#लावालौंग #बालू_तस्करी : अमानत नदी से अवैध खनन—ग्रामीणों और चालकों के बीच नोकझोंक।
चतरा के लावालौंग में अवैध बालू खनन को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। कल्याणपुर चौक पर ट्रैक्टरों को रोककर नाराजगी जताई गई। अमानत नदी से बालू तस्करी का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
- अमानत नदी से अवैध बालू उठाव का आरोप।
- ग्रामीणों ने कल्याणपुर चौक पर ट्रैक्टर रोके।
- ट्रैक्टर चालकों और ग्रामीणों में नोकझोंक हुई।
- बालू माफिया पर धमकी देने का आरोप।
- प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग।
चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मंगलवार की शाम इस मुद्दे पर कल्याणपुर चौक पर ग्रामीणों और ट्रैक्टर चालकों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अमानत नदी से बड़े पैमाने पर अवैध रूप से बालू उठाकर विभिन्न स्थानों पर भेजा जा रहा है।
ट्रैक्टरों को रोककर जताया विरोध
जानकारी के अनुसार, हेडुम और कल्याणपुर के रास्ते चतरा की ओर बालू ले जा रहे ट्रैक्टरों को ग्रामीणों ने रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस होती रही।
एक ग्रामीण ने कहा: “हमारे सामने ही नदी से बालू लूटा जा रहा है, यह बर्दाश्त नहीं होगा।”
बालू माफिया पर आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ ही देर में बालू माफिया और ट्रैक्टर मालिक मौके पर पहुंच गए और धमकी भरे अंदाज में बात करते हुए ट्रैक्टरों को वहां से लेकर चले गए।
रात में भी जारी रहता है खनन
स्थानीय लोगों ने बताया कि रात के समय एक-दो बजे तक सैकड़ों ट्रैक्टरों से बालू का अवैध उठाव किया जाता है।
एक ग्रामीण ने कहा: “रातभर ट्रैक्टर चलते हैं और बालू बाहर भेजा जाता है।”
सड़क और पर्यावरण को नुकसान
ग्रामीणों के अनुसार, लगातार भारी वाहनों के चलने से गांव की सड़कें खराब हो गई हैं और चलने लायक नहीं बची हैं।
प्राकृतिक संसाधनों की लूट का आरोप
ग्रामीणों ने कहा कि जल, जमीन, जंगल, नदी और पहाड़ स्थानीय लोगों के उपयोग के लिए हैं, न कि तस्करी के लिए।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब कार्रवाई कर अवैध बालू खनन पर रोक लगाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने कहा: “अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।”
उग्र आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस पर सख्त कदम नहीं उठाया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
बढ़ता तनाव
इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और लोग प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।
न्यूज़ देखो: संसाधनों की रक्षा जरूरी
लावालौंग की यह घटना दिखाती है कि प्राकृतिक संसाधनों का अवैध दोहन कितना बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। अब प्रशासन के लिए जरूरी है कि वह इस पर सख्त कार्रवाई करे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
पर्यावरण बचाएं, भविष्य सुरक्षित करें
प्राकृतिक संसाधन हमारी धरोहर हैं।
जरूरी है कि हम इनके संरक्षण के लिए आवाज उठाएं।
अवैध खनन से पर्यावरण को नुकसान होता है।
आइए, हम सभी मिलकर प्रकृति की रक्षा करें।
अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को शेयर करें और जागरूकता फैलाएं।

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