खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि यह धागा न केवल अवैध है, बल्कि इससे गर्दन, हाथ और पैर कटने जैसी गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं। कई मामलों में यह जानलेवा भी साबित हुआ है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चाइनीज धागे का उपयोग किसी भी परिस्थिति में न करें। यदि कोई व्यक्ति इसका इस्तेमाल करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
खुले मैदान को बताया सुरक्षित विकल्प
थाना प्रभारी ने सलाह दी कि यदि पतंग उड़ानी ही है, तो खुले मैदानों का चयन करें। इससे न तो बिजली के तारों का खतरा रहेगा और न ही छत से गिरने जैसी घटनाएं होंगी। खुले मैदान में बच्चों और युवाओं के लिए पर्याप्त जगह होती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना काफी कम हो जाती है।
राहगीरों और वाहन चालकों के लिए चेतावनी
मकरसंक्रांति के दौरान पतंगबाजी का असर सड़क पर चलने वालों पर भी पड़ता है। संतोष गिरी ने कहा कि पांव-पैदल चलने वाले, साइकिल और मोटरसाइकिल सवार विशेष सावधानी बरतें। कई बार पतंग की डोर सड़क तक आ जाती है, जिससे गले में फंसने या गिरने का खतरा रहता है।
उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे हेलमेट जरूर पहनें और वाहन की गति नियंत्रित रखें।
पुलिस की तैयारी और निगरानी
ऊंटारी रोड थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा पर्व के दौरान निगरानी बढ़ाई जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस गश्त तेज की जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य लोगों को डराना नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं भी चाइनीज धागे की बिक्री या उपयोग की सूचना मिले, तो तुरंत पुलिस को जानकारी दें।
सामाजिक जिम्मेदारी की अपील
संतोष गिरी ने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करें। पर्व को सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि मकरसंक्रांति जैसे पर्व सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं, लेकिन सुरक्षा के बिना उत्सव अधूरा है।
न्यूज़ देखो: पर्व की खुशी, सुरक्षा के साथ जरूरी
यह खबर बताती है कि पर्व और सुरक्षा एक-दूसरे के पूरक हैं। पुलिस की अपील यह याद दिलाती है कि छोटी-सी सावधानी बड़े हादसों को रोक सकती है। अब देखना यह है कि लोग इन निर्देशों को कितना गंभीरता से अपनाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित पर्व, खुशहाल समाज की ओर कदम
मकरसंक्रांति की असली खुशी तभी है, जब हर परिवार सुरक्षित रहे।
बच्चों, युवाओं और राहगीरों की सुरक्षा हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।
इन निर्देशों को अपनाएं, दूसरों को भी जागरूक करें।
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