#सिमडेगा #हाथी_आतंक : ग्रामीणों को टॉर्च और अन्य साधन देकर सतर्क रहने की अपील
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड अंतर्गत बडकाडुईल गांव में जंगली हाथियों के आतंक से ग्रामीण परेशान हैं। हाथियों द्वारा खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के बीच बचाव सामग्री वितरित की और सतर्कता बरतने की सलाह दी।
- बडकाडुईल गांव में जंगली हाथियों का लगातार उत्पात।
- खेतों में लगी गर्मा धान और सब्जियां रौंदकर नष्ट।
- दर्जन भर किसानों की फसल को भारी नुकसान।
- वन विभाग ने टॉर्च, मोबिल और जूट बोरा का किया वितरण।
- ग्रामीणों को सतर्क रहने और समूह बनाकर निगरानी की सलाह।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड स्थित बडकाडुईल गांव में इन दिनों जंगली हाथियों का आतंक बढ़ गया है। पिछले कई दिनों से दो जंगली हाथी गांव के समीप जंगल में डेरा डाले हुए हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार, जैसे ही शाम होती है, हाथी गांव की ओर रुख कर लेते हैं और खेतों में लगी गर्मा धान समेत अन्य फसलों को खाने के साथ-साथ रौंदकर नष्ट कर देते हैं। किसानों ने खून-पसीने से मेहनत कर जो फसल तैयार की थी, वह देखते ही देखते बर्बाद हो रही है।
फसलों को भारी नुकसान
हाथियों के झुंड ने अब तक दर्जन भर किसानों के खेतों में लगी धान और सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचाया है। इससे ग्रामीणों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है और वे आर्थिक संकट की चिंता में डूबे हुए हैं।
वन विभाग की टीम पहुंची गांव
मामले की जानकारी मिलने पर जिला परिषद सदस्य बिरजो कंडुलना ने वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर तत्काल कार्रवाई की मांग की। इसके बाद वन विभाग की टीम गांव पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
टीम द्वारा ग्रामीणों के बीच टॉर्च, मोबिल (तेल) और जूट बोरा जैसी बचाव सामग्री का वितरण किया गया, ताकि हाथियों को गांव से दूर रखने में मदद मिल सके।
ग्रामीणों को दी गई जरूरी सलाह
झामुमो केंद्रीय सदस्य व जिला परिषद सदस्य बिरजो कंडुलना ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि वे जंगली हाथियों से दूरी बनाए रखें और समूह बनाकर सतर्कता के साथ उन्हें गांव से दूर भगाने का प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि गांव में अलाव (आग) जलाकर और सामूहिक निगरानी से हाथियों के हमले को रोका जा सकता है। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही अन्य टोला के ग्रामीणों को भी बचाव सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
वन विभाग की चेतावनी
प्रभारी वनपाल सुरेश टेटे ने ग्रामीणों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि रात के समय अकेले बाहर न निकलें। यदि किसी प्रकार की घटना होती है, तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
इस दौरान वन विभाग के मनीष डुंगडुंग, उदय प्रताप सिंह और बिल्तुस लुगुन ने भी ग्रामीणों को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों में दहशत, प्रशासन से उम्मीद
मौके पर सुधर डांग, इमतन बागे, आसियान बागे, सोमा डांग, जनकु सिंह सहित बडकाडुईल खास, पहान टोली और विंगओडा के ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने प्रशासन से हाथियों को जल्द जंगल की ओर खदेड़ने की मांग की।

न्यूज़ देखो: मानव-वन्यजीव संघर्ष बना चुनौती
बानो क्षेत्र में जंगली हाथियों का बढ़ता हस्तक्षेप मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को दर्शाता है। फसलों का नुकसान केवल आर्थिक नहीं, बल्कि ग्रामीणों के जीवन पर सीधा प्रभाव डालता है। प्रशासन और वन विभाग को दीर्घकालिक समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
सतर्कता ही सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय
ऐसी परिस्थितियों में घबराने की बजाय समझदारी और सतर्कता जरूरी है।
समूह में रहकर और प्रशासन के निर्देशों का पालन कर ही खतरे को टाला जा सकता है।
वन्यजीवों के साथ संतुलन बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
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