
#बिश्रामपुर #शोक_समाचार : वार्ड 14 कविलाशी में रेलवे से सेवानिवृत्त कर्मी के निधन पर लोगों ने जताया शोक।
पलामू जिले के बिश्रामपुर नगर परिषद अंतर्गत वार्ड संख्या 14 कविलाशी निवासी सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी झरी राम का निधन हो गया। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है और बड़ी संख्या में लोग शोक संवेदना व्यक्त करने उनके आवास पहुंचे। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। यह निधन स्थानीय समाज के लिए अपूरणीय क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
- वार्ड 14 कविलाशी, बिश्रामपुर में सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी का निधन।
- झरी राम रेलवे सेवा से सेवानिवृत्त होकर शांत जीवन व्यतीत कर रहे थे।
- शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि।
- गीता देवी और संजय बैठा ने परिवार से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया।
- क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल।
पलामू जिले के बिश्रामपुर नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 14 कविलाशी में उस समय शोक का वातावरण छा गया, जब क्षेत्र के सम्मानित नागरिक और सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी झरी राम के निधन की सूचना मिली। उनके निधन की खबर मिलते ही मोहल्ले और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई। झरी राम अपने सरल स्वभाव और अनुशासित जीवन के लिए जाने जाते थे, जिसके कारण समाज में उन्हें विशेष सम्मान प्राप्त था।
रेलवे सेवा के बाद भी सामाजिक जुड़ाव
मृतक झरी राम रेलवे विभाग में लंबे समय तक सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के पश्चात भी वे सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे और अपने अनुभवों से लोगों का मार्गदर्शन करते रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनका जीवन अनुशासन, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण था। उनके निधन को क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।
शोक व्यक्त करने पहुंचे जनप्रतिनिधि
निधन की सूचना मिलने पर भावी नगर परिषद अध्यक्ष प्रत्याशी गीता देवी तथा उनके पति संजय बैठा बिश्रामपुर स्थित मृतक के आवास पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और इस दुख की घड़ी में परिवार को संबल प्रदान किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि झरी राम जैसे कर्मठ और ईमानदार व्यक्ति का जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
स्थानीय लोगों की उमड़ी भीड़
झरी राम के निधन पर पड़ोसियों, रिश्तेदारों और परिचितों की बड़ी संख्या उनके आवास पर एकत्र हुई। सभी ने उनके सरल व्यवहार और सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। क्षेत्र के लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
परिवार के प्रति संवेदना
शोक की इस घड़ी में परिवारजनों को सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा। समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने एक स्वर में कहा कि झरी राम का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
न्यूज़ देखो: समाज की अनुभवी पीढ़ी का एक स्तंभ गिरा
झरी राम का निधन केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि समाज की अनुभवी और मार्गदर्शक पीढ़ी का नुकसान है। सेवानिवृत्त कर्मियों का जीवन समाज को दिशा देता है और उनके अनुभव अमूल्य होते हैं। ऐसे समय में समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़ा रहे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संवेदना से ही मजबूत होता है समाज
दुख की घड़ी में एक-दूसरे का साथ देना ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है। झरी राम के निधन से उपजा यह शोक हमें मानवीय संवेदनाओं को और मजबूत करने की सीख देता है। आप भी दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करें और परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करें। इस खबर को साझा करें ताकि समाज में सहयोग और सहानुभूति का संदेश पहुंचे।





