News dekho specials
Giridih

गिरिडीह में 24 घंटे पेयजल की संभावनाएं, सीसीएल क्षेत्र के चाणक बन सकते हैं समाधान

#गिरिडीह #पेयजल_समस्या : प्राकृतिक जलस्रोतों को विकसित कर नगर और मुफ्फसिल क्षेत्र में 24 घंटे पानी उपलब्ध।

गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र और मुफ्फसिल इलाकों में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति की संभावना पर भाकपा माले नेता राजेश सिन्हा ने दावा किया है। उन्होंने कहा कि सीसीएल क्षेत्र में कई प्राकृतिक जलस्रोत (चाणक) मौजूद हैं, जिनसे पर्याप्त पानी प्राप्त किया जा सकता है। यदि इन स्रोतों का आधुनिक फिल्टरेशन सिस्टम के माध्यम से उपयोग किया जाए, तो लाखों घरों तक निरंतर पानी पहुंचाना संभव है। यह पहल नगर निगम और प्रशासन के लिए स्थायी समाधान प्रदान कर सकती है।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • भाकपा माले नेता राजेश सिन्हा ने 24 घंटे पेयजल आपूर्ति की संभावना जताई।
  • गिरिडीह सीसीएल क्षेत्र में कई प्राकृतिक जलस्रोत (चाणक) मौजूद हैं।
  • फिल्टरेशन प्लांट के माध्यम से पानी शुद्ध कर नगर और मुफ्फसिल क्षेत्र में सप्लाई किया जा सकता है।
  • नगर निगम पर पेयजल संकट के समाधान में सुस्ती का आरोप लगाया गया।
  • भाकपा माले नगर विकास मंत्री को पुनः आवेदन देने की तैयारी कर रही है।

गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है। कई इलाकों में सुबह-शाम भी पानी उपलब्ध नहीं होता। इस समस्या का स्थायी समाधान प्राकृतिक जलस्रोतों (चाणक) का दोबारा विकास और फिल्टरेशन प्लांट के माध्यम से किया जा सकता है। भाकपा माले नेता राजेश सिन्हा ने शुक्रवार को सीसीएल क्षेत्र के चाणकों का निरीक्षण कर यह दावा किया कि इन जलस्रोतों में अभी भी पर्याप्त पानी उपलब्ध है।

प्राकृतिक जलस्रोतों का निरीक्षण

राजेश सिन्हा ने बताया कि अंग्रेजी शासन के समय इन चाणकों का उपयोग कोयला खनन और जल निकासी के लिए किया जाता था। वर्तमान में रख-रखाव की कमी के कारण इनकी स्थिति कमजोर हो गई है, फिर भी स्थानीय लोग इन्हें पीने के लिए उपयोग कर रहे हैं।

राजेश सिन्हा ने कहा: “नगर निगम केवल खंडोली जलाशय पर निर्भर है। सीसीएल क्षेत्र के चाणकों को पुनर्जीवित कर और आधुनिक फिल्टरेशन सिस्टम लगाने से पूरे गिरिडीह में 24 घंटे पानी उपलब्ध कराया जा सकता है।”

नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल

भाकपा माले ने बताया कि लगभग एक वर्ष पहले नगर निगम को लिखित आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। गिरिडीह नगर निगम के 36 वार्डों में कई इलाकों में पानी की कमी बनी हुई है। वार्ड पार्षदों द्वारा बार-बार आवाज उठाने के बावजूद सुधार नहीं हुआ।

राजेश सिन्हा ने कहा: “नगर निगम को सिर्फ खंडोली जलाशय पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। प्राकृतिक स्रोतों को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करना जरूरी है।”

समाधान के सुझाव

भाकपा माले का प्रस्ताव है कि सीसीएल क्षेत्र के चाणकों को पुनर्जीवित किया जाए और आधुनिक फिल्टरेशन प्लांट स्थापित किया जाए। इससे नगर निगम और मुफ्फसिल क्षेत्र में स्थायी पेयजल समाधान मिल सकेगा। आगामी दिन में भाकपा माले इस मुद्दे पर नगर विकास मंत्री को पुनः आवेदन देने वाली है।

न्यूज़ देखो: गिरिडीह में स्थायी पेयजल समाधान की दिशा

यह खबर स्पष्ट करती है कि गिरिडीह में पेयजल संकट को केवल जलाशयों पर निर्भर रहकर हल नहीं किया जा सकता। प्राकृतिक स्रोतों को विकसित कर शहर और आसपास के इलाकों में 24 घंटे पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। प्रशासन और नगर निगम की जिम्मेदारी है कि वे योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करें। नागरिक भी इस मुद्दे पर सजग रहें और समाधान के लिए आवाज उठाएं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

News dekho specials
सक्रिय नागरिक बनें और पानी बचाने में सहयोग दें

गिरिडीह के प्रत्येक नागरिक को इस मुद्दे में भागीदारी निभानी चाहिए। प्राकृतिक जलस्रोतों की सुरक्षा और उनका विकास हमारी जिम्मेदारी है। अपनी राय कमेंट करें, खबर को साझा करें और जल संरक्षण की जागरूकता फैलाएं। सतत प्रयासों से ही हम गिरिडीह को 24 घंटे पेयजल उपलब्ध कराने में सफल बना सकते हैं।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

News dekho specials


IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070
आगे पढ़िए...
News dekho specials

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Saroj Verma

दुमका/देवघर

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: