आम्रपाली क्षेत्र में घटिया निर्माण पर भड़के ग्रामीण, संकर एंड कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की उठी मांग

आम्रपाली क्षेत्र में घटिया निर्माण पर भड़के ग्रामीण, संकर एंड कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की उठी मांग

author Binod Kumar
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#चतरा #घटिया_निर्माण : सुरक्षा जवानों के आवास निर्माण में निम्न गुणवत्ता सामग्री उपयोग का आरोप।

चतरा जिले के टंडवा स्थित आम्रपाली क्षेत्र में सुरक्षा जवानों के लिए बनाए जा रहे आवास निर्माण कार्य में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य कर रही संकर एंड कंपनी पर घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि मानक विहीन ईंट, कमजोर बालू और निम्न गुणवत्ता सामग्री से भवन निर्माण किया जा रहा है, जिससे सुरक्षा और गुणवत्ता दोनों पर सवाल उठ रहे हैं। मामले को लेकर कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने और सिक्योरिटी राशि जब्त करने की मांग तेज हो गई है।

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  • टंडवा के आम्रपाली क्षेत्र में सुरक्षा जवानों के आवास निर्माण में अनियमितता का आरोप लगा।
  • ग्रामीणों ने संकर एंड कंपनी पर घटिया निर्माण सामग्री उपयोग करने का आरोप लगाया।
  • निर्माण कार्य में मानक विहीन ईंट और कमजोर बालू इस्तेमाल होने की शिकायत सामने आई।
  • ग्रामीणों ने भवनों की मजबूती पर सवाल उठाते हुए दुर्घटना की आशंका जताई।
  • जिला परिषद सदस्य देवंती देवी ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की।
  • सिक्योरिटी राशि जब्त कर जांच कराने की मांग को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ी।

चतरा जिले के टंडवा प्रखंड अंतर्गत आम्रपाली क्षेत्र में सुरक्षा जवानों के लिए बनाए जा रहे आवास निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हो रहे इन भवनों में कथित रूप से घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग का आरोप लगने के बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में सरकारी मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे भवनों की गुणवत्ता और मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य कर रही संकर एंड कंपनी द्वारा निम्न गुणवत्ता वाली ईंट, कमजोर बालू और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि यदि इसी तरह निर्माण कार्य जारी रहा तो भविष्य में भवनों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है और किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन आवासों का निर्माण सुरक्षा जवानों के लिए किया जा रहा है, उनमें गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण स्थल पर उपयोग हो रही ईंटें मानक के अनुरूप नहीं हैं और बालू की गुणवत्ता भी बेहद खराब है।

लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की परियोजना होने के बावजूद निर्माण कार्य में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। कई ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते इस मामले की जांच नहीं कराई गई तो सरकारी धन की बर्बादी के साथ-साथ भविष्य में सुरक्षा संबंधी गंभीर खतरे भी पैदा हो सकते हैं।

ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश

घटिया निर्माण सामग्री के आरोपों के बाद ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों ने कहा कि सुरक्षा जवानों के लिए बनाए जा रहे आवासों में यदि गुणवत्ता से समझौता होगा तो यह बेहद गंभीर मामला है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी परियोजनाओं में अक्सर गुणवत्ता की अनदेखी की शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन इस मामले में जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कठोर कार्रवाई जरूरी है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन भी किया जा सकता है।

जिला परिषद सदस्य ने उठाई कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों की शिकायतों के बाद टंडवा उत्तरी जिला परिषद सदस्य देवंती देवी ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में यदि मानकों का उल्लंघन हुआ है तो संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।

जिला परिषद सदस्य देवंती देवी ने कहा: “घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। दोषी कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर उसकी सिक्योरिटी राशि जब्त की जानी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि सुरक्षा जवानों के लिए बनाए जा रहे आवासों में गुणवत्ता से समझौता सीधे सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। ऐसे मामलों में प्रशासन को पूरी गंभीरता के साथ हस्तक्षेप करना चाहिए।

जांच की मांग हुई तेज

मामले को लेकर अब स्थानीय स्तर पर जांच की मांग तेज हो गई है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की है ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में अनियमितता साबित होती है तो दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की कि निर्माण कार्य की निगरानी के लिए स्वतंत्र टीम गठित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की शिकायतें दोबारा सामने न आएं।

सुरक्षा और सरकारी धन दोनों पर चिंता

ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला केवल निर्माण गुणवत्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका भी जुड़ी हुई है। लोगों ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि निम्न गुणवत्ता की सामग्री उपयोग की जा रही है, तो यह गंभीर लापरवाही है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य में उपयोग हो रही सामग्री की जांच कराई जाए और गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। लोगों ने कहा कि सुरक्षा जवानों के लिए बनने वाले भवन मजबूत और सुरक्षित होने चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का खतरा उत्पन्न न हो।

न्यूज़ देखो: सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता क्यों?

आम्रपाली क्षेत्र में सामने आया यह मामला सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। सुरक्षा जवानों के लिए बनाए जा रहे आवासों में यदि घटिया सामग्री उपयोग होने के आरोप सही हैं, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि गंभीर जवाबदेही का विषय है। सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। अब देखना होगा कि जांच और कार्रवाई के स्तर पर प्रशासन कितना गंभीर कदम उठाता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक नागरिक ही भ्रष्टाचार और लापरवाही पर रोक लगा सकते हैं

सरकारी योजनाओं का लाभ तभी सार्थक है जब निर्माण कार्य गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पूरे हों।
जनता की सतर्कता ही अनियमितताओं को उजागर करने की सबसे बड़ी ताकत है।
सुरक्षा और विकास से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही समाज के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
आवाज उठाना और जवाबदेही तय करना हर नागरिक का अधिकार भी है और जिम्मेदारी भी।

आप भी अपने क्षेत्र की समस्याओं और अनियमितताओं पर सजग रहें।
खबर को ज्यादा से ज्यादा साझा करें और अपनी राय कमेंट में जरूर दें।

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Written by

लावालोंग, चतरा

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