#बरसलोया #महिला_सम्मेलन : महिलाओं ने अधिकार और भागीदारी को लेकर एकजुटता दिखाई।
सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड अंतर्गत बरसलोया पंचायत में जन आक्रोश महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया। महिला मोर्चा के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। सम्मेलन में महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा और सामाजिक भागीदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इस आयोजन ने क्षेत्र में महिला जागरूकता और संगठन को नई दिशा देने का संकेत दिया।
- बरसलोया पंचायत में ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ का आयोजन।
- सुषमा मिश्रा की अध्यक्षता में कार्यक्रम सम्पन्न।
- 33% आरक्षण, सुरक्षा और सम्मान जैसे मुद्दों पर चर्चा।
- महिलाओं ने अधिकारों के लिए एकजुट संघर्ष का लिया संकल्प।
- रोहित साहू, सुमति देवी, कलावती देवी, आशा देवी, रीता देवी सहित कई मौजूद।
सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड अंतर्गत बरसलोया पंचायत में महिला मोर्चा द्वारा ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर अपने अधिकारों और सम्मान के लिए आवाज उठाई। यह सम्मेलन महिलाओं के बीच जागरूकता फैलाने और उन्हें संगठित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
महिलाओं की भागीदारी से गूंजा सम्मेलन स्थल
कार्यक्रम में दूर-दराज के गांवों से आई महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सम्मेलन स्थल पर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और उत्साह देखने लायक था। महिलाओं ने अपने हक, सुरक्षा और सम्मान के मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी और एकजुटता का परिचय दिया।
अध्यक्ष सुषमा मिश्रा ने दिया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सुषमा मिश्रा ने की। उन्होंने अपने संबोधन में महिलाओं को जागरूक और संगठित होने का आह्वान किया।
सुषमा मिश्रा ने कहा: “यह सम्मेलन महिलाओं की आवाज को मजबूत करने और उनके हक की लड़ाई को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। अब समय आ गया है कि महिलाएं अपने अधिकारों के लिए खुद आगे आएं और हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।”
महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई चर्चा
सम्मेलन में 33% आरक्षण, महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक भागीदारी जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जब तक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक समाज और देश का समुचित विकास संभव नहीं है।
संघर्ष और जागरूकता का लिया संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि गांव-गांव जाकर महिलाओं को जागरूक किया जाएगा और उन्हें संगठन से जोड़ा जाएगा।
एक महिला प्रतिभागी ने कहा: “हम सभी महिलाएं अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और जरूरत पड़ने पर एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगी।”
भविष्य की रणनीति पर भी हुआ विचार
सम्मेलन में आने वाले समय में बड़े स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक शुरुआत है, जिसे आगे और मजबूत किया जाएगा।
प्रमुख लोगों की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में कोलेबिरा मंडल महामंत्री रोहित साहू सहित सुमति देवी, कलावती देवी, आशा देवी, रीता देवी, कांता देवी, गीता देवी, संतोषी देवी, ललिता देवी, चंद्रवती देवी, संजय मिश्रा, अंब्रावती देवी, काजल कुमारी, कांति देवी एवं किरण देवी समेत बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता और स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं।
महिलाओं की एकजुटता से बदलेगा समाज
इस सम्मेलन ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब महिलाएं अपने अधिकारों को लेकर पहले से ज्यादा सजग और सक्रिय हो रही हैं। उनकी एकजुटता समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
न्यूज़ देखो: महिला सशक्तिकरण की ओर बढ़ता मजबूत कदम
बरसलोया पंचायत में आयोजित यह सम्मेलन दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो रही हैं और संगठित होकर आवाज उठा रही हैं। यह पहल न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देगी बल्कि समाज में समानता और न्याय की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी। अब देखने वाली बात यह होगी कि यह जागरूकता आगे किस तरह ठोस बदलाव में परिवर्तित होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक बनें और महिलाओं के अधिकारों के लिए साथ आएं
समाज में बदलाव तभी संभव है जब हर व्यक्ति जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारी निभाए। महिलाओं के अधिकार केवल उनका मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे समाज का प्रश्न है।

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